00:00आपको ये बताते हैं कि क्या वक्त एक बार फिर से खुद को दोहरा रहा है
00:04क्या दुनिया धीरे धीरे तीर से विश्व की तरफ बढ़ रही है
00:07आज जिस तरह राश्रपती डॉनल्ड ट्रम्प पूरी दन्या पर अपनी धौस जमा रहे है ठीक
00:12वैसा ही दूसरे विश्वयुद से पहले जर्मणी के तानाशा अजॉल्फ हिटलर ने किया था
00:17उस वक्त हिटलर ने ना से जर्मणी की सेना का विस्तार किया
00:20बलकि राइनलैंड और चिकुसलवाकिया पर उसी तरह वेत कबजा किया
00:25जिस तरह आज राश्रपती ट्रम्प ने वेनिस्वेला पर हमला किया और वो ग्रीनलंड पर भी कब्जा करने की धंकी दे रहे है
00:30बड़ी बात ये है कि जब हिटलर जॉमनी को फिर से महान बनाने के लिए अपनी ताकत दिखा रहा था
00:37तपश्चिमी देश बटे हुए थे और इसी घलती ने दुनिया को उस वक्त दूसे विश्वी युद्ध की आग में धखेल दिया था
00:43और अब लगता है कि आज वक्त एक बार फिर से खुद को दुराने ना लग जाए
00:48वरेसोला के राश्वपती निकलस मादरों को गिरफतार करने के बाद राश्वपती डॉनल्ल ट्रम्प इस बात पर आड़ चुके है
00:53कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ग्रीनलंड को हासल करके रहेगा
00:57और इसके लिए उन्होंने येरोप के आठ देशों पर सजा के रूप में दस प्रतिशत टारिफ लगा दिया है
01:02इन देशों में डेन्मार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जोर्मनी, इंगलंड, नीदरलंड और फिनलंड शामिल है
01:15इन सभी देशों पर ट्रेट डील के तहट अभी 15% टारिफ लगाया जा रहा है
01:20लेकिन अब 1 जून से इन देशों पर 25% टारिफ लगाया जाएगा
01:24और इसके पीछे कारण ये है कि इन देशों ने ग्रीनलंड की आजादी का समर्थन कर दिया है
01:28सोचने वाली बात ये है
01:30कि ये सारे देश नेटो संगठन का हिस्सा है
01:33जिसमें अमेरिका भी शामिल है
01:36और नेटो का अनुछेद 5 कहता है कि अगर उसके एक सदस्य पर हमला होता है
01:40तो इसे सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा
01:42लेकिन यहाँ तो इस मामल में गंगा जी उल्टी बहे रही है
01:47खुद अमेरिका नेटो के ही सदस्य देशों को धमकी दे रहा है
01:51और यहाँ तक कह रहा है कि वो किसी भी कीमत पर ग्रीनलेंड को हासल करके रहेगा
01:55मैं आपको बड़ी स्वीन पर दिखाती हूँ कि आखिर राष्पती ट्राम यह जो ग्रीनलेंड है
02:00इस ग्रीनलेंड के पीछे आखिर वो क्यों पड़े हुए
02:03आखिर कौन सी मान सिकता है जिसकी वज़े से उनकी पूरी की पूरी नजर जो है
02:08ग्रीनलेंड पर आकर टिक गई है
02:10ग्रीनलेंड का कुलक शेतरफल जो है सबसे पहले आपको दिखाते है
02:13कुलक शेतरफल जो है वो 21,66,000 वर्ग किलोमेटर है
02:19और यह भारत के उत्तरप्रदेश राज्य से 9 गुना बड़ा है
02:23और इसी के साथ साथ अगर आप United States of America को देखे
02:30तो Florida, उसके एक अगर आप county को ले ले, state को ले ले
02:34तो Florida से 13 गुना बड़ा है Greenland
02:3813 times बड़ा है
02:41अब इसका मतलब समझे
02:43अब इतना जादा शेतरफल होते हुए भी Greenland की जो कुल आबादी है
02:48वो कितनी है 58,000 अब जानके हैरान रह जाएंगे
02:52ऐसा इसलिए क्योंकि Greenland का 80% शेतरफल बर्फ की चादर से रखा है
02:57जिसे Ice Sheet भी कहते है
02:59आसान भाशा में कहें तो Greenland में इंसानों के लिए जीवन बहुत मुश्किल है
03:05ना तो Greenland में खेती संबव है ना को निर्मान हो सकता है ना सड़के बन सकती है
03:09और ना ही Greenland के इलाकों में स्थाई जीवन आसान है
