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1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 2026-2027 का बजट पेश करेंगी। बिहार की महिलाओं से सुनिए की उनकी मोदी सरकार से इस बजट को ले कर क्या उम्मीदें हैं।
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00:00सरकार का बज़त हम तो पहले सबसे पहले रसुई गैस रसुई को लेके है तेल
00:05महंगा है दाल महंगा है सब कुछ महंगा हो रहा है तो इसलिए और प्लस
00:10महिलाओ का सबसे आकर्सित रताया किसे जोहली तो जोहली में सोने चांदी
00:15पर दाम कम हो यह इस्पेक्ट करती हूं कि कम से कम उस पर टैक्स कम करें कि दाम कम हो
00:20मार्कित में हां घरेलू कीचन से जो भी संबंदी थे तो
00:25तेल है मसाला है तेल का दाम सोची एक सो असी एक सो नबे हो गया है तो वो कुछ कम हो
00:30रसोई ग्रेस पहले जो 900 रुपिया अभी सारे 900 में लेते हैं पहले सबसीडी आता था
00:35था 300 कुछ रुपिया अभी 89 रुपिया आ रहा है तो हम लोगा तो सीधे 300 सारे 300 बज़े
00:40यहां पर बैलेंस गरबर हो रहा है तो रसोई गैस में ज़्यादा हो टरंस्पोर्ट
00:45का चार्ज जो वह साग सबजी है यह सब में भी बजट का में उमीद करते हैं कि टैक्स
00:50कम करेंगे तो बजट पैट्रोलियम का दाम बर रहा है तो कम से कम यह सब
00:55करते हैं कि पैट्रोल डीजल यह सब कम हो तो हम लोगों को भी थोड़ा सा प्राइब
01:00पोकेट कम हो बाइब बाइब से जाते हैं एक लीटर पेट्रोल दस किलो पंदा किलो मीटर में खाता हूं
01:05एक सो बीस रुपिया एक सो चोबीस रुपिया जैसा ते लिए वैसा दाम हो गया तो यह सब कम
01:10अहां साथ रुपे था पेट्रोल पहले साथ रुपे था तो मोदी जी आए सब कुछ करते हैं
01:15बजट में यह हो महिलाओ के लिए कर रहे हैं लेकिन जेनरल मारा जाता है
01:20खरीब के लिए तो बहुत सारे योजना है लेकिन जो जेनरल लोग है उनके लिए क्या योजना है
01:25दिया है तो यह जो योजना हाता है हम चाहते हैं कि सभी के लिए एक बड़ावर हो क्योंकि
01:30गरीब बड़े लोग भी होते हैं सिब छोटे लोग गरीब नहीं होते हैं गरीब बड़े लोग भी होते हैं
01:35तो हम योजना एकदम एक समान हो इस्कूल का फीस हो फीस का भी बड़ाई है
01:40बजट एक रूल होना चाहिए कि किसी भी इस्कूल का चाहिए वो बड़ा इस्कूल हो या चाहिए
01:45चोटा एक कहीं भी दिल्ली बॉम में कलकाता कहीं भी हो एक फीस हो
01:50जैसे सरसोई इसका है कि हाँ भी बिहार में 900 रुपया है तो 900 रुपया है उसी तरह इस्कूल का
01:55अब ही एक लिमिट फीस हो कोई कहता है अब दो दस अजार तो बच्चे को कैसे पर रहेगा लोगा
02:00सरकारी स्कूल में भी उस तरह का सुविदा दे ऐसे सरकारी स्कूल है
02:05तो प्रावेट जैसा सुविदा दे क्यों हम लोग प्रावेट में जाएंगे सरकारी में बच्चे को पराएंगे
02:10हम लोग अथोकार नहीं है कि मतलब सरकारी प्रावेटी स्कूल में पढ़ा सके कोई भी स्कूल करेंगे
02:15पाच अजार साथ अजार से कम फिसी नहीं है
02:17नर्शारी में अभी वन टू भी पढ़ाएंगे
02:20आने के लिए तो दस अजार का महीना दीजिए पाच अजार बस का चार्ज दीजिए तो इसका भी
02:25बहुत ज़्यादा हम लोग चाते हैं कि यह सब कम हो एक डूल हो बजट में
