00:00मी सुनेत्रा अजित पवार दांधर्य पुरोग प्रचिद्निया करते की महाराष्ट्र राज्चा अच्छी उपमुख्यमंत्री में होई
00:09महाराष्ट्र की राजनीती में एक ऐसा भूचा लाया है जिसने ना केवल राजनैतिक गलियारों को बल्कि आम जनता को भी स्तब्द कर दिया है
00:23महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार एक महिला को उपमुख्यमंत्री पत की जिम्मेदारी सौपी गई है
00:29और वो चहरा कोई और नहीं बलकि सुनेतरा पवार है
00:33राजभवन में आयोजत एक बेहत गोपनिये और तुरित कारिकरम में राजपाल ने सुनेतरा पवार को पद एवं गोपनिये ताकी शपत दिलाई
00:41ये घटना करम इसलिए भी चौकाने वाला है क्योंकि सुनेतरा पवार जो अब तक परदे के पीछे रहकर राजनीती संभालती थी
00:48अब सीधे सत्ता के केंदर में आ गई है
00:50लेकिन इस एतिहासिक शपत ग्रहन समारोह से जो सबसे बड़ी खबर निकल कर सामने आई
00:55वो थी पवार परिवार की गहरी खाई
00:58इस पूरे समारोह के दोरान राष्टरवादी कॉंग्रिस पार्टी शरत चंदर पवार के दिगजनेता शरत पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले पूरी तरह नदारत रहे
01:08सत्ता के इस नए समीकरण ने महराष्टर की राजनीती में एक नया अध्याय लिखतिया है
01:13जहां एक ही परिवार के सदस्य दो अलग-अलग धुरुवों पर खड़े नजर आ रहे हैं
01:18जब मीडिया ने इस अचानक हुए घटना करम पर शरत पवार से सवाल पूछे
01:22तो उनके जवाबों ने सब को और भी हैरान कर दिया
01:25शरत पवार ने इस पूरे मामले से खुद को पूरी तरह अलग करते हुए कहा
01:29कि उन्हें इस शपत ग्रहन के बारे में रत्ती भर भी जानकारी नहीं थी
01:33पवार ने सपश्ट किया कि उन्हें इस बड़े फैसले की खबर
01:37न्यूस चैनलों और मीडिया रिपोर्टों के जरिये मिली
01:39बारामती में आयोजित एक प्रेस कॉन्फरेंस में उन्होंने कहा
01:42कि ये फैसला राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी के दूसरे गुट का आंतरिक निर्नय हो सकता है
01:47और इस बारे में उनसे कोई सला मश्वरा नहीं किया गया
01:51उन्होंने प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे का नाम लेते हुए संकेत दिया
01:55कि शायद इन नेताओं ने ही पार्टी के भीतर ये पहल की होगी
01:58शरत पवार के बयानों से साफ जलक रहा था कि परिवार और पार्टी के बीच का समवाद अब पूरी तरह तूट चुका है
02:04उन्होंने ये भी खुलासा किया कि अजीत पवार ने दोनों गुटों के विलय के लिए बारा फरवरी की तारीक तह की थी
02:11लेकिन उससे पहले ही इस तरह का कदम उठाना कई अनसुल जह सवाल खड़े करता है
02:15वहीं दोसरी और सुप्रिया सुले की प्रतिक्रिया ने राजनेतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया
02:21जब उनसे उनकी भाभी सुनेता पवार के उप मुख्यमंत्री बनने पर सवाल किया गया
02:26तो उन्होंने बहुत ही रहस्यमई चुप्पी साधे रखी
02:28सुप्रिया सुले ने इस विशय पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया
02:33उन्होंने बस इतना कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता
02:36सुप्रिया ने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा
02:39कि संसत का बजट सत्र शुरू होने वाला है और उन्हें दिल्ली जाना है
02:43उन्होंने जोर दे कर कहा कि चूंकि वो सदन में अपनी पार्टी की नेता है
02:47इसलिए उनका दिल्ली पहुँचना अनिवार रहे
02:49लेकिन सबसे दिल्चस्प मोड तब आया जब पत्रकारों ने उन्हें घेरने की कोशिश की और उनके मन की बात जाननी चाही
02:56सुप्रिया सुले ने किसी भी विवाद या तीखी प्रतिक्रिया में पढ़ने के बजाए
03:00केवल राम कृष्ण हरी बोला और वहां से निकल गई
03:03उनका ये अंदाज सोशल मीडिया और राजनेतिक हलकों में चर्चा का विशय बन गया है
03:08सुप्रिया सुले का राम कृष्ण हरी कहकर वहां से चले जाना
03:11ये दर्शाता है कि पवार परिवार के भीतर मतभेद अब उस तर पर पहुँझ गए है
03:16जहां शब्दों से जादा मौन और आध्यात्मिक उधरणों का साहरा लिया जा रहा है
03:21एक तरफ सुनेत्रा पवार का उप मुख्य मंत्री बनना महिला सशक्ति करण के लिहाज से राज्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है
03:28तो दूसरी तरफ शरत पवार और सुप्रिया सुले की इस समारोह से दूरी ने साफ कर दिया है
03:33कि बारामती की राजनीती अब पहले जैसी नहीं रही
03:36सत्ता की इस लडाई ने रिष्टों की गरिमा और राजनेतिक वफादारी के बीच एक ऐसी रेखा खिंच दी है
03:42जिसे पार करना फिनहाल नामुम्किन लग रहा है
03:45महराष्ट्र की जनता अब इस बात का इंतजार कर रही है
03:48कि आने वाले बजट सत्र और आगामी चुनावों में इस नहीं राजनेतिक विवस्था का क्या आसर पड़ता है
03:53सुनेत्रा पवार के शपत लेने के साथ ही राज्य की राजनीती में एक नया शक्ती केंद्र स्थापित हो गया है
04:00जिसने पुराने दिगजों को भी सोचने पर विवश कर दिया है
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