क्या आप जानते हैं भगवान जगन्नाथ को सोने-चाँदी के भोग नहीं, बल्कि साधारण खिचड़ी क्यों चढ़ाई जाती है? इस 60 सेकंड की कहानी में जानिए महाप्रसाद खिचड़ी के पीछे का आध्यात्मिक रहस्य, माता लक्ष्मी की इच्छा और भगवान जगन्नाथ की सादगी का संदेश।
00:03बगवान जगनात को सोने चांदी के भोग नहीं सदारन खिचडी क्यों चड़ाई जाती है
00:08पूरी के जगनात मंदिर में सबसे पवित्तर परसाद कहलाता है महापरसाद खिचडी
00:13कहते हैं एक बार माता लक्षमी ने देखा राजा और गरीब ब्रामन और सूथ सब एक साथ बैठ कर एक ही खिचडी खा रहे थे
00:20माता लक्षमी मुस्कुराई और बोली जो बोजन सब को समान बना दे बही मेरे सवामी को सबसे प्रिये है
00:29खिचडी सिर्फ बोजन नहीं जे डाल और चावल का मेल है जैसे भगत और भगवान का मिलना जे सिखाती है भगवान को दिखावा नहीं सची भगती और सादकी चाहिए इसलिए भगवान जगनात कहते है जो सरल है वही मेरा है जै जगना
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