00:00यो यंदर जी यह ऐसा क्यों होता है यह हमने अक्सर देखा हम तो बजट हो गया काफी साल हो गया ख़बर करते हुए सरकार को ऐसा क्या हो जाता है सुभा-सुभा की सुभा-सुभा ख़बर मिलती है कि आपने लपीजी का दाम सडेनली 50-60 रुपे बढ़ा दिया एक सेलिंड
00:30इशू है वो यह है कि government को sensitive होने की जरुवत है इन situations में और क्योंकि देखिए आज भी हम मानेंगे कि एक ऐसा देश है जो emotions पे और sensitiveness पे चलता है और उसमें आप कोई भी ऐसी चीज़ अगर करते हैं जो आपके day-to-day routine को और आपके जो cash flows को affect करती है तो वो उल्टा positive के बज
01:00चलती है दिल्ली में उन्चास रुपए तक की बढ़ोतरी यानी सत्रह सो चालीस रुपए पचास एक सिलिंडर इमेजिन करिये डॉमेस्टिक ये कमर्शिल नहीं आपका 19 केजी का सिलिंडर है अब तो मैं LPG लाइन शुरू मतलब मेरे घर पे तो चलो वो connection लगा हुए तो म
01:30ये भी है कि रुपया गिरता जा रहा है धराम से गिर चुका है वो उठने का नाम नहीं ले रहा उपर से हमारे जो तेल के
01:37resources है वो रशिया और बाकी जगों से हट करके दूसरी जगह हम जा रहे है तो ये अगर inflation तो आना ही आना है इसको तो कोई रोक ही नहीं सकता
01:47इस तरीके से उन्होंने इंफलेशन को इन जेनरल रहा है वो रियली काभिले तारीफ है येस देर चैलेंजेस क्योंकि अगर हम ये देखे की
02:05225 के अंदर जिस तरीके की disruptions रही है और जिसमें majorly हमने ये देखा कि
02:12इंडिया ने जो है इंडिया क्या इस ताइम आगर आप में भी देखे की अंसर्टेंटी के दौर से सर्टेंटी की तरफ जा रहा है तो ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि आपको जो है इन सारे पेरिमिटर्स को ध्यान में लगका चलना पड़ेगा अगर आपको अगर �
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