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भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच में कल मदर ऑफ ऑल डील संपन्न हो गई है। इस डील के होने के बाद भारत को यूरोपियन मार्केट में 95 से 99% के बीच में अपने गुड्स और सर्विसेज को जीरो टैरिफ पर भेजने में सप्लाई करने में का मौका मिलेगा। भारत के टेक्सटाइल, फार्मा, सर्विस सेक्टर, इंजीनियरिंग सेक्टर को बहुत लाभ होगा, जबकि भारत ने प्रमुख रूप से यूरोप के ऑटोमोबाइल सेक्टर को भारत में एंट्री दी है इसके अलावा वाइन पर भी टैक्स घटाएं यह मदर ऑफ ऑल डील ट्रंप के यूरोप पर प्रेशर और भारत पर टैरिफ के कारण जल्दी संपन्न हो पाई है जबकि इस पर बात लंबे समय से चल रही थी।
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00:00भारत और येरोपीन यूनियन के बीच में
00:05मुझे लगता है इसका मुझे लगता है
00:10बहुत बड़ा हमें क्रेडिट शेयर और थैंक्स ट्रम को बोलना चाहिए
00:15ये डील दो सो करोड लोगों के लिए
00:20तो आवशक है ही एक अच्छा मार्केट बनाएगी
00:22साथ में 25 परसेंट वर्ल्ड जीडीपी
00:25है उसक में भी शेयर इन दोनों मतलब यूरोपियन कमिशन और बाद
00:30परका है चाइना का बाद है ये वाद को परका है चाइना का अचाइना
00:35जाता है यूरोपें मार्केट में विशेश तोर पर टेक्स्टाइल उसमें भी अब भारत को चुगी जीरो पर
00:40परसेंट टेरेफ है तो निश्चित तोर पर आने वाले समय में भारत को बहुत बड़ा बेनेफिट इस मार्केट
00:45में टेक्स्टाइल मार्केट में यूरोप में होगा तो अधर रिएट एक स्ट्रीड पर बनाइश तोर आई यूरोप में होगा है
00:50नमस्कार दोस्तों आज बात करते हैं एक important development पर
00:55और वो development यह है कि thanks to trump हो ही गई mother of all
01:00deal यानि जो भारत और European Union के बीच में कल यह mother of all
01:05deal यानि एक जो free trade agreement हुआ है इसका मुझे लगता है बहुत बड़ा हमें credit
01:10share और thanks trump को बोलना चाहिए क्योंकि भारत और European Union के बीच
01:15मैं यह trade deal को लेकर पिछले कई सालों से यानि 10-15 साल से बात्चीश चल रही थी
01:20लेकिन उसमें उस्टेजी से प्रगति नहीं आ रही थी जो प्रगति ट्रम्प ने European Union
01:25पर प्रेशा डालके और भारत पर टैरिफ लगाकर जो European Union पर प्रेशा डालके और भारत पर टैरिफ लगाकर जो European Union पर
01:30ट्रम्प ने Greenland के मुद्वे पर प्रशा डाला और भारत पर टैरिफ लगाया
01:35उसको लेकर जो अचानक से हो गई जल्दी से हो गई तो उसके लिए एक बड़ा करेशा
01:40ट्रम्प को भी जाना चाहिए लेकिन कुल मिलाकर यह ट्रेट डिल संपन हो गई है और इस ट्रेट डिल
01:45को भारत की ओर से प्रदान मंतरी मोधी और यूरोपीन यूनियन की ओर से यूरोपीन
01:50यूनियन की जो हैड है उर्सला वान डेयर साथ मैं यूरोपीन काउंसिल के
01:55जो हैड है एंटोनियो कोस्टा उनके दौरा साइन किया गया और उसके बाद बहुत ही
02:00कि जिसे उर्सला वान डेयर ने बोला कि ये डील
02:05दो सो करोड लोगों के लिए एक नया मार्केट बनेगी बहुत पॉजिटिव तरीप
