00:00मनाली गूमने जाने का प्लान इतना खौफनाक साबित होगा ये लोगों ने सोचा नहीं था
00:16जहां लोग सुकून ढूणने आए थे स्नोफॉल को देखने पहाडों को देखने ठंडी हवा और लॉंग वीकेंड का लुफ्स उठाने सब कुछ पर्फेक्ट लग रहा था
00:25दिल्ली गुडगाओं और चंडीगट जैसे शहरों से हजारों टूरिस्ट ने पहाडों का रुक किया था
00:31ये सोच कर कि भईया बीड से दूर नेचर के बीच कुछ लम्हे सुकून के मिलेंगे
00:36लेकिन मनाली पहुचते ही ये सपना धीरे धीरे नाइट मेर में बदन गया
00:42शहर की एंट्री पॉइंट्स पर गाड़ियों की लंबी लंबी लाइने लग गई
00:46जहां नॉर्मली कुछ ही मिनट लगते थे
00:49वहां लोग घंटों तक एक ही जगा पर बिना खाना बिना पानी के फसे रहे
00:55हेवी स्नोफॉल के बाद मनाली और आसपास की इलाकों में विंटर वंडर लाइन जैसा जरूर लगने लगा
01:02लेकिन इसी स्नोफॉल ने रोड्स को और स्लिपरी और खतरनाक बना दिया
01:07और उपर से लॉग वीकेंड की वज़े से टूरिस का प्रेशर सिस्टम संभाल ही नहीं पाया
01:12कुछ टूरिस का कहना है कि वो पिछले शाम से ही ट्राफिक में फसे हुए है पूरी रात पहाडों पर ही काटी है
01:20एक यात्री ने ये भी बताया कि हम लोग मनाली तो पहुँच गए लेकिन होटल तक पहुँच ही नहीं पाए डेड़ दिन सडक पर ही खड़े रहे
01:29दिल्ली से आए एक और टूरिस ग्रूप को पूरी रात अपनी कार में ही गुजारनी पड़ी क्योंकि मनाली के लगबग सारे होटल्स फुली भुख थे
01:38सिचुएशन यहाँ पर थमी नहीं मनाली से बाहर निकलने वाले रास्ते भी सबसे ज़ादा एफेक्टिन है
01:45वहां रोड्स खराब हो गई है, स्लिपरी हो गई है, टेल गेटिंग वहिकल्स हो गया है और एक चोटी सी डिले ने पूरे सिस्टम को जाम कर दिया है
01:54यानि ना मनाली घुश सकते हो और अगर घुश गए हो तो मनाली से वापिस आना और बनुटित
02:00पंदरा किलो मीटर के स्ट्रेच को क्रॉस करने में आम तोर पे 30 से 40 मिनिट लगते थे
02:06लेकिन वही रास्ता अब लोग 10 से 15 घंटे में कम्पलीट कर रहे हैं और ये आम हो गया है
02:12ट्राफिक जैम 10 किलो मीटर से जादा लंबा हो गया है जो पतली खुल के पास 15 माइल पॉइंट तक पहुँच गया है
02:20नीचे वैली में जहां स्नो मेल्ट होना शुरू हो चुकी थी अब वहां गाडिया हिल तक नहीं रही है
02:27और स्नो मेल्ट होने की वज़े से पानी का दबाव भी बढ़ सकता है इसलिए लोगों को खत्रा है
02:33बच्चे गाडियों में रो रहे थे बुढ़े लोग ठंड में परिशान थे और टूरिस्ट सरफ एक ही सवाल पूछ रहे थे कि भाईया हम यहां से कब निकनेंगे
02:42स्नो फॉल ने टूरिजम इंडस्ट्री को एक नई उम्मीद जरूर दी थी लेकिन बिना प्लानिंग की आई भीड मनाली के लिए एक बड़ा चैलेंज बन गया है
02:51जो लोग अराम से रिलाक्स करने के लिया आये थे वो अब फ्रस्टेशन और एक्जॉशन के साथ वापिस लोटने की सरफ कोशिश ही कर पा रहे हैं दिल्ली पंजाब हर्याना जैसे शेहरों में अब वो वापिस जहां नहीं पा रहे हैं
03:06मनाली की खुटसूरती पर कोई सवाल नहीं है लेकिन ये इंसिडेंट एक रिमाइंडर है कि भाईया लॉग वीकेंड और स्नोफॉल के टाइम पे बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत जादा तरीके से प्लानिंग करने की जरूरत है और दर्शकों ये बात हमेशा याद र
03:36सिर्फ इतना था कि क्या अगली बार टूरिस अपना प्लान मनाने से पहले इस नाइट मेर को याद रखेंगे तूकि 15 से 20 घंटे एक ही जगह पे खड़ा रहना कोई आम बात नहीं है
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