00:00भारत और यूरोपियस संग के साथ जो एतिहासिक समझोता हुआ है भारतिय विदेशनीती की भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है तारीफ हो रही है
00:10अमेरिका ने जिस तरह से अपने तेवर बदले उसके बाद सब की नजर भारत की विदेशनीती पर थी
00:16जवाब अब सारी दुनिया को मिल गया है क्योंकि भारत ही वो एकलातवा देश है जो रूस से अपनी करीबी बनाए हुए है
00:24हम सब जानते हैं कि किस तरह से रूस के राश्वती व्लादीवीर पूतिन भारत आए भारत में उनका भव्य स्वागत हुआ
00:32और अब भारत यूरोपिय संग के नेताओं का उसी गर्म जोशी के साथ स्वागत कर रहा है और यूरोपिय संग के साथ एक एतिहासिक समझोता हुआ है
00:44यानि यूरोप के देश और रूस जो दोनों एक दूसे के आमने सामने है लेकिन दोनों ही भारत के अभिन्न बित्र है
00:53और भारत एक ऐसी कड़ी के रूप में उभरा है जो दोनों के बीच बात्ची भी करा सकता है और दोनों के साथ अच्छे संबंध दिखा सकता है और ये कमाल सिर्फ भारत ही कर सकता है
01:08आज ग्लोबल ओर्डर में बड़ी उथल पुथल है ऐसे में भारत और यूरोपियन यूनियन की साज़ेदारी अंतराश्य सिस्टिम में स्थिर्टा को मजबूती देगी
01:26तो अगर अंतराश्य सिस्टिम को भी इसमें मजबूती चाहिए क्योंकि अंतराश्य स्थर पर उथल पुथल कितनी है
01:36अमेरिका अपने ही सबसे करीबी मित्रों पर कर लगा रहा है और अतिरिक कर लगा रहा है और दबा रहा है और बुरा भला बोल रहा है
01:44लेकिन भारत तटस्त खड़ा रहा भारत के हितों को रखते हुए
01:50प्रणय उपाध्य है मेरे सायोगी हमारे साथ जोड़ रहे है
01:52संदीपुनीथन मेरे साथ बरे हुए है
01:54प्रणय ये जो इंडिया-EU डील है
01:58जिसे उर्सला फॉंडेर लाइन हो
02:01अन्टोनिय डिकोस्टा हो या प्रणय नरेंदर मोदी
02:04मानफता के लिए भारत और यूरोपिय संगी नहीं
02:07मानफता के लिए एक बड़ा कदम बता रहे है
02:09रक्षा की अगर बात की जाए
02:11सुरक्षा की बात की जाए क्योंकि
02:12एक अलग defense or security agreement भी हो रहा है
02:15वो किस सारा से एक बड़ा game changer है
02:18गौरव आप जानते हैं तराश्ट्री डाजगीती में कहा जाता है
02:24कि ना मित्र स्थाई होते हैं ना नशत्र स्थाई होते हैं
02:27स्थाई होते हैं तो हित स्थाई होते हैं
02:28और यहाँ यह हितों का स्थाइट वही है कि वो यॉरप जो कुछ समय पहले तक भारत तो कटगरे में खड़ा कर रहा था, रूस से तेल खरीद को लेकर सवाल उठा रहा था, बहुत सारी आलोजनाएं की जा रही थी लेकिन आज वो इसके अंदर अपना भविश देख रहा है
02:58वो अमेरिका जिसे की रक्षा चतरी माना जाता था यॉरपी संग के लिए नाटो के उन साज़ेदारों के लिए, वो अब अपने आपको कुछ किनारे करते हुए दिखा रहा है, ग्रीन लेंड का मुद्दा हो, चाहे रूस यूक्रेइन की जंग का मामला हो, उसको लेकर य
03:28नजर आता है, भारत को टकनीक की जरूरत है, और भारत के बास मास उत्पादन के लिए, बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए क्शमता मौझूद है, यह बड़ी बात आपने की, क्योंकि अगर हम पंडुब्बियों की ही बात करें, तो संधीप पंडुब्बिया बनान
03:58हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड भी है, और निजीक शेत्र भी अब इसमें पैर आगे पसार रहा है, तो क्या इसे माना जाए, भारत और यूरोपिया संग दोनों का लाब होगा?
04:07बिल्कुल गौरव और जो मदर ओफ ओल डील्स की बात कही जा रही है, मैं समझता हूँ कि डिफेंस शेत्र में ये कई सारे ऐसे मदर ओफ ओल डील्स है, जो भारत यूरोपियन देशों के साथ साइन करने जा रही है, सबसे बड़ी जो डील है, 114 रफाल जहाजों का है, ज
04:37करीब 8 बिलियन डॉलर का जर्मनी के साथ हम साइन करने जा रहे हैं, और सबसे एतिहासिक जो एक चीज है, गौरव हमारी जो एक इंडिया सेक्यूरिटी डिफेंस पार्टनर्शिप जो EU के साथ हमने साइन किया है, ये शायद इसे EU ने सिर्फ दो एशियाई देशों के सा�
05:07जिसके तैस जैसे आप कह रहे हैं, यहां भारत में ही पंडुबी बना सकते हैं, यॉरप के लिए, फाइटर जहाज का भी उत्पादन कर सकते हैं, इंडिया में, यॉरपियन यूनियन के लिए, यहां पे एमारोस आप बना सकते हैं, जहां की यॉरपियन हाड़वेर हैं, �
05:37अब हत्यारों की जरुरत, हम एक समय सोच रहे थे कि हत्यारों की जरुरत अब 21 शताबदी में संभफ तक कम पड़ेगी, लेकिन जिस तरह हरोर युद्ध हो रहे हैं, तो आपको मालूम है कि आप सुरक्षित तभी तक है, जब तक आपके पास बड़े-बड़े हत्यार हो, औ
06:07बना सके और उनका निर्यात हो सके, लेकिन इसकी आवशक्ता है, हमने अम्यूनिशन में बहुत सुधार किया है, हमने कई क्षेत्रों में बहुत ज़ादा सुधार किया है, और सुधार की आवशक्ता भी है, लेकिन मैं आपसे ये समय ये समझना चाहता हूँ, अमेरिका इस
06:37अब एक बार वो ट्रेड अग्रीमेंट हो जाएगा और गेटवे अग्रीमेंट हो जाएगा तो यूरोप में जाके शिक्षा भी पास सकेंगे, नौकरी भी कर सकेंगे, टेक्नॉलोजी भी ले सकेंगे और फिर यह आगे बढ़ेगा, फढ़ें.
06:48देखे गौरव आज 13 समझोतों के उपर दस्तखात हुएं और अगर हमें 13 समझोतों को देखें तो इसके अंदर आपको एक ताना बाना नजर आता है, इसके अंदर एक दूसरे को कॉम्प्लिमेंट करते हुए एग्रिमेंट हैं, चाहे वो इनोवेशन को लेकर एग्रिमेंट
07:18एक दूसरे को अच्छी तरीके से जाने समझें, गुड्स के साथ साथ सर्विसेस के अंदर हम पार्टनर्शिप कर सकें और इसके लिए चाहे भारत में इनोवेशन हब बनाना हो, माइग्रिशन के लिए यहाँ पर फेसिलिटेशन बनाना हो, जिस गेटवे समझोते का आप
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