Skip to playerSkip to main content
योगी आदित्यनाथ बनाम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती—क्या वाकई धार्मिक वर्चस्व की जंग चल रही है?
प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की चर्चाओं में है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पदवी, शंकराचार्य परंपरा और उनके दावों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए OneIndia Hindi सीधे सुप्रीम कोर्ट मीडिया पार्क पहुंचा, जहां मैंने, Shivendra Gaur, Special Constitutional Functionary Shubhajit Dutta से मुलाकात की।
उन्होंने न सिर्फ यह स्पष्ट किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में किस स्थिति में है या नहीं है, बल्कि यह भी बताया कि:

शंकराचार्य परंपरा क्या कहती है
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से कहां कानूनी चूक हुई
उनका ज्योतिर्मठ शंकराचार्य होने का दावा क्यों सही माना जाता है
और कैसे यह विवाद अब धार्मिक श्रेष्ठता बनाम राजनीतिक सत्ता की बहस में बदलता दिख रहा है
यह रिपोर्ट तथ्यों, साक्ष्यों और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी वास्तविक स्थिति पर आधारित है—बिना अफवाह, बिना आरोप।
पूरा वीडियो देखें और खुद तय करें—सच क्या है?

Yogi Adityanath vs Swami Avimukteshwaranand Saraswati — is this a battle for religious supremacy?
The controversy that began during the Magh Mela in Prayagraj has raised serious questions about the Shankaracharya tradition, legitimacy of titles, and claims of a case reaching the Supreme Court.

To uncover the truth, OneIndia Hindi reached the Supreme Court Media Park, where I, Shivendra Gaur, spoke exclusively with Special Constitutional Functionary Subhajit Dutta.

#YogiVsAvimukteshwaranand #ShankaracharyaControversy #SupremeCourtTruth #ShivendraGaur #SubhajitDutta #Jyotirmath #MaghMelaPrayagraj #ReligionVsPolitics #OneIndiaHindi #IndianPolitics #ReligiousDebate