03:12लेकिन फिर भी आपको तस्वीरे भी दिखा रहे है
03:15यहाँ पर सड़के बनाना, फैक्टरी बनाना, घर बनाना सब कुछ मुश्किल है
03:20बहुत स्कैंटिली पॉपिलेटर है सिर्फ 58,000 लोग
03:23फिर भी राश्रोपती ट्राम ग्रीनलेंड को अमेरिका का हिस्सा क्यों मनाना चाहते है
03:28समझे, यूरप के देशों ने जिन 30 खनिजों को दुरलब माना है
03:35जिसमें 25 खनिज ग्रीनलेंड में मौझूद है
03:39अगर ये दुरलब खनिज अमेरिका को मिल जाते है
03:43तो वो चीन पर अपनी निर्भरता को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है
03:46ये वही दुरलब खनिज है, यहाँ पर जूम इन कीजे और दिखाईए
03:4925 दुरलब खनिज
03:51तो चीन पर उसकी जो निर्भरता है वो खत्म हो जाएगी
03:54यूरेनियम का भंडार ये वही दुरलब खनिज है
03:58जिनका इस्तमाल मोबाइल फोन, मिसाइल, रडार, इलेक्टरिक कार, विन टरबाइन, लडाकू, विमानों सब में होता है
04:04इसके अलावा ग्रीनलेंड में यूरेनियम है
04:06यूरेनियम का भंडार है, जो परमानू हत्यार बनाने के लिए जरूरी होता है
04:11और ये एक बार फिर सो जो उनका नारा है मागा का, Make America Great Again
04:16उसी कड़ी में इसे देख रहे हैं
04:18इसी ग्रीनलेंड में अर्बो बैरल का चातेल और प्राकृतिक गैसे हो सकती है
04:22इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी के लिए लीथियम हो सकता है
04:26सोचे
04:27जो हाई जिंक है, लेड है, कॉपर के साथ सोने की बड़ी-बड़ी ख़दाने भी हो सकती है
04:35जिसके कारण राश्रपती डॉनल्ड टरॉम ग्रीनलंड को अमेरिका में मिलाना चाहते है
04:38ग्रीनलंड को लेकर राश्रपती ट्रॉम की जिद का एक और कारण है
04:42ये नक्षा
04:43अब हम आपको दिखाते हैं ये नक्षा
04:45जो बड़े स्क्वीन पर हम दिखाना चाहरे हैं दरसल आपको
04:47ये नक्षा दिखा दीजे एक बार
04:49ये देखे
04:51अभी दुनिया में व्यापार के लिए प्रमक रूप से कुल 14 मार्ग है
04:55और ये सारे मार्ग नीचे से होकर गुजरते हैं
04:59जितने भी सी रूटस आप देखेंगे नीचे की तरफ आकर गुजरते हैं
05:03जादा तर जो मार्ग है
05:0414
05:06ये जो उपर आक्टिक सरकल का इलाका है
05:10जो आप देख रहें उपर में
05:11जूम इन करके उपर वाला हिसा दिखाए
05:13सबसे उपर
05:14आक्टिक सरकल वाला इलाका है
05:16यहां बर्फ बहुत जादा है
05:19जिसके कारण अगर आप देखे
05:23तो इस रूट से व्यापार संभव है ही नहीं
05:27लेकिन अब जलवायू परिवर्तन के कारण Arctic Circle में बर्फ पिघल रही है
05:32और जैसे जैसे बर्फ पिघल कर इस इलाके में समुद्रूई रास्ता तयार हो रहा है
05:37उससे दुनिया के बड़े देश इस इलाके को व्यापार के लिए एक लोटरी बन रहे है
05:42और इसका कारण है कि अगर Arctic Circle से व्यापार शुरू हो गया उपर से
05:46तो शांगाई से नीदरलंड की दूरी 22 प्रतिशत कम हो जाएगी
05:51और इसके कारण 30 से 40 प्रतिशत पैसे की भी बचत होगी
05:54और इस नदन सी रूट को वही नियंतरत करेगा जिसका Greenland पर प्रभाव होगा
06:00सोचे दुनिया में Climate Change को लेकर इतनी बड़ी बड़ी बाते होती है
06:04लेकिन हकीकत ये कि Climate Change के कारण अब Arctic Circle की बर्फ पिखल रही है
06:09तो बड़े बड़े देश इसमें अपना फाइदा ढून रहे है
06:12और अमेरिका तो एक दम आगे बढ़कर Greenland पर ही कबजा करना चाता है
06:15और ऐसा नहीं है कि अमेरिका ये पहली बार करना है
06:19अगर आप अमेरिका के असली नक्षे को देखेंगे तो वो सिर्फ इन 13 राज्यों तक सीमित था
