00:00नमस्कार, BLF के इस प्राचीर से, One India के special broadcast में आपका स्वागत है, मेरे साथ बैठे हैं यहाँ पर प्रभाकर मिश्रादेश के जाने माने पत्रकार और इनके social media comments अकसर headlines बनाते हैं, आज इनसे हम चर्चा करेंगे प्रभाकर जीव, सबसे पहले तो बहुत बहुत थने बाद One India
00:30जो चात्रे समुहों में UGC के जो नए नियम आने वाले थे, उस पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद जड़प हो गई, इस पूरे प्रकरण का bigger picture क्या है, आप इसको कैसे देखने हैं, कल जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी तो सुप्रीम कोर्ट ने इस प
01:00सुप्रीम कोर्ट ने एक बात और कही जैसे सुरेगान ते एक बात और कही थी, कि अगर हम इस regulation पर इस समय रोक नहीं लगा, दखल नहीं देते हैं इस मामले में, तो इसका परड़ाम बहुत कंभीर होगा, तो दरसल regulation आया और regulation पर रोक लग गया, लेकिन इस तोरान जो चर
01:30इस discourse के दोरान जो आपसी नफरत जो पड़ी है, आप देखोगे, अगर सोसल मेडिया आगर हम यह कहें कि आज कई यूद को देखियो और समाज का क्या मारा उसको नफस को टटोलना है तो आप सोसल मेडिया बजाएए, वहां आप देखेंगे, कि जो हमारे बड़े खास, ज
02:00इस रिपोर्ट किया और उसे मैंने अपनी भी बात रखी और यह बताया कि इसमें कहा कहा कमिया है, तो मेरे को आप लिखने के बगल में, रैकेट में तुम और गाली आई, यह बता रहा है कि हमारे सोसल फैप्रिक को कितना इसने चोट पहुँचाई है, तो इसमें, लेके,
02:30मुझे लगता है कि सियास्त, पॉलिटिकल पार्टियां सियास्त नहीं करेंगे, तो करेंगे क्या, यह बतान तो नहीं रुपेंगे, लेकिन मैं उस सियास्त के मुखालिपत करता हूँ, जिस सियास्त से समाज को नुकसान, वो नुकसान हुआ है, वो मैं महसूस करता हूँ,
03:00दोसरे को कह दिया जो मनमुटाव अच्छा ये भी वही निकला अभी मैं किसी पत्रकार से बात करा था उनके लिए इसा मोदा ना है अच्छा तो आप भी अब नाम देखकर सरनेम देखकर इस तरह की जब पड़ियां आ रही है जेनलिस्ट को खास करके मैं अपनी बात बताता
03:30और में बहुत लोगों ने मैं जहां का हूँ मेरे पुरवांचल और बिहार में बहुत लोगों ने शायद बहले भाप लिया होगा जाए वो दौर था आपको याद होगा नभे का दौर था जब लोगों ने सरनेम छोड़ दिया था बढ़ा लोगों ने कर लोगों ने रं�
04:00प्रवाकर मिश्रा जब कहीं किसी मुसलमान का घर तोड़ा जाता है कुछ जहांगीत पूरी में कुछ ऐसा होता है वहां जब भड़ा होगे चलाते हैं प्रवाकर मिश्रा बहुत बढ़िया पत्रका रहा है यही प्रवाकर मिश्रा जब कोई लखींपूर खीरी में किसी
04:20किसानों पर रतियाचार होता है और चलाई जाती है वहां पर वो मिस्टर टेनी उनके जब इस तरह का वहां पर इने जब अन्याय खिला पारुप लगा ने बहुत बढ़िया पत्रकार लेकिन एक पत्रकार जो खानून जाँता है जो समझता है जो रेकुलिशन की बार क्यों�
04:50इसलिए तुम डिफेंड करते हैं, इस पीड़ा को कौन समझेगा, और ये, ये, ये, ये, मैं एक इंडिविड़ियुल के तौर पर, एक पत्रकार के तौर पर, ये मैं पीड़ा सब को कर रहा हूँ, गालियां बढ़ रही है, अब ये बता रहा है कि हम, हमको क्या हो, इस इस �
