00:00CM योगी अधित्यनात के सम्मान में छोड़ दी कुरसी शंकराचारे के कमेंट के बाद डेप्टी कमिशनर ने इस्तीफा दे दिया
00:07एक तरफ सरकारी नौकरी थी और दूसरी तरफ अपना आत्मसम्मान और बीच में एक ऐसा फैसला जिसने प्यूरी ब्यूरोक्रिसी को हिला कर रख दिया है
00:17लखनाउ से आई इस पड़ी खबर में सब को चौका दिया है
00:20उत्तरप्रदेश GST Department ने डेप्टी कमिशनर के पद पर तैनाद प्रशान सिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
00:29और इस्तीफा की वज़े है जोतिश पीट शंकराचारे स्वामी अवी मुक्टेश्वर आनंद के जो कमेंट्स थे
00:36चीफ मिनिस्टर योगी अदित्यानाद जी को लेकर उनके खिलाफ किये गए जो कमेंट्स थे उनकी वज़े से उन्होंने ये किया है
00:43प्रशान सिंग का कहना है कि सीएम योगी के प्रती किये गए अब भद्र और मर्याधीन बातों से वो गहरे आहत हुए है बहुत होट हुए है
00:52अपने रेजिगनेशन लेटर में प्रशान सिंग में साफ तोर पर लिखा है कि सीएम योगी अदितनाद सिर्फ पुत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री ही नहीं है बलकि एक सन्यासी और करोडो करोडो लोगों की आस्था के केंदर भी है
01:05उनका कहना है कि एक सरकारी अधिकारी होने के नाते वो सिस्टम का हिस्सा जरूर है लेकिन एक व्यक्ति के रूप में अपने अदर्श का अपमान चुपचा बरदाश नहीं कर सकते हैं
01:18और इसी वज़े से उन्होंने सरकारी सेवा में बने रहने को अपने आत्म सम्मान के खिलाफ बताया है, अपनी सेल्फ इस्पेक्ट के खिलाफ बताया है और कुर्सी छोड़ने का फैसला ले लिया है।
01:48और जादा चर्चा में आ गया है जब पता चला कि हाल ही में बरेली के सिटी मैजिस्ट्रेट अलंकार अगनीहुत्री ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था।
02:18पक्ष की वज़े से अपना पद ही छोड़ दिया और एक ही अफते के अंदर दोनों बड़े अधिकारियों के इस्तीफे ने उत्तर प्रदेश की ब्यॉरक्रिसी में एक बड़ा वेचारिक संगर्ष की तरफ इशारा कर दिया है।
02:30क्या अब बाकी बड़े ब्यूरक्राट्च भी इस्तीफे देने पर उतर आएंगे।
02:34शंकराचारे स्वामी अवी मुक्टेश्वरानंद और यूपी सरकार के बीच जो तनाव की खबरे हैं वो पिछले कुछ दिनों से सामने आ रही थी।
02:42खासकर प्रयाग राज मखमेले के बाद किये गए उनके बयानों को लेकर।
02:46प्रशान सिंग का मानना है कि इन कमेंट्स में मर्यादा की रेखा पार की गई है और उनका इस्तीफा इसी बात का प्रोटेस्ट है।
02:54इस पूरे मामले पर अभी तक शासन की तरफ से कोई ओफिशल स्टेटमेंट सामने नहीं आया है।
03:00और आम तोर पर ऐसे केसिज इसलिए स्तीफे के तुरंत एकसेप्ट करने की बजाए ये समझना जरूरी होता है कि इनक्वाईरी का क्या रास्ता और वो अपनाना चाहिए।
03:09लेकिन फिलहाल प्रशान सिंग अपने फैसले पर बिलकुल अटल दिख रहे हैं और इससे पूरा सियासी महल करमा चुका है।
03:16ये सिरफ एक रेजिगनेशन नहीं है, ये एक बड़ा सवाल है जहां धर्म, राजनीती और प्रशासन अब एक ही बिंदू पर टक्रा रहे हैं और अब सब की नजर इसपे है आगे शासन क्या फैसला लेता है।
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