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लोकसभा में उस वक्त माहौल गरमा गया जब स्पीकर ओम बिरला सांसदों के आचरण पर नाराज़ नजर आए।
“ये तरीका ठीक नहीं है” कहते हुए ओम बिरला ने सदन में हो रहे हंगामे और कार्यवाही में बाधा पर कड़ी आपत्ति जताई।

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Transcript
00:00मांने सदस्य गंड एक में इत प्ली बेठ इहे एक मिट बेठत इहे तरिका ठीक नहीं है बैठ इहे सब डिरे मेरी बाद भी अंटी आपने वि्षय उठाइक माय अनुन रहता हूं
00:10मांने सदस्य गंड मांने सदस्य ने सैंस ओफ हाउस का मांञ Kiss का मामला उठाया
00:17लेकिन इस विशे को लेकर इस विधेक को लेकर 99 माने सदश्यों ने अपने विचार रखे रात को डेड़ बजे तक इस विधेक पर चर्चा हुई
00:32सभी दल के लोगों का सभी माने सदश्यों का विचार आया
00:38और मैं खुद रात को डेड़ बजे तक यांपर था और मैंने जो भी माने सदश्य इस पर विचार वेक्त करना चाते थे
00:48अपना डश्टी कोन वेक्ष करना जाते मैंने सब को मोगा दिया चाहे एक दलका वेक्ती हो चाहे किसी भी दलका वेक्ती हो और मेरा 98 मेरा हमेशा प्रयास रेता है कि हर विदेग पर सदन पर व्यापक चर्चा हो माने सदस्ट ने कल उठाये था कितना समय होगा मैंने उस समय �
01:18कोन मत आना चाहे आपने समय बढ़ा दिया आपके केने से
01:25यह संसदिये परंपाओं के लिए उचीत नहीं है वेरा आप से आग रहा है जिस तरीके से माने मंती जी ने
01:54खुद लगातार देड़ बजे तक खुद बेटकर सब के विचार सुने आप भी माने मंती मोदे के विचार सुनों और इस पर आठ घंटे चर्चा
02:05हो चुकी है जो चार घंटे आवंटन उसकी डबल चर्चा हो चुकी इस से ज़़ा चर्चा सब्सक्ति ने हैं
02:10मानि शुरा सिंगी
02:12धन्यबाद मानि अद्यक्ष पहुदय
02:18सबसे पहले
02:21इस पवित्र सदन में
02:25मैं आपको धन्यबाद देना चाहता हूँ
02:29सभापती
02:32महुदय को धन्यबाद देना चाहता हूँ
02:36लगातार राज के देड़ बजे तक
02:39इस जुषई पर
02:43हमने मानि सदस्यों के वीचार सुने
02:47अब जवाब देना मेरा धिकार है मानि अद्यक्ष महुदय
02:51मैं आप से संदक्ष रजण चाहता हूँ
02:54मैंने
02:56राज के डेल बजे तक मानि सद्यक्ष की बात सुनी है
03:02और मानि अद्यक्ष महुदय
03:04अपनी बात सुना देना
03:07और फिर जवाब ना सुना
03:09ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है
03:13संब्धान की ध़किया उड़ाना है
03:15और मानिय अद्धक्पहत है
03:19ये बापू के आदर्सों की हत्या भी कर रहे है
03:22अपनी बात सुना दो
03:26और हमारी ना सुनो
03:28ये भी तो हिंसा है मानिय अद्धक्पहत है
03:32ये बापू के आदर्सों की हिंसा करने का पाप
03:36कॉंग्रेस और बाकी बिपक्ष कर रहे है
03:39मानिय अद्धक्पहत है
03:41सबसे पहले
03:43मैं पूज बापू के चर्णों में प्रणाम करना चाहता हूँ
03:48बापू हमारी स्रिद्धा है
03:51बापू जे हमारे आदर्स है
03:54बापू हमारी प्रेरणा है
03:57बापू हमारा विस्वास है
03:59और इसलिए मानिय अद्धक्पहत है
04:02भारती जन्ता पालिटी ने अपनी पंच निस्ठाओं में
04:06गांधी जी के सामाजिक आर्थिक दर्सन को इस्ठान दिया है
04:11हम गांधी जी के आदर्सों पर चलने वाले है
04:15और गांधी जी नहीं कहता
04:17गांधी जी नहीं कहता
04:20गाउं भारत की आत्मा है
04:22अगर गाउं मर जाएंगे तो भारत मर जाएंगे
04:26मानी अद्दक्ष महदाए विप्कार्थ ना करना चाहता हूं है अपना हिंदुस्तान कहां वो बसा हमारे गाउं में यह विल गाउं के विकास का पिल मानी सदस्थों ने पृतिवक्षी मित्रों ने कई तरह के आरोप लगाए एक बात यह कही कि हम भेदभाव करते हैं मानी �
04:56पहन नहीं हो या गोहाटी अपना देश अपनी माटी अलग भासा अलग बेश फिर भी अपना एक देश मैं इनको बताना चाहता हूं अटल जी ने क्या कहा था मानी अद्दक्ष महदा है हम देश के किसी भी राज के सांथ भेदभाव नहीं करते हमारे नेता अटल बहारी �
05:26मच्पीर इसका मस्तिस्क है हमालज की इस्विए पंजाब और बंगाल इसके दो विसाल बाहू है जिनली दिल है बिंधाच लोग कटी है नर्मदा करधनी है बूर्भी घाक
05:41पश्पिकाज, इसकी दो विसाल जंगाए है, कन्य कुमारी इसके पंजे है, सागर इसके चरंग पखारता है, सूरज और चंद्रमा इसकी आर्पी उतारते है, ये बीरों की भूमी है, ये सूरों की भूमी है, ये रिशियों की भूमी है, महर्शियों की भूमी है, ये तरपन
06:11झाल झाल
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