New Year 2025: नया साल आते ही लोग जश्न मनाते हैं,पटाखे फोड़ते हैं,पार्टियाँ करते हैं…
लेकिन एक सवाल उठता है— *इस्लाम में न्यू ईयर पर क्या करना चाहिए? क्या जश्न मनाना सही है या कुछ और आज इसी को *कुरआन और इस्लामी सोच* की रोशनी में आसान भाषा में समझते हैं।
00:00नया साल आते ही लोग जश्न मनाते हैं, पटाखे फोड़ते हैं, पार्टियां करते हैं
00:08लेकिन एक सवाल उठता है, इसलाम में निव इयर पर क्या करना चाहिए?
00:12कह जश्न मनाना सही है या कुछ और?
00:14आज इसी को कुरान और इसलामी सोच की रोश्नी में असान भाशा में समझते हैं
00:19सबसे पहले ये समझना ज़रूरी है कि इसलाम में ग्रिगोरियन निव इयर एक जनवरी को कोई धार्मिक तेवहार नहीं मनाया गया है
00:26इसलाम का अपना कैलेंडर है हिजरी कैलेंडर और इसलाम में नया साल होता है एक महरम को यानि अब 24 फरवरी को
00:34लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एक जनवरी को इसलाम मना करता है
00:38अब ऐसे में समझते हैं कि क्या New Year celebration हराम है
00:41इसलाम सिखाता है कि नशा, फूहर पार्टियां, बेहायाई, गुनावाला जश्न
00:46ये सब किसी भी दिन गलत है, चाहे नया साल हो या कोई और दिन
00:49लेकिन अगर कोई इनसान गुनाँ से बचे, किसी को नुकसान न पौचाए, अल्ला को न भूले
00:54तो सिर्फ तारिख बदलने से कोई चीज हराम नहीं हो जाती
00:57कुरान याद दिलाता है समय की कसम इनसान घाटे में है
01:01मतलब वक्त बहुत कीमती है, हर गुजरा हुआ साल हमारी जिन्दगी से कम हो रहा है
01:06नया साल हमें याद दिलाता है, मैं अल्ला के और करीब हुआ या दूर
01:10अब सवाल आता है कि निव यर पर मुसल्मानों को क्या करना चाहिए
01:14सबसे पहले आत्म मंधन यानी सेल्फ रिफलेक्शन, खुद से पूछिए मैंने पिछले साल क्या अच्छा किया, कहां गलतियां हुई, किन गुनाहों से तौबा करनी है
01:23दूसरा तौबा और इस्तखवा, नय साल शुरू करें अल्ला से माफी मांकर या ला जो गुनाह जाने अंजाने में हुए तू माफ करना
01:31तीसरा है बहतर इंसान बनने का इरादा, नमास पाबंदी से, जूट से दूर, माता पिता का सम्मान, हलाल कमाई, दिल साफ रखना
01:39यही असली निव यर रेजिलूशन है, इसके लावा चौथा है दूआ करना
01:44इसलाम में सबसे सुन्दर काम है दूआ, नय साल की दूआ, या ला आने वाला साल मेरे लिए एमान, अमन और नेकियों से भर दे
01:51पाचवा है सद्का और मदद, नया साल शुरू करें, किसी मगरीब की मदद कर, किसी भूके को खाना खिला कर, किसी दुखी को सहारा दे कर, यही इसलाम का असली जशन है
02:02अब आते हैं कि इन चीजों से बचना चाहिए, इसलाम मना करता है शराब, जिना, गाली गलोज, फिजूल खर्च से दिखावेगा जशन, क्योंकि अल्ला फिजूल खर्च करने वालों को पसंद नहीं करता, एक खुबसूरत बात, इसलाम कहता है, हर सुबा नया मौका है, ह
02:32जैसे देश शामिल है, इन देशों में ये भी माना जाता है कि निव येर को एक धार्मिक तेवहार के तौर पर सबसे पहले शुरू किया गया था, जिसके बाद दुनिया ने इसे कैलेंडर बदलने के तौर पर मनाना शुरू कर दिया, भारत में तमाम धर्मों के लोग एक
03:02शुक्ल पक्ष की प्रतिपता से नय साल की शुरुवात मानी जाती है, हालांकि ज्याता तर लोग एक जनवरी को ही नया साल मना लेते हैं, फिलाल इस वीडियो में इतना ही, अगर आपको ये जानकारी पसंद आई हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्रा
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