00:00जब किसी मामले में सुप्रिम कोट अपना फैसला सुनाता है तो असर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बलकि देश के कानून और समवधान पर भरोसे की परिक्षा होती है।
00:30पर मजबूर करती है।
01:00यह सवाल सरकार से नहीं यह सवाल हम सब से हैं तो कि लोकतंत्र में सवाल उठाना जरूरी है लेकिन देश की एकता पर सवाल उठाना वो भी जान मुझकर एक अलग बहस है।
01:10जी हाँ हम बात कर रहे हैं दिल्ली दंगो से जुड़े शर्यंत्र मामले में शर्जील इमाम की।
01:16इस पर एक वक्त देश द्रो और यूए पिये जो सिगंभीर आरोव भी लगाये गए थे।
01:21तो आज किस वीडियो में आपको बताते हैं शर्जील इमाम के बारे में उनके पिता के बारे में और कहां से यह है यसे सब आपको आज किस वीडियो में जानने को मिलेगा।
01:29को मिलेगा लेकिन उसे पहले नमश्कार मैं सुतो शराब बोल्ट सकाई देख रहे हैं शरजील इमाम बिहार के जहानाबाद जिले के काको गाउ कर रहने वाला है शरजील का परिवार की गिंती इस इलाके के संपन परिवारों में होती है कहा ये भी जाता है कि वह जमिंदार �
01:59कैंसर से मौत हो गए शरजील का चोटा भाई मुझमिल इमाम राष्ट्रे लोक समता पाटी में रहा है और शरजील की स्कूली पढ़ाई 2004 में पटना के सेंट जेवियर हाई स्कूल और 2006 में डिली के डीपियस वसंत कुंच से हुई है अब इसके बाद शरजील ने आयाइट
02:29नौकरी भी कि बाद में 2015 में शरजील ने जेन्यू से मौडन हिस्ट्री में एमे किया और एमफिल के बाद 2017 से पीएचडी कर रहा था वहीं शरजील के पीएचडी का टॉपिक भी विभाजन और मुस्लिम राजनीती ही है वहीं शरजील पर आरोप है कि वह C.E.A. के विरो�
02:59शरजील ने की थी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने शरजील पर IPC 124A यानि कि देश्त्रो 153A और 505 के तहत केस दर्ज किया वहीं असम पुलिस ने शरजील पर UAPA भी लगाया और इसके बाद शरजील को 2020 में दिल्ली दंगो के शर्यंत्र में भी नामज़त किया गया वही
03:29के किलाफ प्रतम दृश्यक आरूप स्थापित होते हैं और UAPA के तहतों 23 सीमा पर लागू होती है अब इसलिए मौजूदा चरण में उन्हें जमानत पर रहा करने का कोई आधार नहीं बनता वहीं UAPA के कारण ही और दिल्ली दंगो के कारण ही इसे जमानत भी नहीं मिल प
03:59कर दो
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