00:00वह गाववालों पर धोकाधरी का आरोप लगाती है और न्याय की मांग करती है
00:05प्रिया माफी मांगती है और चंद्रिका से वादा करती है कि वे उसकी कहानी को पर दोगाती है
00:10उजागर करेंगे और उसके नाम को साफ करेंगे
00:15दस्तावेज खंगालता है और चंद्रिका की बेगुनाही के सबूत पाता है
00:20वह यह भी जानता है कि जमीनदार के बेटे ने चंद्रिका की मौत के बाद आत्महत्या कर ली थी
00:25इन सबूतों को लेकर वे पुजारी के साथ बर्गत के पेड़ पर अंत्रिका करेंगे
00:30प्रार्तना और अनुष्ठान करते हैं
00:35उन पुराने जूटे आरोपों के दस्तावेजों को जलाकर समाप्त कर देते हैं
00:40आग की लप्टों के बीच चंद्रिका की आत्मा फिर से प्रकट होती है
00:45इस बार उसका चहराशान और सजीव होता है
00:47वह सबको धन्यवाद देती है
00:50और एक प्रकाश की किरन में बदल कर पर देते हैं
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