00:00आप घर बैठे आराम से एक बटन दबाते हैं और उमीद करते हैं कि सर्फ दस मिनिट में आपका समान आपके दर्वाजे पर होगा
00:10लेकिन क्या कभी आपने सोचा है जो काम आपको खुद बाजार जाकर करने में दस मिनिट से जौदा समय लग जाता है
00:17वही काम कोई और इंसान ट्राफिक भीर और दबाओ के बीचुक सर्फ दस मिनिट के भीतर कैसे पूरा करता है
00:23अब इस समय की दौड में डिलिवरी बॉय पर सर्फ जम्मदारी नहीं जोखिम भी बढ़ जाता है
00:29ट्राफिक नियम तोड़ने का दबाओ तेज रफतार और कई बार अपनी जान को खत्रे में डालना
00:34एक और हमारी सुविदात और दूसरी और किसी की सुरक्षा
00:37तो सवाल यह है कि क्या 10 मिनट की डिलिवरी वाकई जरूरी है और क्या इसकी कीमत कोई और चुका रहा है
00:43इसी वज़ा से आज देश भर में 10 मिनट डिलिवरी को लेकर बहस छड़ी हुई है
00:48आखिर क्या है ये दस मिनट की डिलिवरी और इस पर विवाद क्यूं हो रहा है
00:52ये सब आज की सब वीडियो में हम जानेंगे लेकिन उस से पहले नमशकार मैं से तोष और आप बोल्ड स्क Sunny देख रहे हैं
00:58तो ये सबसे पहले समझते हैं कि आखिर क्या है 10 मिनट वाली डिलिवरी
01:0210 मिनट डिलिवरी मामला उन कंपनियों से जुड़ा है जो 10 मिनट या फिर उससे भी कम समय में समान पहुचाने का दावा करती हैं
01:10जैसे किराना, सबजी, दवाई या स्नैक से त्यादी
01:13आयब आपको ये भी पिता देते कि आखिर 10 मिनट डिलिवरी पर विवाद क्यों है
01:17अब तेज रफ्तार के दवाव में डिलिवरी बॉय पर जो कि बढ़ जाता है ट्रैफिक नियम तोड़ने की मजबूरी बन जाती है
01:23सड़क हाथ्सों की संभावना जादा हो जाती है और करमचारियों की सुरक्षा और काम के घंटे पर सवाल उठते है
01:30ये सबी रीजन इस सब विवाद का कारण है
01:33वहीं आपको पिता देश में बिते 13 जनवरी 2026 को क्विक कॉमर्स इंडूस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा फैसला आया
01:39जिसके बाद से या पूरी इंडूस्ट्री एक एहम मोर पर पहुँच गई है
01:43अब काफी दिनों से चल रहे गिक वरकर्स की हरताल और सोशल मेडिया में ट्रेंड के बीच सरकार ने जरूरी फैसला लिया है
01:49अब 10 मिनट में डिलिवरी सर्विस पर रोक लगा दी है और कंपणियों को ऐसा दावा करने वाले एड हटाने को भी कहा गया है
01:57अब श्रम और रोजगार मंतरी मंसुख मंडाविया ने ब्लिंकेट जप्टू और स्विगी इंस्टा मार्ट जैसे बड़े प्लैटफॉर्म से कहा है कि वो अपने ब्रांडिंग और विग्यापन से बहुत ज़्यादा प्रचारित 10 मिनट डिलिवरी का दावा हटा ले
02:22को पताते हैं सरकार के और से लिया गया या कदम आचानक महीं है इसके पीछे की तयारी काफी पुरानी है गीग वर्कर संगटोने ने 25 और 31 दिसंबर को देश भर में हरताल की थी अब दोनों ही दिन कोई कॉमर्स के लिए सबसे व्यस्त रहते हैं अब इनकी मांग थी कि 10 मि
02:52से ज्यादा एक सुधार जैसा कदम है जिससे कंपनिया बिना अपने पूरे मॉडल को बदले नियमों का पालन कर सकती है लेकिन इनन सभी मुद्दों के बीच एक सवाल सबसे एहम हो जाता है कि क्या इसके बाद टेजी से समान पहुचाने के प्रतिश्परधा कम हो जाएग
03:22प्लानिंग बहतर होगा तो दोस्तों फिलाल से वीडियो में इतना ही आपकी क्या राय है इसे लेकर हमें कमेंट में लिक कर जरूर बतेएगा
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