00:00वित्त मंतरी निर्मला सीता रमण एक फरवरी को संसत में 2026 का आम बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर व्यापार जगत में उत्सा का महौल हैं, अलग-लग शेत्रों के व्यापारी इस बजट से राहत की आस लगाए बैठे हैं।
00:30दवाव्यापारी राजेद्र अगरवाल ने स्वासे सेवाओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
00:57उन्होंने कहा कि सरकार दवाओं की कीमत डॉक्टरों और अस्पताल की फीस की सीमा तै करें ताकि इससे गरीबों को लाब हो सके।
01:05सरकार से निवेदन हैं।
01:07चाहें दवा हो चाहें डॉक्टर की फीस हो चाहें नर्सिंग ओम की फीस हो।
01:11सभी की व्यवस्ता में कैपिंग लगाया जाए कि मैक्सिमम कौन आदमी कितने पैसे लिखता है।
01:17मैं इतने पैसे लिखता है।
01:19दवा में दवा से संबन्दित मैं जहां तक बात करूँ।
01:21कुछ दवा हैं जो आठ रुपए में जनों सदी में बिक रही है।
01:25वही दवा बादार में 150 रुपए में बिक रही है।
01:28दौनों की मंजूरी सरकार दौरा दी जाती है।
01:30तो मेरा सरकार से यही नमेदन है। यह आम जनता को गरीब जनता को सस्ती दवलाएं और प्लब्द कराने के लिए एक हर दवा की उपर एक रेट की कैपिंग लगाए।
01:41ताकि हर गरीब आदमी को मैक्सिमम कम से कम दवा कम से कम रेट में दवा प्राफ्त हो।
01:47इसी ग्रम में सराफ़ा व्यापारी उदैसोनी ने सोने और चान्दी पर लगाए गए जियस्ती को कम करने की मांग की।
02:12सरकार बज़ाइच प्रिष्ट कर रही है। उसमें सरकार से बहुत आसाय हैं ब्यापारियों की।
02:17क्योंकि अभी जो स्वाकार बंदू हैं सराफ़ा व्यावसाई हैं बो लोग जो हैं बहुत तरस्त हैं क्योंकि सोने और चान्दी के भाव इतनी तेजी से बड़े हैं
02:32कि जिसकी कोई सोच भी नहीं बना सकता था कि इतना बढ़ सकता है तो उस सोच से परे हो गया है।
02:39इसलिए हमें बहुत आसा हैं कि सरकार जो है सराफ़ा व्यावसाई की ऊपर ध्यान देंगे और अभी तक जो जी एस्टी लेते थे वह तीन परशंट तो हम आसा करेंगे
02:52जहां से के व्यापारियों का मानना है कि यदि इन मांगों पर अमल किया गया तो ना सिर्फ व्यापार को मजबूती मिलेगी बलकि देश की अर्थववस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी।
03:09अब सभी की निगाहें केंदर सरकार के आगामी बजट पर टिकी हैं।
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