06:25बाद में अमेरिका ने साल 1803 में लियूजियाना को फ्रांसे खरीदा
06:32जिसे आज की 14 राज्यों में बाटा गया है
06:35और इन में मिसूरी, आयोवा, नौथ डाकोटा, साउट डाकोटा, ओकलाहूमा, कैंसस, कॉलराडो, मिनसोटा जैसे राज्या आते है
06:46इसी तरह अमेरिका ने साल 1819 में स्पेन के साथ एक संदी की थी और उससे फ्लॉरिडा राज्यों को खरीदा था
06:52साल 1867 में अमेरिका ने अलास्का को रश्या से खरीदा
06:56इसके अलावा आज अमेरिका मेकसिको पर यारूप लगाता है कि उसके नागरी गुस्पैट करके अमेरिका में दाखिल होते है
07:02जबकि सचाई ये है कि टेकसिस राज्य पहले मेकसिको के पास था
07:06लेकिन अमेरिका ने 1845 के युद में टेकसस पर कबजा कर लिया
07:12और इसी तरह कैलिफोर्निया, निवाडा, उटा, आरिजोना और न्यू मेक्सिको भी पहले अमेरिका का हिस्था नहीं थे
07:18लेकिन अमेरिका ने युद के जरीए इन इलाकों पर कबजा किया
07:22और अब अमेरिका ग्रीनलेंड के साथ भी यही करना चाहता है, हलाकि फ्रांस और बिटन जैसे देशों ने इसका जबरदस विरोध किया है और यह कहा है कि ग्रीनलेंड बिकाउं नहीं है, और अगर अमेरिका ग्रीनलेंड पर कबजा करता है तो यह देश उसकी सुरक्षा कर
07:52करता है
08:22Greenland is not for sale and we will never be for sale.
08:52पश्यमी देशों की इस लड़ाई को देखकर लेकिन आज आज आप सोची कौन मुस्कुरा रहा होगा रश्या के राश्यपती व्लादिमिर पूटिन और चाइना के राश्यपती शी जिन पिंग शायद काफी खुश हो रहे होंगे क्योंकि अब तक ऐसा माना जाता था कि ने
09:22यूनियन की एमजेंसी बैटक में ये फैसला हुआ है कि अगर बाचीट से ग्रीनलेंड के मुद्दे का कोई समाधान नहीं निकला तो यूरोप के देश अमेरिका पर जवाबी कारवाई करेंगे और जवाबी कारवाई में टारिफ का जवाब टारिफ से ही दिया जाएगा
09:52इंस्ट्रुमेंट कहते हैं ये खानून साल 2023 में चाइना जैसे देशों के लिए बनाया गया था ताकि यूरोप के देशों को आर्थिक पाबंदियों और दबाव से बचाया जा सके लेकिन अब यूरोप के देश इस आर्थिक हतियार का इस्तमाल किसी और के खिलाफ नहीं
10:22प्रा के जो व्यापार है उसको बहुत कंट्रोल बहुत सीमित बहुत कम कर दिया जाएगा और अमेरिका के साथ वैसा ही सुलूक होगा जैसा राश्रपती ट्रंप अभी पूरी दुनिया के साथ कर रहे हैं इसके अलावा अमेरिका को कड़ा संदेश देने के लिए यूरो�
10:52पूरी दुनिया में फैला था और अब फिर से पश्चमी देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है बड़ी बात यह है कि पिछले एक हफते में गूगल पर बहुत सारे लोगों ने सवाल को सर्च किया है कि क्या यूरोप के देश ग्रीनलेंड को अमेरिका से बचाने मे
11:22और यूरोप के देशों की तुलना करें तो अमेरिका हर मामले में यूरोप पर भारी नजर आता है
11:2734 करोड की आबादी वाले अमेरिका की अर्थविवस्ता 2772,00,00 करोड रुपे की है
11:34जबकि 45 करोड की आबादी वाले European Union में कुल 27 देश आते हैं
11:39लेकिन इन 27 देशों की कुल अर्थविवस्ता 1,988,00,00,000,00 करोड रुपे की है
11:45जो अमेरिका से लगबग 874 लाग करोड रुपे कम है
11:49अमेरिका के पास 13,58,000 सैनिकों की फौज है
11:54जबकि यूरोपिय यूनियन के पास 13,61,000 सैनिकों की फौज
11:58अमेरिका का सालाना रक्षा बजट 83 लाग करोड रुपे का है
12:02जबकि European Union के 27 देशों का सालाना रक्षा बज़र 21 लाग करोड रुपे का है
12:06जो अमेरिका से 52 लाग करोड रुपे कम है