02:30पूनम सिंग देखिए बजट को लेके हर बार हम लोग एक फीमेल होने के नाज़
02:35आते मैं कहूं तो हर बार हम लोगों को उमीदे बहुत जादा होती है बहुत उमीदों पर मोदी जी खड़े उतर
02:40करते हैं और हर बार उतरते ही हैं क्योंकि जहां गाओं में गैस सिलिंडर नहीं था वहां गैस
02:45लोग आज कल यूपी आई यूज कर रहें आप देखें कि गोलकप्पे वाले से लेके एक वाले को
02:50वह था कि हम हम ऐसा भारत लाएंगे जहां पर गोलकप्पे वाले यूज करेंगी यूपी आई तो आज
02:55कर रहे हैं बहुत आगे बढ़ा है हमारा भारत और उसके साथ साथ बिहार भी लेकिन वह कह दो
03:00कि बहतर से बहतरी की उमीद हमेशा होती है तो वहीं बहतरी की उमीद हमेर सीता रमन जी से है
03:05कि कम से कम और बहतर है और बहतरीन करें लाइक देखिए बाव
03:10मोदी जी काम तो बहुत अच्छा कर रहे हैं बजट हर बार अच्छा ला रहे हैं आप देखे जहां लोगों
03:15कि जो मिनिमम आए दस बंद्रह हजार थी आज लाखों में पहुंचे लोग कह रहें कि टाक्स बहुत बढ़ गया
03:20लोग के रहें महेंगाई बढ़ रहे हैं लेकिन उसके साथ साथ आप देखिए ना सैलरी भी तो बढ़ रहे हैं हमारे पिता जी कभी चाहिए
03:25में काम करते थे हमारे आज लाक रुपे लोग कमा रहे हैं तो बढ़ी है ऐसा नहीं है कि
03:30हमारे जो बेसिक जो यह हमारा स्टैंडर अफ लिविंग जो है
03:35वह बढ़ा है हमें पहले क्या प्रेक्षा बहुत बढ़ा है हॉस्पीटल की विश्व विदाय अची हुई है
03:40देखिए बीपेल में जो गरीब को अनाज मिल रहे हैं मेडिकल सो विदाय मिल रही है
03:45आयू शमान भारत मिल रहे है तो उसी तरीके से काम तो महत अच्छा हुए और इस वार
03:50और उमीद करेंगे कि और अच्छा हो हमारी जो एड्यूकेशन को लेके जो है
03:55वो अच्छा हो और एक मैं यहाँ पर रिक्वेस्ट करना चाहूंगी कि जो सरकुछ
04:00सरकारी स्कूलों में जो प्रवधान है वो तो बहुत अच्छा है लेकिन जो प्राइबेट स्कूलों की
04:05तो बेल अगाम फीज है कम से कम उसके बाउंटरी लाइन रखा जाए कि इससे उपर आप नहीं जा सकते बस
04:10इस बार हमें यहीं उम्मीद है एजुकेशन हेल्थ और बिहार्थ हो रहा और डेवलब करें
04:15और विशेस राजी का दर्जा मिले ताकि बहारी कहीं भी प्राउडली बता सके कि हाँ हम बहारी हैं
04:20अजली हाँश वाइफर हाँश जी हाँश वाइफर मीद के बाई में
04:25तो बात नहीं कर सकते क्योंकि वो तो एक surprise की तरह आने वाला है कि budget क्या होने वाला है लेकिन हाँ उम्मीद
04:30हम ये रखेंगे जरूर कि budget ऐसा हो जो अभी फिलहाल
04:33because बिहार is now at the
04:35stage of developing अब डेवलाप कर रहा है तो budget अगर आप थोड़ा budget
04:38friendly रखेंगे तब ही तो development
04:40में help कर पाएंगे जैसे कि education हो गया बाकी के और जैसे महिलाएं है लेडीज है वो चाहिए
04:45जाती है कि उनका जो kitchen item है फ्यूल है वो सब पर थोड़ा कंच्रोल आए बेगे
04:50मेरा तो यह मानना है कि थोड़ा education में you know education की fees विगरा कम की जाए बच्चों को
04:55scholarships दिये जाए ज्यादा से ज्यादा not just government वाले policies private school
