00:00एक कदनावर नेता, वो चाहे विपक्षते हो, वो चाहे विपक्षते हो।
00:05चाहे हमारी opposite party से हो लेकिन महराश्ट्र में
00:10जिन लोगों का नाम लेकर महराश्ट का भी रुत्बा बढ़ता है
00:15महराश्ट की गर्दने से तन कर हम खड़े रह सकते हैं
00:20इसे कद्दावर निताओं में से एक निता जो सब्सक्राइब
00:25सबसे करीबी सबसे घुल मिलकर बात करने वाले चाहे अपना आप
00:30उसके साथ भी और उसके संधर में भी बात करते समय
00:35कभी भी किसी तरह की कड़वाट ना रखने वाले ऐसे निता को हमने खोया है
00:40कर भी किसी तरह करते समय कर दोब्या कर दोया है
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