00:00देखे परीजनों की मांग थी कि जहां अजित पौर का बच्पन गुज़राएं
00:05दसवी कक्षा तक वे यही काटेवाडी में उन्होंने उतना एजुकेशन और स्कूलिंग पूरा कम्प्लिट
00:10किया तो यह उनकी परीजरों की और सब फैमिली मेंबर्स जो हैं की सबके मांग थी कि एक बार अजित पौर
00:15यहां आएं कि कि इसी भूवी में इसी धर्ती में और इसी मिट्टी में वे बड़े हुए हैं बच्पन यहां
00:20गुजरा है दिवाली के लिए हर सब लोग यहां मिलते थे सब पूरी फैमिली इकटा होती थी
00:25जब पिछली बार दोनों पार्टी का स्प्लिट भी हुआ था हमें याद है तब उसके बाद भी आजित पौर यहीं तब दिवाली मनाते थे
00:30और उससे पहले भी सभी पवार फैमिली जो है यह सब साथ में आके यहां दिवाली मनाते थे तो
00:35की यादी बच्पन किसम यहां जूरी हुई है सालों से हर वीकेंड को इजित पौर जब बारा मती आते हैं तो
00:40यहां अपना जो फार्मा उसे जाए पूरा ना घरता पहले सिर्फ खेत था तो वो खेत में आते हैं
00:45थे इस फार्मा उस पर आते थे वक्त बिताते थे और उनके जो कोई भी फैमिली मेंबर से या फिर उनके
00:50की मिटिंग्स होती थी तो वो भी यही करते थे तो यह सब कुछ उनकी बहन सुप्रिया सुले
00:55और उनके जो श्रीदिवास पवार जो उनकी बड़े भाई है इनकी मांग थी कि दाल
01:00कि आखरी बार हम यहां लाएंगे हम सब फैमिली मेंबर्स उनके साथ वक्त बिताएंगे उन्हें अलविदा
01:05कहेंगे और फिर यहां से सब विद्या प्रतिश्टान की तरफ आगे बढ़ेंगे
01:10तो सभी के आखे यहां भी नम है सुबह से काटे वाड़ी जिन्होंने अजित पवार को बड़े
01:15अजित पवार को बड़ा होते हुए यहां से देखा है
01:20यहीं से उनकी राजनेतिक फिर बाराबती की इन्हों से कैन्वे में जब सबसे पहली बाराइद पहुरत
01:25सांसत चुने गए थे उसके बाद वो विधायक बन गए तो यहीं से उनकी यात्रा सबकों शुरू हुई थी
01:30तो बैक टू दे रूट्स जिसे हम कहते हैं तो उसी के तरह सब्गी के तरह
01:35कि मांग थी कि अजित पहुर को फिर से यहां लेकर आए जाए और यहीं से अजित पहुर की जो पार्थिव श्रिर है
01:40उसे बाद में बारामती में लाया जाएगा और जहां एक टेंपररी क्रिमेटियम बनाया है वही
01:45पहुर को अंतिम संसार किये जाएंगे पूरे भारतवर्च से लोग यहां मौझूद है लेकिन
01:50आज काटे वाड़ी जिस काटे वाड़ी ने अजित पवार को जब वह छोटे थे तब से
01:55देखा है जिस काटे वाड़ी ने अजित पवार किया पूरा पॉलिटिकल हिस्ट्री जो देखा है अजित पवार किस तरीक
02:00के सिराजनीती में आए जिस बारामती में वह पले बढ़े यह सब कुछ देखा है वह काटे वाड़ी की सभी
02:05ठीकी यहां के नम है जो जिन लोगों का सहलाब यहां पहुंचा है उन्हें अंदर चुड़ा तो जा रहा है
02:10झाल
Comments