02:10तरीके से उन्होंने बात रखें इसी तरह से जो एंटोनियो कोस्टा है उन्होंने भी पॉजिटिव तरीके से अपनी बात रखी
02:15साथ में भारत से जो उनका जुडाओ है OCI काइड भी उन्होंने अपना दिखाया है क्योंकि उनके परिजन
02:20गोवा से ही गए थे पर्तुकाल तो इस तरह से काफी अच्छे माहौल में यह डील हुई है और
02:25और यह डील दो सो करोड लोगों के लिए तो आवशक है ही एक अच्छा मार्केट बना
02:30आएगी साथ में 25 परसेंट वर्ल्ड जीडीपी है उसमें भी शेड़
02:35इन दोनों मतलब यूरोपियन कमिशन और भारत का है तो काफी इंपोर्टेट
02:40डील यह अल्रेडी साइन हो चुकी तो अब हम देखते हैं कि भारत और यूरोपियन यूनियन
02:45का जो व्यापार है फिलहाल वो 12.59 लाग करोड रुपय का है जिस से
02:50दोजार बक्तिस तक यानि अगले साथ साल में बढ़ा कर दुगना किया जाना है इसके
02:55अलावा जो फिलहाल भारती यह जो गुड़ जो गुड़ जो लावन न के अलावा जो फिलहाल भारती एक जो गुड़ धाश्यास
03:00हैं सर्विस्टे हैं वो लगबक 95-99% अब यूरोपिय नहीं
03:05मार्केट में जीरो टरिफ पर आ जाएंगी तो
03:10काफी बेनेफिट होने वाला है इन सब चीजों को लेके तो अब इनको देखते हैं कि
03:15कौन से भारती गोड्स को सीदे सीदे फाइदा मिलने वाला है तो सबसे बड़ा फाइदा जो मिलना है
03:20भारत में भारती गोड्स को वह है टेक्स्टाइल मार्केट इसको विस्तार से समझना जरूरा है
03:25देखिए यह जो टेक्स्टाइल मार्केट है इसमें भारत
03:30जब अभी यूरोप में अपना सामान बेजता है तो उसको लगता है बारा परसेंट टेक्स
03:35करें लेकिन वहीं बंगलादेश का जो सामान जाता है वह जीरोप
03:40जीरोपरसेंट टरिफ में वहां पर तो अब जब जीरोपरसेंट भारत का टेक्स्टाइल सामान जाता है
03:45जाएगा यूरोपेन मार्केट में जो की क्वालिटी से बंगलादेश से कहीं आगे है कहीं बहतर है
03:50तो निश्यत है भारत को फायदा होगा इसी तरह से जो चाइना का सामान जाता है यूरोपेन
03:55मार्केट में विशेश तोर पर टेक्स्टाइल उसमें भी अब भारत को चुगी जीरोपरसेंट टेरेफ है तो
04:00निश्यत तोर पर आने वाले समय में भारत को बहुत बड़ा बेनेफिट इस मार्केट में टेक्स्टाइब करेंगे जाता है
04:05में एक्स्टाइल मार्केट में यूरोप में होगा इसके लाव अन्ने सेक्टर जिन्में फायदा होने वाला है वो
04:10वो हैं सर्विस सेक्टर हैं जेम्स जुल्री है लेधर फुटवेर हैं फार्मा सेक्टर है
04:15ये सबी सेक्टर में भारत को निरंतर और बहुत अच्छा लाव होगा इसके अलावा इस डील में भारत इस लाव जावा है
04:20इस बात को लेकर भी यूरोपियन इन्यून को मानने मनवाने में सफल रहा है
04:25कि भारत के एक्रिकल्चर सेक्टर में अभी फिलाल उनकी इंट्री नहीं होगी
04:30के अलावा जो नीदर लेंड से टेक्टनॉजिक रहा है
04:35ट्रांसफर होगी जिसमें आने वाले 2030 तक भारत पांचवा बड़ा सेमी कंड़क्टर
04:40मार्केट बन जाएगा इसी तरह से भारत के भारत में जर्म
04:45मनी फ्रांस और इतलित अच्छाइब संठीघर मनी फ्रांस और जो इतलित धर्म
04:50वगरा है यह डिफेंस सेक्टर में भी फैक्ट्रिय हैं
04:55इस्थापित करने वाला जिसका भारत को बड़ा बेनेफिट होगा अब इसमें जो लॉस होने वाला है