~HT.318~ED.110~

Category

🗞
News
Transcript
00:00मठादीज भी है तो नात सेक्ट के साथ संकराचेरिय से दोनों ही साइबाइट है
00:08सीब का ये उपासक है तो दोनों का एक जो है ज्यादा प्रभुत्त का लराई भी हो गया
00:15और इसमें यूपी सीएम ने सीएम होने के नाते उनका स्टेट पावर पोलीस पावर जो भी है
00:30और बोला है कि बाकी तिन संकराचेरिय पिट ने उनका मठादीश में इनको संकराचेरिय माल लिया हारदार करवाई होगा और साथ में बोला है कि अल्सेरिमोनीज एंड रिच्वेल्स कंटिनूट होगा तो आभी जो माग मेला लग रहा है तो सरुपनम जी का एपसेंस में
01:00के और तमाम चीजों संकराचार यह इसकी चर्चा सुप्रियम कोट में भी है और यह बिबाद इसके क्या कानूनी पहलू है क्या राजनेतिक पहलू है तमाम बाते हो रही है हमारे साथ सब्सक्राइब कांस्टिशनल फ्रक्शनरी सुभोजीत दत्ता
01:18आप हैं आपने यह कागज लिया हुआ इसी संब्सक्राइब का है क्या है कब का है मामला ही सुप्रिम कोट में है बड़ा सुप्रिम कोट को लेकर भी बात यह सुप्रिम कोट का वही ओडर है यह 2022 का
01:35एक ही सेप्टमबर का है सिविल एपिल नंबर 3010 अप 2022 यह है यही अभी मुक्त सरानंद का केस का जो मैटर है इसका लास्ट बड़ा जो ओडर हुआ था यह सुप्रिम कोट का ओडर है उसके बाद से यह ढिला पर गया था और लास्ट हीरिंग इसका थाड ऑक्टोबर 2024 में ह
02:05नहीं है इस तरह की बात कही जा रही उसमें क्या सचाई है बे बुनियाद है इनको सुप्रिम कोट में यह जो आडर है इसको चैलेंज करके कोई कुछ नहीं किया हलाकि इनको इसके एगे रिप्लाई दने के लिए भी वीपक्स को बताया गया था इसमें मैं साब पर रहा ह�
02:35संकर अचाड़िया प्रतीस पित और जातिरमण से प्लाई लाइप्लाई इंडॉस्ट नहीं इसका है कि इनको संकरअचाडिया बनने का विल बाके ही इनका गूर्ण मैं सरस्तिजी करके गया थे जो सुप्रीम कोड ने मार लिया और बोले थे इनको चैलेंज करके कि बीपक
03:05तो वह में आपका यह है क्योंकि अब राजनेतिüş बात शरकार का विभक्स. आप जो मात कर रहा है वह शंका चार के ब्रोद में, को टरोट के ए
03:34हूँ आज तक कोई stay order नहीं जरी किया इसमें status quo maintain करने
03:39के लिए लिखा गया था और status quo conditionally maintain करने के लिए
03:43लिखा गया था कि सरुपनान सरस्ति का नीधन हो गया इसके मतलब
03:46यह नहीं कि यह अभी मुक्तिसरानंद जी और इन लोग ने जो है
03:51कोई ritual ceremony यह नहीं करेंगे चुपचा बैठ जाएंगे और सरुपनान जी
03:55will करके गये थे और will में बाके ही लिख के गये थे कि इनका जो
03:59next संक्राचरिय अभी मुक्तिसरानंद जी बनेंगे अभी मुक्तिसरानंद जी ने
04:04गलती क्या कर लिया उन्होंने प्रिपरेशन ठीक से नहीं किया साथ में
04:09lawyers लेके जाना चाहिए था यह सब papers लेके जाना चाहिए था यह जो अभी
04:13माग मेला में साही स्टनान के लिए तो उसमें जाके यह दिखा देते और
04:17प्रॉपर इंटर्पूटेशन कर देते तो उनको रुगने का किसी का हिम्मद नहीं था और इसमें जो प्रयाग राज का कुम मेला का एरिया का जमीन का विवाद भी जुड़े हुए है
04:27सुप्रीम कोट ने ऐसलपी में जो है यह एक्चुली एलावाद हाई कोट का एक फास्ट एपील के एगेंट सुप्रीम कोट में मैटर आया था तो वो फास्ट एपील का नंबर कोई उसमें जमीन सरुपानंद सरस्टी का नाम में यूपी गोभर्मेंट को देने के लिए क�
04:57तो उसी सरुपनंद सरस्ती जी का निधन के बाद उसी जमीन तो सुप्रीम कोट का ओडर से ये सरुपनंद सरस्ती जी का नाम में अलोटेड होके रखा है तो वहाँ पे कैम लगके रखा है इवन बोर्ड लगके रखा है अब उनका निधन के बाद बोला है कि सारे रिच्वि
05:27में जाके उहां बैटना चाहता था और साइस नान करके publicly उसके उपर दखल लेना चाहता था तो वो यूपी गौप्रम्मेंट का अभी हाथ में है यूपी गौप्रम्मेंट अभी वो जमीन नहीं देना चाहता है और अपना कपजे में रख दिया सुप्रीम कोट का order के बाव�
05:57समक्राचरिय पीट ने उनका मटहदीश में इनको संक्राचरिय लिया हार्दर चरवाई होगा तो अब यूब समय स्वाल के करना चाहता हूं नम्बर एक आपने जो मुझे समझाया मेरी जिंग समझ में आया कि debrao की बज头 कलया
06:27प्रसेस को माल लिया है लेकिन उसके एगन्स जो अब्जेक्शन फाइल करने बूले थे आज तक कोई अब्जेक्शन फाइल नहीं किया
06:42hearing further, यानि कि उनको