05:00में भी potential के हिसाब से बच्चों को admission दी जाए वहां पर भी scholarship की facilities हो अच्छे इच्छे
05:04schools में
05:05ताकि जो बच्चे अच्छा पढ़ सकें उनको ऐसे रस्ते पर नहीं जाना पड़े
05:10बजट में पेरेंस अफॉर्ट नहीं कर पाते हैं बहुत बार क्योंकि बच्चों के पास टालेंट होते हुए भी हेल्थ के
05:15अच्छा हो हम पटना में कितने ही होस्पिटल्स है या तो आप बहुत बड़े होस्पिटल्स
05:20या तो फिर ऐसे होस्पिटल्स ही नहीं है जहां पर बहुत जादा अपने चाहने वालों को बचाते हैं
05:25सकते हैं I am going through that phase तो मैं को यह मालूम है कि एक हेल्थ केर की भी फेसिलिटी अच्छी है
05:30और बजट उसको भी मेंटेन करना चाहिए उसके बाद और भी बहुत सारी चीज़ें
05:35जैसे यूनो रोटी कपड़ा मकान है ना रोटी सस्ता होगा
05:40तो लोग कपड़े खरीद पाएंगे कपड़ा सस्ता हो खरीद पाएंगे तभी तो मकान पर जा पाएंगे अभी तो रोटी
05:45पूरी हो पारी तो कपड़र मकान पर जाने का फेज नहीं आ पा रहा है बिहारीयों के पास में तो
05:50उस चीज़ पर भी उन लोगों को फोकस करना चाहिए कि मतलब अट लीस्ट थोड़ा सा थोड़ा सा
05:55जो यह खान पान है और यह सब चीजें हैं जो जा रही है कंज्यूमिंग जो भी हमारा कंजम्शन
06:00का जो भी सामाने खाना पीना सबजी तेल मसाले गैस फ्यूल उनको थोड़ा सा प्राइस
06:05का डिडक्शन जरूरी है ताकि यूनो एक छोटे से छोटे लेवल के लोग भी
06:10अच्छे से जी सकें क्योंकि बेसिक चीज तो यार आप खाया जी रहे हो खाने के लिए बीना खाए तो आप
06:15जी नहीं सकते हो तो खाने में थोड़ा कम करो तो लोग आगे की चीजों में सेविंग कर सकेंगे तभी तो कुछ आगे
06:20और बढ़ पाएगा इंडस्ट्रीज को लाइए ताकि लोगों को काम करने का मौका मिले तो वैसे
06:25पैसे आएंगे तो शायद हमारे बिहार का बजट भी आगे बढ़ जाएगा तो इन सब चीजों के पारे में मेरे ख्याव
06:30से फोकस करना चाहिए इस बार मनीशा हम को देखिए पहला नमप
06:35अबर तो है कि ठीक है घरेलू तो है ही वो तो हम लोग जूजी रहे हैं चावल है दाट
06:40है हर कुछ है सब तो महंगा ही है हम लोग मीडियम प्लास के आदमी है ना
06:45हम लोग के लिए तो सब कुछ महंगा है क्या सस्ता है हमको तो कुछ सस्ता नहीं लग रहा है
06:48एक सो अस्ट
06:50रूपे किलो तेल है एक सो असी रूपे एक सो साथ रूपे किलो आपको डाल
06:55है हम लोग कहां होल से लर जाएंगे कहां जाएंगे हम लोग तो भाई आसपास से ही
07:00दुकान से समान करी देंगे जाएंगे कहां हम लोग कहीं नहीं जा सकते हैं अच्छा वो तो है घरे लिए
07:05लूग गैस है और आई सुमान भारत का जो कार्ड हम लोग मीडिल क्लास के लिए कुछ भी
07:10नहीं है हम लोग कहां है हम लोग अगर में हम लोग का अगर कोई हजबन विमार पड़े कुछ पड़े
07:15तो हम लोग के पास क्या है कुछ भी नहीं है तो कम से कम यह जो सत्तर की
07:20हैं तो कम से कम पचास करें आई सुमान भारतोला है पचास और मीडियम क्राइब
07:25करें ताकि हम लोग को कुछ रहात हो ठीक है पाची लाग करें लेकिन हम लोग के लिए तो
07:30कुछ रहात हो वो तो कुछ भी नहीं है कुछ भी नहीं है हम लोग के लिए कुछ नहीं है
