00:01मागमास की सब्तमी तिथी को रथ सब्तमी के रूप में मनाय चाता है।
00:05माना जाता है कि स्रिष्टी के आरम में सूर्य देव की पहली गिरण इसी तिथी को पृत्वी पर आई थी।
00:12रत सब्तमी को मागी सब्तमी, महती सब्तमी, सब्त सब्तमी या पुत्र सब्तमी के नाम से भी जाना जाता है
00:19इस दिन भगवान सूरे देव का अफ्तर रण हुआ था और इसे सूरे पूजा का सबसे शुब अफसर माना जाता है
00:26रत सब्तमी के दिन सूरेदेव की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को उत्तम लोग में इस्थान प्राप्त होता है
00:35ऐसे में चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में कि रत सब्तमी के दिन भगवान सूरेदेव की पूजा कैसे करें और किन मंत्रों का जाप करें साथ ही आपको पताएंगे पूजा का शुब मोहरत क्या है
00:45रत सब्तमी के दिन इसनान करने का सबसे उत्तम शुब मोहरत सुबह पाच बचकर 32 मिनट से लेकर सुबह साथ बचकर 12 मिनट तक है वहीं सूरेदेव की पूजा, दान और रत करने का शुब मोहरत सुबह 11 बचकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बचकर 33 मिनट तक रहेगा
01:03इस समय अबधी में पूजा करना सबसे फल्दाई माना जाता है और भक्तों को इसका अधिक लाप राप्त होता है
01:10वहीं अब बात करें रत सब्तमी पूजन विधी की तो इसनान के बाद साफ सुत्रे वस्त्र धारन करें इस जिन सूर्योदे के बाद ही इसनान किया जाता है
01:19फिर सूर्योदे को जल अर्पित करें, घर के बाहर या मध्य में साथ रंगों की रंगूले यानि की चोग बनाए, इसके बीच में चार मुखी दीपक जला कर रखें, चारों मुखुप को प्रजलित करें, लाल पुश्प और शुद मीठा परदार अर्पित करें, गायतरी मन
01:49देने के नियम भी बहुत ही खास होते हैं, तो चलिए आपको वो भी बताते हैं कि आप सूर्यदेव को अर्ग कैसे दें, तो रत सब्तमी पर सूर्यदेव को जल देने के लिए कुछ विशेश्ट नियम है, जिसका आपको पालन करना है, इस दिन उकते हुए सूरे को या सू
02:19इसके बाद भगवान सूर्यदेव का धन्यवाद करें, फिर आगया चक्र और अनाहा चक्र पर तिलक लगाए, तो इस विधी से आप रस्त सब्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करें, उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी, फिलाल अमारे इस वीडियो म
02:49अमारे जिए आपको जागा चक्र लगवा
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