06:44code में, supreme code में
06:46कोई challenge नहीं किया अस्तर, बाहर में कोई
06:48कुछ भी challenge करे, और दूसरा बात है,
06:50दूसरा बात है, जो will
06:52अगर मैं किसी का नाम में करके
06:54जाता हूँ, मेरा जो next
06:56बनेंगे, वो will को भी supreme
06:58code acknowledge कर लिया, और साथ में
07:00बोला है कि all ceremonies and rituals
07:02discontinued होगा, तो आभी जो
07:04माग मिला लग रहा है, कुम मिला लग रहा है,
07:06तो सरुपनांद जी का absence में
07:08उनका, जो नेक्ट हकदर है, वही तो
07:12ceremonies, rituals करने जाएंगे, लेकिन
07:14इनका preparation गलता, ये law and order
07:16का समझ कि आपने उन्होंने प्रापर तरीके सा
07:18नहीं किया, अब उनकी जमीन की बात हो
07:20रही है, जमीन कभी इसमें मैट रहे है, जमीन
07:22अगर मिल, अगर यूपी गवर्मेंट देती,
07:25तो अभी मुक्तेसो नंद बहाँ पर
07:26उसको एक्वाइक कर सकते हैं, जमीन
07:28अल्डेडी यूपी गवर्मेंट को सुप्रीम
07:30कोड अडर दे के रखा था, सरुपनंद जी का
07:32नाम में देने के लिए कुम मेला का
07:34प्रेमिसेज में, तो सरुपनंद जी का
07:37नाम में जमीन अल्डेडी है, होगा,
07:39अगर नहीं दिया तो यूपी गवर्मेंट ने
07:41सुप्रीम कोड का कॉंटेंट करके रखा है, जब आप
07:43देना पड़ाएगा, अच्छा एक चीद देखे, अब इस
07:45में इसमें दो तीन बाते हो रही है, और एक
07:47बड़ा बात है, मैं जूट दूँ, मैं उस दिन
07:49देख रहा था, जिस दिन ये जरप टाइप का
07:53जो भी हुआ है, या बावाल हुआ है, उसमें प्रयागराज का
07:56डियेम खरे थे, जिसका नाम साहिद मनीस करके कुछ है, तो उन्हों
08:01ने, इलावाद हाई कोड में एक सिंगल जाज के सामने, इन्हों
08:06ने, बोल नहीं पा रहे थे, क्योंकि एलावाद हाई कोड का, उन्हों
08:10ने खुद जो है, कॉंटेम्ट कर दिये थे, क्या बोलके, एलावाद हाई कोड का सिंगल जाज
08:15ने कोई ओडर धियेम को दिया था, फलाना दिन के अंदर कंप्लाई करने के लिए, और
08:19कंप्लाई नहीं किये थे, और जवाब में बोल रहे थे, हमने स्टेट गवर्मेंट का डाइरेक्शन का इंतजार कर रहा था, यानि के डियेम, प्रयाग राज, वो कोड को मानता नहीं है, हाई कोड को भी, सुप्रिम कोड को भी, तब वो सिंगल जैज ने डियेम को फटकर
08:49बीजेपी के पक्ष में माना जाता रहा है, ठीक है ना, और इसमें अगर एक अवास ऐसी निकल के आती है, जो नाराज जी के तहती समझ लीजिए, कुछ और समझ लीजिए, वो बिरोत करती है, तो विपक्ष के दल आने की सपाव कांगरेस बगएर उस पर बात करेंगें, �
09:19संकराचरी थे, बीजेपी हो, आरेसे सो, या कॉंग्रेस हो, ये दो दिन का बच्चा है, क्यों हिंदूत तो बहुत पहले से था, ये तिनरमूल कांगरेस हो, डीम के हो, तो वो बिरिटिस प्रियोड में भी, मुगल का प्रियोड में भी, इन लोगों को कोई चैलेंज नही
09:49में पॉलिटिकली जो है, स्टेट पावर को हिंदूत्य के एगंस्ट या रिलीजियन के एगंस्ट मिस्यूस कर दिया, जो सेकुलरिजम के एगंस्ट जाता है, जो आर्टिकल फिप्टी ट्वेंटिफाइब बी, जो है, ट्वेंटिफाइब बी अब दा कॉंस्टिवूशन
10:19मैं बीपक्स का बाद में आऊंगा ही, मैं खुद का गलती देखूंगा, आपको स्ट्रेट होना है, तो रिलीजियन के उपर रहना है, क्योंकि सेकुलरिजम इस बेसिक स्ट्रक्चर अब दा कॉंस्टिवूशन, एस पर इसा वो माई जज़में, यूवी सरकार की गलती है,
10:49करके धरम के उपर रहना है, आप वो भी करोगे, आप इधार से बोलोगे हम मठादीज भी है, तो नाथ सेट के साथ संकराचेरिय सेट, दोनों ही सहिवाइट है, शीव का ये उपासक है, तो दोनों का एक जो है, कौन ज्यादा प्रभुत्त का लराई भी हो गया, और इसमे
11:19जाके अंदादून मौका का तलाज में के यह भी ऐसे लड़ने आ गया, यूज कर दिया, मिस यूज कर दिया, यह सुप्रीम कोट देख लेंगे, सुप्रीम कोट में मैटर जब पेंडिंग है, दोनों के लिए पेंडिंग है, तो यह आपने सुना कि किस तरीके की बात थी,
11:49का कहना है, और दूसरी बात है, उसमें बाद बढ़ गया, विवक्ष में उसका फाइदा उठाना सुनूर कर दिया, और कहीं ना कहीं, मेरा मानना जी आप भले ही ना मानो, लेकिन अभी उक्तरे स्वाध नंद जो हैं, वो भी इस तरीके से एक पार्टी बनते से निजर आ �
12:19subscribe to one India and never miss an update.
12:24Download the one India app now.
Comments

Recommended