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ट्रंप ने गाजा युद्ध के बाद शांति और पुनर्निर्माण के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाया है। इसका उद्देश्य गाजा को स्थिर करना और उसका पुनर्निर्माण करना है। कई मुस्लिम देशों ने इसमें शामिल होने का फैसला किया है, जबकि यूरोपीय देश दूरी बनाए हुए हैं। बोर्ड की कमान ट्रंप के हाथों में होने और उनके इजरायल समर्थक रुख को लेकर विवाद है, जिससे कुछ मुस्लिम देशों में भी नाराजगी है।


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~HT.178~ED.104~

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00:00गाजा युद्ध के बाद दुनिया आप सिर्फ युद्ध विराम नहीं बलकि शान्ती और पूर्ण निर्मान की बात कर रही है
00:18लेकिन इसे बीच अमेरिका के राजपटी दोनल्ड ट्रम्प ने एक ऐसा मंच खड़ा किया है जिसने सवाल भी खड़े किये हैं और उमीदे भी
00:24इस मंच का नाम है Board of Peace
00:26कुछ देश इसे गाज़ा के लिए एक नई शिरुवात मान रहे हैं तो कुछ कोड़ डर है कि ये शान्ती से ज़ादा रणनीती का मंच ना बन जाए
00:33तो आखिर Board of Peace क्या है इसमें कौन कौन शामिल है और इस पर विवाद क्यों हो रहा है
00:37सब बताएंगे आपको आप देख रहे हैं One India Hindi और मैं हूँ आपके साथ One Chicago
00:42Board of Peace की शिरुवार डोनल्ड ट्रम्प ने गाज़ा के लिए पेश अपनी सीसपायर योजना के दूसरे चरण के रूप में की थी
00:54इसका घोशना मकसद है काजा को युद्ध के बाद स्थिर करना, हीनसा को रोकना और पून निर्वान की निगरानी करना
01:01निवेंबर में सीोजना को सैयुक तराष्ट सुरक्षा परिशत का समर्थन भी मिला जिससे इस अंतराष्टिय विद्धता मिली
01:07चार्टर के मताबिक ये बोर्ड एक अंतराष्टिय संस्था के तौर पर काम करेगा तो संगर्ष प्रभावे तिलाकों में शांती, शासन और अस्थिर्था को बढ़ावा देगा
01:16चार्टर कहता है कि डोनल्ड ट्रम्प इस बोर्ड के अनशित काले नध्यक्ष होंगे यानि वे अपने कारेकाल के बाद भी स्पत पर बने रह सकते हैं
01:23इसके नीचे बनने वाले एक्जेक्विटिव बोर्ड में शामिल है जारेट कुष्णर, अमेरिकी विदेश मंतरी मौरको रुबियो, विशेश दुद्स्टिव विटकॉफ और बिटेन के पूर प्रधान मंतरी तूनी बिलियर
01:34यही वज़ा है कि कई देश इसे अमेरिकी केंदरित मंच मान रहे हैं ना कि पूरी तरह निक्षपक्ष अंतराश्टिय पहल
01:40क्रम के निमंतरन को जिन देशों ने स्विकार किया है उनमें कई बड़े मुस्लिम देश शामिल है
01:44साउदी अरप, UAE, मिसर, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया
01:49इसके अलावा हंगरी, अर्जिंटिना, कोसवो, कजाकिक्स्तान, उजबेगिस्तान भी बोर्ट का हिस्सा बनने जा रहे हैं
01:55फ्रांस और ब्रिटेन जैसे अमेरिका के पुराने सहियोंगी देश इस बोर्ट से दूरी बनाये हुए हैं
02:00रिपोर्ट्स के मताबिक, यूरोपियों देशों को ट्रम्प के हालिया बयानों से नाराजगी हैं
02:04खासकर गुरीन डेन को लेकर उनके रुख से
02:06यूरोप को आशंग का है कि गाजा जैसे समवेंडन शिल मुद्दो पर ट्रम्प का ये मंच
02:10कूर्ट नीती से जादा दवाब की राजनीती बन सकता है
02:13विरोध सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है
02:14कई मुस्लिम देशों में नागरिक समाज और राजनतिक नेताओं का कहना है
02:18कि ट्रम्प को इस्राइल समर्थक नेता माना जाता है
02:21ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या ये बोर्ड गाजा के हित में काम करेगा
02:24या इस्राइल के रणनीती हीतों को आगे बढ़ाएगा
02:27वैं अंतराश्टि शांति वार्दकार नौमी बार योवक का कहना है
02:31कि तुर्की और कतर जैसे देशों के इस्राइल से रिष्टे तनाफ़कून है
02:34ऐसे में गाजा एक साज़ा और रणनीती बनाना आसान नहीं होगा
02:37तो सवाल साफ है क्या Board of Peace गाजा के लिए शांति लाएगा
02:42या ये वैश्विक राजनिती का नया अखाड़ा बनेगा
02:45फिलाल ये Board उमीद और आशंत का दोनों के बीच खड़ा है
02:47और गाजा अभी जवाब का इंपदार करता है
02:50तो इस ख़बर में इतना ही अगर आपको मारी वीडियो पसंद नाई हूँ तो इस वीडियो को लाइक करें शेर करें और हमारे चानल को सब्स्ट्राइब करना ना भूलें
02:56मैं थी आपके साथ बंस्टी का और आप देख रहे थी One India Hindi
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