12:09अमेरिका के पास 13,175 लडाकु विमान है
12:1320 aircraft carriers है, 70 submarines है
12:18जबकि European Union के पास 5,199 लडाकु विमान है
12:227 aircraft carriers है, 46 submarines
12:26हलाकि Europe के ज़्याद तर देश हतियारों के लिए अमेरिका पर ही निर्भर करता है
12:29योरोप के देशों के पास जो 46% लडाकु विमान ऐसे है
12:3446% कहां बने है, अमेरिका में
12:3842% मिसाइले ऐसी है जो अमेरिका में बनी है
12:4223% गोला वारूद भी है जो मेड इन अमेरिका है
12:56इसलिए वो इन देशों पर सजा के तौर पर टारिफ भी लगा रहे हैं
13:00इन्हें दिन्राथ धंकी भी दे रहे हैं, देखिये
13:26रॉच्या और चाना विल और यूज भी लेगा है
13:40आपके दिनों में डॉनल्ड ट्रम को लोग सीरिसली लेने लगे हैं
13:44क्योंकि कई बार वो ऐसी बाते बोलते थे पहले जिसकी कलपना भी करना मुश्किल
13:49माना जाता था
13:50लेकिन आज कल देखा जा रहा है कि जो डॉनल्ड ट्रम कहते हैं
13:54चाहे वो आपके लिए कलपना करना या सोचना समझना कितना भी मुश्किल हो
13:58वो कर बैठते हैं
14:00एक तरफ ग्रीनलंड पर कबजे को लेकर नेटों का भवश्य दाव पर लगा है
14:04तो दूसी तरफ राश्रपती ट्रम्प संयुक्त राश्र को भी बंद कराना चाहते हैं
14:08अब सुनिये
14:08राश्रपती ट्रम्प ने दुनिया में शांती लाने के लिए
14:11एक नई अंतराश्रे संसा बनाने का प्रस्ताव पेश किया है
14:15जिसका नाम है
14:15Board of Peace
14:18यह AI generated video है
14:20पहले यह Board of Peace गाजा में शांती की स्थापना के लिए बनाये गया था
14:23लेकिन अब राश्रपती ट्रम्प इस संसा को गाजा तक सीमित नहीं रखना चाहते
14:28वो इसे एक permanent global body बनाना चाहते है
14:30जो दुनिया में शांती के प्रयासों के लिए काम करें
14:33बड़ी बात यह है कि यह Board of Peace एक shopping mall की तरह होगा
14:37जहां शांती को एक product की तरह बेचा जाएगा
14:42अब भई अगर conceive और इसको imagine डॉनल्ड टरम कर रहे हैं
14:47तो मामला तो कुछ ऐसा ही लग रहा था कि बनने वाला है
14:50शांती के नाम पर बनने वाले इस Board की membership लेने के लिए
14:54हर देश को लगवग 9000 करोड रुपे देने होगे
14:579000 करोड रुपे दीजिए फिर आप इस कमिटी में घुसिए
15:04इससे जिस देश के पास पैसे होंगे वो तो इस Board का सदसे बन जाएगा
15:08लेकिन जो गरीब देश है वो इस Board से हमेशा बाहर रहेंगे
15:11इसके अलावा जो देश अस्थाई रूप से इस Board का हिस्सा बनेंगे
15:14उनका कारेकाल सिर्फ तीन साल का होगा
15:16हर साल में उन्हें एक निश्चित भुक्तान करके इस Board की सदस्ता को बरकरार रखना होगा
15:20यानि ये जो शान्ती बोर्ड, पीस बोर्ड है उसमें शान्ती को एक नैतिक मुल्य या मानविय लक्ष की तरफ नहीं
15:29बलकि एक बाजार के उत्पाद की तरह इस्तमाल किया जाएगा
15:32और ये यूएन से संयुक्त राश्चित से बिलकुल अलग होगा
15:36सयुक्त राश्चित की महासभा में हर देश के पास एक वोट की ताकत है
15:40लेकिन राश्चित ट्रम्प के इस बोर्ड अफ पीस में मेंबर्शिप खरीदने वाले देशों को ही वोट करने का अधिकार होगा
15:45और इस बोर्ड के चेय परसन भी सही समझावने राश्चित ट्रम्प होगे
15:50सरल शब्दों में इसका मतलब ये हुआ कि राश्चित ट्रम्प अपनी मर्जी से इस बोर्ड को चलाएंगे
15:55वही देश इस बोर्ट का सदसे बन पाएगा जिसके लिए राज़मती ट्रॉम्प अकनी सहमती देंगे
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