05:00सबसे बड़ा लॉस होगा वो बंगलादेश को होना है फिलाल तो क्योंकि टेक्स्टाइल मार्केट
05:05भारत का आने वाले समय में बहुत तीव रिगती से विस्तार हो जाएगा यूरोप में दूसरा चाइना को लॉस हो सकता है
05:10क्योंकि उसका भी चाइना और बंगलादेश का मिला के पचास परसेंट टेक्स्टाइल मार्केट पर कबजा है
05:15यूरोप का अब सबसे बड़ी चीज तो यह है कि इस
05:20डील के बाद अमेरिका की प्रतिकरिया क्या है क्योंकि देखी अल्टिमेटली इस डील का
05:25क्योंकि तुर्म को ही जाता है कि ट्रंप ने अगर प्रेशन नी डाला होता है
05:30इनलेंड के मुद्धे पर यूरोप पर या यूरोप
05:35पर टारिफ नी लगाए होते भारक पर टारिफ नी लगाए होते तो निश्चित तोर पर डील
05:40बार भी हो सकता लंबी समय के बाद होती है कुछ समय के बाद होती लेकिन वह जल्दी से होने का रीजन भी
05:45तो ट्रम्ब के सरकार में जो उनके ट्रेजरी सेकेर्टरी है
05:50यानि जो वित्तो मंत्रे हैं स्कॉट बेसेंट उन्होंने कल बोला कि यह
05:55दील यूरोप ने की है तो यूरोप ने एक तरह से अपने अर्व
06:00जो वार उनके अंगेंस्टोरा उसी को फंडिंग कर दी यानि उन्होंने यह बोला यूरोप फंडिंग
06:05वार अंगेस्ट हिमसेल्फ यहने अपने खिलाफ ही वार को फंडिंग कर रहे हैं तो इस तरह कि
06:10कि उनकी खुननस्त निकल रही है इसके अलावा वो बड़े हत्परप से हैं इस डील को देए
06:15क्योंकि देखिए लंबे समय से माना जाता था कि जो यूरोपियन यूनियन के देश हैं वो अमेरिकन पॉल्ट
06:20को फॉलो करते हैं अमेरिकन हिसाब से चलते हैं लेकिन ग्रीनलेंड के मुद्धेपर और टैरिफ के मुद्धेपर
06:25पर कहीं न कहीं अब यूरोपियन देश भी अमेरिका की पॉल्सी से अमेरिका के हिसाब से
06:30हटते हुए दिखाई दे रहे हैं तो देखी यह जो डील है यह निश्यत तोर पर
06:35पर आने वाले समय में भारत के लिए तो बहुत लाग दायक है हाँ यहां पर एक चीत द्यान अखना जाए
06:40अभी यह जो डील है FTA है यह यूरोपियन यूनियन से
06:45उसकी संसक्त से पास होगी जिसमे छह से बारा महीने लग वक लग जाएंगे एक साल लग जाएगे
06:50इसको पास होने में लेकिन इसमें सबसे बड़ा फायदा भारत को यह मिलने वाला है कि
06:55कि जिस तरह से तीव रगती से भारत बहुत सारे देशों के साथ प्री टेश्ट के साथ
07:00अगरिमेंट कर रहा है जैसे अभी हाल महीं इंग्लेंड से किया गया ओमान से किया गया न्यूजलेंड से किया
07:05गनाडवी भारत से करने वाला है चीन से संबन सुधर रहे हैं तो दुनिया के देश भारत को
07:10को एक स्टेबल मार्केट के रूप में देख रहे हैं और भारत के पास भी एक अच्छा मौका है जो अमेरिका के
07:15टैरिफ लगे थे भारत में और भारत ने अल्टरनेट मार्केट ढूंडे दुनिया भर में एफटीए किये
07:20तो उससे भारत की एकॉनमी और ग्रो करेंगी और भारत की एकॉनमी को बूस्ट में
07:25लेगा और जो अमेरिका की दादागिरी है ट्रम्प की दादागिरी है बेल अकाम तरीके से बाड़ रहे हैं जिद्धी हैं
07:30उनको भी एक मुतोड माकूल जवाब देने की इस्तिती में भारत आ गया है
07:35इस दील के साथ
07:40कि पूह मुतो फिखले कार गया है
07:48हम स्वस्ट trafficking धूड़
07:50नहें बूबह
08:02कि झाल Aixòब हो नहे हैं
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