00:00गाजा युद्ध के बाद दुनिया आप सिर्फ युद्ध विराम नहीं बलकि शान्ती और पूर्ण निर्मान की बात कर रही है
00:18लेकिन इसे बीच अमेरिका के राजपटी दोनल्ड ट्रम्प ने एक ऐसा मंच खड़ा किया है जिसने सवाल भी खड़े किये हैं और उमीदे भी
00:24इस मंच का नाम है Board of Peace
00:26कुछ देश इसे गाज़ा के लिए एक नई शिरुवात मान रहे हैं तो कुछ कोड़ डर है कि ये शान्ती से ज़ादा रणनीती का मंच ना बन जाए
00:33तो आखिर Board of Peace क्या है इसमें कौन कौन शामिल है और इस पर विवाद क्यों हो रहा है
00:37सब बताएंगे आपको आप देख रहे हैं One India Hindi और मैं हूँ आपके साथ One Chicago
00:42Board of Peace की शिरुवार डोनल्ड ट्रम्प ने गाज़ा के लिए पेश अपनी सीसपायर योजना के दूसरे चरण के रूप में की थी
00:54इसका घोशना मकसद है काजा को युद्ध के बाद स्थिर करना, हीनसा को रोकना और पून निर्वान की निगरानी करना
01:01निवेंबर में सीोजना को सैयुक तराष्ट सुरक्षा परिशत का समर्थन भी मिला जिससे इस अंतराष्टिय विद्धता मिली
01:07चार्टर के मताबिक ये बोर्ड एक अंतराष्टिय संस्था के तौर पर काम करेगा तो संगर्ष प्रभावे तिलाकों में शांती, शासन और अस्थिर्था को बढ़ावा देगा
01:16चार्टर कहता है कि डोनल्ड ट्रम्प इस बोर्ड के अनशित काले नध्यक्ष होंगे यानि वे अपने कारेकाल के बाद भी स्पत पर बने रह सकते हैं
01:23इसके नीचे बनने वाले एक्जेक्विटिव बोर्ड में शामिल है जारेट कुष्णर, अमेरिकी विदेश मंतरी मौरको रुबियो, विशेश दुद्स्टिव विटकॉफ और बिटेन के पूर प्रधान मंतरी तूनी बिलियर
01:34यही वज़ा है कि कई देश इसे अमेरिकी केंदरित मंच मान रहे हैं ना कि पूरी तरह निक्षपक्ष अंतराश्टिय पहल
01:40क्रम के निमंतरन को जिन देशों ने स्विकार किया है उनमें कई बड़े मुस्लिम देश शामिल है
01:44साउदी अरप, UAE, मिसर, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया
01:49इसके अलावा हंगरी, अर्जिंटिना, कोसवो, कजाकिक्स्तान, उजबेगिस्तान भी बोर्ट का हिस्सा बनने जा रहे हैं
01:55फ्रांस और ब्रिटेन जैसे अमेरिका के पुराने सहियोंगी देश इस बोर्ट से दूरी बनाये हुए हैं
02:00रिपोर्ट्स के मताबिक, यूरोपियों देशों को ट्रम्प के हालिया बयानों से नाराजगी हैं
02:04खासकर गुरीन डेन को लेकर उनके रुख से
02:06यूरोप को आशंग का है कि गाजा जैसे समवेंडन शिल मुद्दो पर ट्रम्प का ये मंच
02:10कूर्ट नीती से जादा दवाब की राजनीती बन सकता है
02:13विरोध सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है
02:14कई मुस्लिम देशों में नागरिक समाज और राजनतिक नेताओं का कहना है
02:18कि ट्रम्प को इस्राइल समर्थक नेता माना जाता है
02:21ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या ये बोर्ड गाजा के हित में काम करेगा
02:24या इस्राइल के रणनीती हीतों को आगे बढ़ाएगा
02:27वैं अंतराश्टि शांति वार्दकार नौमी बार योवक का कहना है
02:31कि तुर्की और कतर जैसे देशों के इस्राइल से रिष्टे तनाफ़कून है
02:34ऐसे में गाजा एक साज़ा और रणनीती बनाना आसान नहीं होगा
02:37तो सवाल साफ है क्या Board of Peace गाजा के लिए शांति लाएगा
02:42या ये वैश्विक राजनिती का नया अखाड़ा बनेगा
02:45फिलाल ये Board उमीद और आशंत का दोनों के बीच खड़ा है
02:47और गाजा अभी जवाब का इंपदार करता है
02:50तो इस ख़बर में इतना ही अगर आपको मारी वीडियो पसंद नाई हूँ तो इस वीडियो को लाइक करें शेर करें और हमारे चानल को सब्स्ट्राइब करना ना भूलें
02:56मैं थी आपके साथ बंस्टी का और आप देख रहे थी One India Hindi
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