00:00पर पता है कि चंद्रिका की आतमा अब उस पेड़ से जुड़ी हुई है और जो कोई भी रात में उसे भी जमाने कर्वाए भाए है,
00:05परिशान करता है
00:06वह उसका शिकार बनता है
00:10अरव उस पेड को देखने पर जोर देता है
00:15और प्रिया अनिच्छा से सहमत हो जाते हैं
00:17और तीनो सांच ढलने के समय पेड की और बढ़ते हैं
00:20जैसे ही वे पेड के पास पहुँचते हैं
00:23हवा अचानक भारी हो जाते हैं
00:25जाती है और एक अजीब थंडक उन्हें घेर लेती है
00:27आरव पेड की छाल में जाते हैं
00:30पर कुछ अजीब प्रतीक देखता है
00:31ये प्रतीक प्राचीन तांत्रिक चेहनों जैसे लगते हैं
00:35तब ही प्रिया को अचानक किसी के धीरे धीरे अपना नाम पुकारने की आवज़ाई देखता है
00:40पास सुनाई देती है
00:41पहले तो वह इसे अंदेखा कर देती है
00:45धीरे धीरे वह आवास तेज होकर एक करुण करंदन में बदल जाती है
00:50तुरंत वहां से लोटने का फैसला करते है
00:51रात में जब आरव अपने कैमरे की फैसला करते है
00:55पुटेज चेक करता है
00:56तो उसे पेड़ के पास एक सफेद साड़ी पहने हुए एक महिला की दुंदली
01:00आकरिती दिखती है
01:01वह आकरिती कुछी पलों में गायब हो जाती है
01:05अगले दिन इशान के घर पर वे फुटेज को दोबारा देखते हैं
01:10आत्मा के अस्तित्व की पुष्टी होती है
01:11आरफ सच्चाई का पता लगाने के लिए
01:15और उत्सुक हो जाता है
01:16वह गाव के बुजर्ग दादाजी से मिलने जाता है
01:20दादाजी अनिच्चा से चंद्रिका की कहानी सुनाते है
01:25चंद्रिका रानेपूर की एक सुन्दर जाने
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