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Sahar Shaikh: बीएमसी चुनाव में जीत के बाद AIMIM की पार्षद सहर शेख अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। उनकी बिना हिजाब की तस्वीरें देख कर अब लोग उन पर अपनी भड़ास निकाल रहे है
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00:00बेम से चुनाव में जीत के बाद AIMIM की पार्शद सहर शेक अपने बयानों को लेकर लगतार सुर्ख्यों में है
00:09पहले पूरे मुम्रा को हरा कर देने जैसे बयान ने सियासी तुफान खड़ा कर दिया
00:14और अब उसी बयान पर यूटर लेते हुए सहर शेक कह रही है कि उनके शब्दों को तोड़ मरोड कर पेश किया गया है
00:21जी हाँ उनका कहना है कि इस देश के मिटी में मुसल्मानों का भी खून शामिल है और ये किसी के बाप का हंदोस्तान नहीं है
00:29सहर शेक ने साफ कहा है कि वे भारते मुसल्मान हैं और किसी को ये हक नहीं है कि उन्हीं पाकिस्तान जाने की सलहा दे
00:35लेकिन अब आखर इस दोहरे वेभार को देखते हुए वो उनकी क्यों ट्रोलिंग हो रही है चलिए इस वीडियो में आपको बताते हैं
00:43सहर शेक का रोप है कि उनके भाशुर का एक छोटा सहसा वाइरल कर जान बूच कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई
00:51लेकिन मुम्बरा के लोग इतने ना समझ नहीं है कि किसी के बहकावे में आ जाए
00:55उनके मुम्बरा में हिंदू और मुसलिम मिल जुलकर रहते हैं और कई हिंदू नागरिकों ने खुद आकर उनके बयान का समझ थन भी किया है
01:04राहत इंदौरी का शेट दोहराते हुई उन्होंने कहा कि इस देश पर सिर्फ एक वर्ग का हक नहीं
01:10बलकि हर उस इंसान का है जिसने समिटी में अपना खून पसीन बहाया
01:15हाला कि सियासत से इतर सहर शेक एक और वजह से चर्चा में है
01:19हाल ही में उनके बिना हिजाब की तस्वीरे सोशल मीडिया पर वारल हुई
01:24इसके बाद लोग सवाल उठाने लगी कि क्या वे हिजाब सिर्फ राजनेतिक सुवेधा के लिए पहन दी है
01:29कुछ लोगों का कहना है कि अगर हिजाब पहना भी जाता है तो उसका सही तरीका क्या है
01:35ये भी समझना जरूरी है आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इसलामी परंपरा में हिजाब का मतलब सिर्फ सिर्फ पर दुपट्टा डाल लेना नहीं होता
01:44बलकि सिर, गर्दन और सीने को ठकना, कपड़ों का धीला और साधा होना और दिखावी से बचना भी हिजाब की बुनियादी शर्तों में शामिल है
01:54बसे हिजाब का मकसद पहचान बनाना नहीं बलकि विनर्मता और निजिता बनाय रखना माना जाता है
01:59अब सवाल याता है कि अगर कोई नीता हिजाब को अपनी आस्था बताता है तो फिर वो आस्था सुविधा के हिसाब से क्यों बदलती दिखती है
02:07दोस्तों राजनीती में बयान बदलना तो पुरानी आदत है लेकिन कपड़ों और प्रतीकों पर भी यूटर लेना लोगों को थोड़ा जादा खटकता है
02:15सहर शेख अगर सच में सद्भाव और समझतारी की बात कर रही है तो उन्हीं शब्दों के साथ साथ अपने आच्रण में भी वही साफ सफाई दिखानी चाही
02:24और आखिर में बस इतना ही कहना चाहेंगे कि मैडम बयान हरे हो या सफेद हिजाब पूरा हो या आधा पबलिक सब देख रही है
02:33चिनाव जीतना असान है लेकिन भरोसा जीतना उससे कही जादा मुश्किल
02:37अब इस पोरे मामले पर आपकी क्या कुछ राय है आप भी हमें अपनी राय कॉमेंट में जरूर बताईएगा
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