05:20सरकार ने फिर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, कोई question नहीं उठाया है उस पर अभी तक, ये जो पूरा का पूरा मामला है, कहीं न कहीं कुछ thinkers इस तरह से देखना है, कि सरकार ने बस एक आग सुलगा दी है, वो दोनों सवर्णों की भी बाद कर रहे हैं, वो SCST की, OPC की भी �
05:50सब्सक्राइब करते हुए, और इस वीच में धेर सारे कानून आए, धेर सारे regulation आए, notification आए, जब भी किसी कानून, किसी notification, किसी circular को challenge किया जाता है, तो सरकार उस यार्चिका का विरोध करती है, बिल्कुल, बिल्कुल, सरकार उस कानून को justify करती है, और जब ये लगता है कि
06:20पहले मुझे सुन लिजिए, बिना सुने, आप रोक मत लगाइए, लेकिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं किया, और सरकार के दूसरे बड़े भी धियादिकारी, सुप्रीम कोर्ट ने बिना विस्तित सुनवाई कि सरकार और UGC का पक्ष सुने, एक regulation पर, �
06:50पक्ष में, सरकार ने उसको डिपेंड करें के लिए, एक शब्ड सरकार ने, मैं ने कही यही कहा, अदालत के फैसले के बाद, लोग अदालत पर टिपड़ी कर रहे थे, जश्चिस उरीकान पर टिपड़ी कर रहे थे, जुडिस्री ऐसी हो गई, मैंने कहा इस पर टिपड�
07:20सुप्रीम कोड के सवालों के उनके पास जवाब ने, सुप्रीम कोड को सवाल पुचा, मतलन जो 4-5 सवाल फ्रेम किये, उसमें एक मत्मूल सवाल है, कि आपने स्ट, SC, ST, OBC तो आपने एक बैकेट में रख दिया, लेकिन मान लो कि OBC के ओपर वाले, नीचे वालों के साथ �
07:50पात जो पूर्ट में सुनाई के दौरण आई थी, आपने भी महसूस किया होगा, आप जिसके भर के भी बच्चे अगर कहीं बढ़ते हैं, आपने सुना होगा, रेगिंग का उन्मूलन हो गया, यह हो गया, लेकिन अभी भी होता रहता है, जी जी बिल्कुल, लेकिन आपन
08:20गया, अब सवाल जो कहने वाले, जो कह रहे हैं, वह भी सी जोड़ा गया, पंके ची आपने भी पढ़ाई करी है, मैं लावाद विश्विद्याले का एस्ट्रेंग्ट तो दिल्ली विश्विद्याले जाते रहता हूं, मैं कही लोगों से बुस्ता हूं, परती है कि विश्
08:50पार्टी के तब तब हुआ करता था, तो वैसे में ये जो परिभाशा जो गड़ी आपने जो ओबी सी को जब आपने उसमें ड्रैकेट में डाल दिया, एसी एस्टी के साथ ओबी सी को, तो फिर सवाल उठा कि कहीं ये वो तो नहीं कि जो पंद्रफ पचासी, जो पंद्र�
09:20अधियुक्री हुआ है, इसमें मेरिट हो सकता है, मैं नहीं कहूँगा इसलीए मैं कहने वाले कहेंगे, लेकिन इसमें मेरिट हो सकता है और अब सरकार को लग गया है कि
09:33अगर सरकार कोई नहीं लगा होता तो कल मेता सुप्रीम कोट में खडा होके कहते माइलॉर्ड इस कानून में कोई कम्या नहीं है इस कानून में समिधान सम्मत है
09:50इस कानून में यह है वो है दुनिया वर की बात यह भी कहते हैं और पहले सुन लेजिए सरकार के पक्ष को फोड़ा समय दीजिए और पंकर जी सामान ये तया अदालत कई बार कह चुकी है कि किसी कानून किसी सर्कुलर किसी नोटिविकेशन पर हम बिना सुनवाई के रोक नह
10:20बहुत बढ़ा होगा बिल्कुल बिल्कुल लॉंग थर्म कॉंसिक्वेंसे हो सकते हैं प्रभाकर मिश्रा जी हमसे जानकारी और अपने अनुभव को साजा कर रहे थे बनारस लिटर्टर फेस्टिवल के सायोजन पर इनसे मुलाकात हुई और यूजी सी का पूरा मामला जो
10:50प्रसंगों में और कॉलेज और शेक्षिनिक प्रतिष्ठानों में ये देखने वाली बात रहेगे बहुत बहुत थनेवाद इस प्राटकास को देखने के लिए
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