00:00प्रदोश वरत भगवान शिव को समर्पित एक अतियंत पावन वरत है जिसमे दिन भर गुवाज रखने के बाद शाम के समें प्रदोश काल में पूझा की जाती है
00:13इस वरत में शाम का समय सबसे महत्वपून माना जाता है
00:16क्योंकि इसी समय भगवान शिव अपने भगतों पर विशेश क्रिपा बरसाते है
00:21ऐसे में वरत रखने वाले लोगों के मन में यह सवाल आता है
00:25कि प्रदोश वरत के दिन शाम को क्या खाना चाहिए
00:28तो चलिए आज के इस वीडियो में हम जानेंगे कि वरत की शाम को कौन-कौन से साथविक और फलहार भोजन ग्रहन किये जाते है
00:35प्रदोश वरत में शाम के समय पूजा के बाद फलहार करने की परंपरा है
00:40फलहार को शुद्ध, हलका और साथविक माना जाता है
00:43जिससे शरीर पर अधिक भाण नहीं पड़ता
00:46यही कारण है कि वरत की शाम को फल, दूध और वरत विशेश भोजन को खाया जाता है
00:53चलिए जानते हैं कौन से फलहार को आप ग्रहन कर सकते है
00:57ताजे फल का सेवन
00:58प्रदोश वरत की शाम को ताजे और मौसमी फल खाना शुब माना जाता है
01:03केला, सेव, पपीता, अनार, नाशपाती जैसे फल शरीर को तुरंत एनरजी देते हैं
01:10और पवास के बाद कमजोरी महसूस नहीं हूने देते
01:13दूध और दूध से बनी चीजे
01:16भगवान शिव को दूध अत्यंत प्रिय माना जाता है
01:19इसलिए प्रदोश वरत की शाम को दूध या दूध से बनी चीजों का सेवन विशेश फल दाई माना जाता है
01:25आप साधा दूध, दूध से बनी खीर या दही का सेवन भी कर सकते हैं
01:31साबुदाना से बने भूजन
01:32प्रदोश वरत में शाम को साबुदाना खिचडी, साबुदाना खीर या साबुदाना टिक्की जैसे व्यंजन खाय जा सकते हैं
01:39साबुदाना सान से पच्चने वाला होता है और लंबे समय तक उच्चा देता है
01:44यही कारण है कि वरत में इसे सबसे लोक प्रिये फलहार भोजन माना जाता है
01:48कुट्टू के आटे से बना भोजन, कुट्टू के आटे से बनी पूरी या पराथा भी प्रदोश वरत की शाम को खाया जा सकता है
01:55यह वरत के नियमों के अनुसार शुद्ध माना जाता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है
02:02मेवे और सुखे फल प्रदोश वरत की शाम को सीमित मातरा में मेवे जैसे बदाम, काजु, किश्मिश और अखरोट का सेवन किया जा सकता है
02:12यह मेवे शरीर को ताकत देते हैं और दिन भर के उपवास के बाद थकान को दूर करते हैं
02:17हरी मूँ, प्रदोश वरत की शाम को आप उबली हुई हरी मूँ का सेवन भी कर सकते हैं
02:23यह असानी से पच जाते हैं और पेट पर भारिपन नहीं डालती
02:27इसलिए वरत के दौरान इसे शाम के भूजिन में शामिन किया जा सकता है
02:31सिंगाडे के आटे से बना हल्वा
02:34जी हां, सिंगाडे के आटे से बना हल्वा एक उत्तम और साथ्विक विकल्प माना जाता है
02:39सिंगाडा वरत में मानेक हादे पदार्थों में शामिल होता है
02:43गी से बना हलवा स्वादिष्ट होने के साथ साथ पोश्टिक भी होता है
02:47और पूजा के बाद प्रसाद रूप में ग्रहेंग करने के लिए बहुत शुब माना जाता है
02:52प्रदोश वरत की शाम को फल, दूद, साबुदाना, कुट्टू और मेवो जैसे साथ इक भूजन का सेवन करना धार्मिक रूप से शुब और स्वस्थे के लिए लापकारी माना जाता है
03:03इसके अलावा आप इस वरत में नारेल पानी और समा चावल की खीर भी खा सकते हैं
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