00:00जरा सोचिए, आप पर एक शिकायत दर्ज होती है, शिकायत क्या है, किसने की है, क्यों की है, शिकायत सही है भी या नहीं, ये जानने से पहले ही आपको दोशी मान लिया जाता है, आपके सफाई नहीं सुनी जाती है, और इन सबका कारण सर्फ इतना होता है कि आप समाने वर्
00:30कर रहे हैं बड़े-बड़े अधिकारी और शुक्षाविद इस समय इस नियम के विरोध में अपने पदों से स्तीफा दे रहे हैं
00:35मामला इतना बढ़ चुका है कि अभी सुप्रिम कोट के चोखट तक पहुंच चुका है
00:39ऐसे में सवाल उठना लाजमी है अकिर ऐसा क्या है इस नए UGC कानून में जो समानता के नाम पर लाया गया लेकिन आज उसी को और समानता का प्रतीक बताया जा रहा है
00:49आज इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि UGC का ये नया नियम क्या है और समानेवर क्यों कह रहा है कि ये कानून उनके साथ अन्याय है
00:55नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:59देश ने वो दोर भी देखा है जब SC-ST Act के तहट दर्ज मामलों में कई लोग सालों तक मुकत में जेलते रहें
01:06कुछ मामलों में बाद में अधालतों ने माना की कानून का गलत इस्तमाल भी हुआ
01:10और इसी संदर्ब में सुप्रिम कोट ने ये भी कहा किसी भी कानून का उदेश्य संद्रक्षन होना चाहिए
01:15ना कि निर्दोष को धंडित करना
01:17उत्तरप्रदेश का ललितपूर के विश्णु तिवारी पिछले 20 सालों से जेल में थे
01:22उस जुर्म के लिए जो उन्होंने किया ही नहीं था
01:2420 साल के बाद इलहाबाद हाई कोट ने दुशकर्म और SCST Act के तहत मिली आजीवन करवास की सजा को रद किया
01:32और उनकी रिहाई का आदेश दिया
01:34लेकिन इससे पहले वो 20 साल कौन लोट आएगा जो विश्णु तिवारी का बरबाद हो गया इस कानून के चक्कर में
01:40कोट ने विश्णु को निर्दोष बताया आज UGC के नए नियम को लेकर विरोध कर रहे चात्र कह रहे हैं
01:46कि उन्हें शिक्षा संस्थानों में उसी तरह के डर का एसास हो रहा है
01:49बिना देर के समझते हैं वो 5 बड़े कारण जिनकी वज़े से समाने वर्ग के शात्रेस कानून का विरोध कर रहे हैं
01:55जनरल शात्रों को दोशी मान लिया जाएगा
01:58नए नियमों में एक्विटी कमिटी और हेल्पलाइन सस्टम के तहत भेदभाव की शिकायतों को तुरंद कारवाई हैं वदलने का प्रावधान है
02:05सवन शात्रों का तर्क है बिना सबूत के भी शिकायते दर्ज हो सकती हैं जिससे वे दोशी सिद्ध होने का डर महसूस करते हैं
02:12जूटी शिकायत पर सजा का प्रावधान नहीं
02:15सबसे बड़ी बहस यह भी है कि गलत शिकायत पर जवाब दे ही तय नहीं थी यूजीसी नियमों में भी जूटिया दुर्भावना फुर्ण शिकायतों पर सक्त डंड का सपष्ट उलेक नहीं है
02:27जिसे शात्रों को लगता है कि शिकायत एक हत्यार बन सकती है पहले ड्राफ्ट में जूटिया फिर फाल्तु शिकायतों पर सजा का प्रावधान था लेकिन अंतिम नियम में इसे हटा दिया गया इससे आलोचकों को डर है कि शिकायत एक हत्यार बन सकती है और जनरल कैटेग
02:57इन्डे प्रक्रिया एक तरफा हो सकता है। भेद भाव की परिभाशा बहुत व्यापक्त। नए नियमों में इंप्लिसिट या फिर इंडिरेक्ट डिस्क्रिमिनेशन जैसे शब्दों का इस्तमाल किया गया है।
03:27जाच और आरूपों का शेत्र बनते जा रहा है। जिसका असर खास तोर पर समाने वर्ग के शात्रों के आत्मविश्वास और भविश्य पर पड़ेगा। विरोध कर रहे चात्रों को आपत्ती है कि समानता के नाम पर कोई ऐसा ढाचाना बन जाए जो एक वर्ग को पहले सी स
03:57जनरल चात्र। पिलहाल इस मुद्दे पर प्रोटेस्ट चल रहा है। यूजिस के आफिस के बाहर भी चात्र विरोध प्रशन कर रहे हैं। इस ख़बर पर हमारी नजर भी बनी हुई है। कुछ भी अपडेट आएगा आप तक पहुंचाते रहेंगे। लेकिन आप क्या स
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