07:35और यह तो हो गया अब दूसरी बात यह है कि हम चाहेंगे कि
07:40मेडिकल वाला जो हो मेडिकल फैसलिटी यहां बहुत अच्छी हो
07:45ताकि जो हम लोग का पड़िवार है जो हम लोग बाहर लेके जा रहे हैं वो पाच्छ नहीं है
07:50पटना में इतना अच्छा अच्छा होस्पीटल बने ताकि हम लोग अपने पड़िवार को कहीं
07:55भी बाहर लेके न जाए पटना में फैसलिटी हो अच्छी अच्छी डॉक्टर्स हो अच्छी अच्छी सब
08:00सुधा हो ताकि हम अपने पड़िवार को इलाज करा सके और सब कुछ करा सके
08:05और मेडिकल जो दवा है वो भी सस्ती होनी चाहिए कि ताकि हम लोग
08:10मीडियम प्लास के फैमिली हम लोग है हम लोग अपने दवादारू भी आराम से करा सके और
08:15कोई भी भी और यहां इम्स है इम्स तो दो दो खुला हुआ है क्या खुला है
08:20है नहीं खुला है भगवान जाने एंस में अगर हम कितना भी पैर भी कर दें चाहिए वो कोई
08:25मिनिस्टर लोग का तो नाम हम रखेंगे नहीं यह तो हम नहीं रखेंगे लेकिन कितना भी पैर
08:30भी लगा लेकिन वहां अगर एक सीट भी अगर मिल जाए हम लोग के लिए तो वो नहीं मिलता है
08:35तो हम लोग क्या है हम लोग मजबूरी में लेकर बाहर चले जाते हैं
08:40और प्राइबेट होस्पीटल में ही कहीं भी हो होस्पीटल में हिलाज करा रहा है यह सुवधा हम
08:45सरकार से अपील कर रहे हैं कि यह सुवधा हमको मिले
08:50मेरा नाम संध्या सिंग्वा बजट से हमें बहुत उमीदे हैं पहले तो हमें जैसे की सबसे पहले
08:55किचन हो जाता है फिर अब मैं एक वर्किंग वो में प्राइबेट जॉब्स ही है बट उसके लिए पहले सबसे पहले
09:00पहले यह होता है कि पहले जितने कम पैसे में पेट्रोल भराती थी तो मेरा मंत चल जाता था एक बजट मेरा भी था
09:05कि यह दो हजार में पूरे मन चला लेना बट अब वो नहीं हो पाता है अब वो दो की जगा चार लग जा रहा है तो सब
09:10उसके पहले तो इसे कम करना चाहिए फ्यूल को लेकर उसके बाद दूसरी चीजे किचन में पहले किचन का एक
09:15एक पैसा मुझे मिलता था लिमिट कि इतने में किचन चला ले ना घर तुम्हें अपना उसमें मैं सेविंग भी कर दो
09:20लेती थी बट अभी नहीं हो पा रहा है अभी वो पूरा पैसा लगजे रहा है और उपर से मुझे अपना भी पैसा लगाना पड़ता है
09:24हस्में जो
09:25देते वो तो चला ही जाता है बट मेरा भी और लग जाता है उसमें तो यह इसमें थोड़ा से सरकार को सोचना है
09:30होना चाहिए कि महिलाएं उसी किचन से ही अपने आप के लिए कुछ सेविंग करती है रोज मर्य करते हैं
09:35कि चीजों खरीद खरीद के उसमें से भी कुछ बचता है वह है और हाइए
09:40इसकूल में बच्चे का फी इतना बढ़ गया है कि उसके लिए पहले मेरा एक बच्चा था भी दूस्ट
09:45दूसरे के लिए हम लोग को और महलत करनी पड़े रहे हैं कि दूसरा अब उसको कैसे स्कूल लिंग
09:50सब करने के लिए और ज्यादा मेहनत करनी पड़ी तो सरकार को भी तो सोचने चाहिए कि अगर दो बच्चे हैं
09:55तो स्कूल में फी को थोड़ा कम किया जाए प्राइवेट स्कूल हो रहे हैं
09:58तो
10:00यही सब उमीद है हमें सरकार से बजट को लेकें इशीका
10:05यही सब बच्चे हैं
10:10यही सब बच्चे हैं
10:15यही सब बच्चे हैं
10:20यही सब बच्चे हैं
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