00:00वसंत पंचमी की मुबारक बाद लेकिन इस मुबारक में एक दर भी शामिल हो गया है क्योंकि भोश शाला में पूजा और नमास का विवाद एक बार फिर केंद्र में आ गया है
00:09सुप्रिम कोट ने इसमें बीच का रास्ता निकाला है लेकिन ये कितना कारगर होता है देखना होगा
00:14दरसल मध्यप्रदेश में है धारा और धार में है भोश शाला ये एक ASI संरक्षित इसमारक है
00:20या मौलाना कमाल उदेन की मजजित है उदर हिंदुचवादी पक्ष इसे देवी सर्शती का मंदिर मांते हैं ये विवाद बरसों से चला आ रहा है
00:28जिसके चलते है ASI ने हिंदुपक्ष को हर मंगलवार को यहाँ पूजा और मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की इजाज़त दे रखी है
00:37अब चुकि इस बार 23 जनवरी यानि शुक्रवार को वसंद पंचमी आ गई
00:42अब इसलिए हिंदुपक्ष पूरे दिन पूजा की मांग को लेकर सुप्रिम कोट चला गया
00:47उधर मुस्लिम पक्ष ने भी इसके खिलाफ याची का दायर कर दी
00:51अब सुप्रिम कोट ने वसंद पंचमी पर भोश शाला में सुर्य हुदे से सुर्य अस तक पूजा की इजाज़त दे दी है
00:57और मुस्लिम पक्ष के लिए दुपहर एक बज़े से तीन बज़े तक का समय तै किया है जब वो नमास पढ़ सकते हैं
01:05अब ये दोनों काम एक साथ कैसे संबह हों इसके लिए सुप्रिम कोट ने दोनों पक्षों से अपील किये कि वो आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखें
01:12और राज्य और जिला प्रशाशन को निर्देश दिया है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें
01:17कोट ने प्रशाशन से कहा कि एक से तीन के बीच उस परिसर में एक खास और अलग जगे नमाज के लिए उपलब्द कराई जाए ऐसे ही पूजा के लिए अलग जगे उपलब्द कराई जाए और दोनों के रास्ते अलग लग रखे जाएं
01:29कोट ने मस्जित पक्ष को नमाजियों की संख्या बताने का भी निर्देश दिया है
01:34लेकिन ये कैसे संभव है ये बड़ा पेचीदा मामला है क्योंकि नमाजियों को कार्ड दे कर तो बुलाएं नहीं जाता
01:40खैर अगर दोनों पक्ष सहोग और सभव से काम लें तो ये काम आसान है
01:44पूजा और नमाज एक साथ कितना वड़या मनजर है यही तब हरते संस्कृती है लेकिन अब ऐसान नहीं रहा
01:51जिस तरह आज का महौल है और हर मजजद मजार को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है
01:56हंगामे के मौके ढूंडे जा रहे हैं उसमें कुछ भी कहना मुश्किल है
02:01हिंदुत वादियों की पूरी कोशिश है कि भुष्चाला का विवाद भी बाबरी मजजद ग्यानवापी मजजद जैसा विवाद बना दिया जाए
02:08इसलिए अब यही दुआ करनी चाहिए कि वसंत पंचमी हसी खोशी और शांती से गुजर जाए
Comments