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  • 7 weeks ago
Happy Birthday Rajesh Khanna
Anand (transl. Joy)[a] is a 1971 Indian Hindi-language drama film co-written and directed by Hrishikesh Mukherjee, with dialogues written by Gulzar. It stars Rajesh Khanna in the lead role, with a supporting cast including Amitabh Bachchan, Sumita Sanyal, Ramesh Deo and Seema Deo.

Transcript
00:00कि दूर जब तिंधल जाए सांज की दुलहन बदन चुराए चुपके से आए
00:11आना ए बावु शाय कब आए चोरी-चोरी मेरा गाना सुन रहे थे हैं कैसा लगा बहुत खुबसुरत लेकिन कुछ उदास लगा
00:30कि उदासी खुबसुरत नहीं होती है वावु मुशाय हां होती है मगर तुम्हें तो हमेशा हसते देखा है ना इसलिए
00:39कि तो क्या हारासी के पीछे सिर्फ खुशी रहती है वावु मुशाय कभी-कभी गंबी तो
00:47आ यहां कि अच्छी तो तुम सबके साथ बाठते हूँ आज मेरे साथ थोड़ा सपना खंभी बाठना नाय नहीं जाए यह जीज मैं किसी के साथ नहीं बाठने वाला हां
01:05आपने वाला हाँ माफ करना तुरह इस मामले में थोड़ा सा सेलफिश हूँ
01:15कि आनंद आज कुछ बोलते बोलते रुप गया कि कहते कहते अपना खम चुपा लिया उसने
01:20कि वह गम ही शायद उसके जिम्दा रहनी की शक्ति यह वह और यह कैसे मुमकिन है कि जिसका शरीर दिन बर दिन कमजोर हो रहा है उसके मन की शक्ति इस तरह बढ़ती जा रही है लेके उसका गम क्या है चाहते वह भी मैंने जानने की कोशिछ नहीं कि अगर वही शक्ति उसकी �
01:50दूजया प्रेनाम करूं कि आइए बाबा यह हमारे भीया है बीमार है इन्हें अच्छा कर दीजे ठाड़ो अपनी आपने मतलम की बाद शुरू कर दी अब आप से बात चित तो कर ले बाबा से के बात चित रोगे बताय नहीं था वो बोलते नहीं पार बताय तो ता लेकिन �
02:20प्रसकर फिर तो इस जिंदगी में आप से वारतलाप कोई चांस ले अच्छा बाबा एक बात बता ये आप चुप रहते हैं आपको तक्लिफ नहीं होती अगर मुझे पांच निट के लिए चुप रहना पड़े ना तो दम गुड़ जाए तुम फालतु बाते मत किया करो भा
02:50पाबा ऐसा कुछ नहीं हो सकता की में 200 साल तक जिंदा रूंं और जब तक जिंदा रूंं विमारी विमारी रूप वो कुछ ना
02:57है थी विखार तक नों बाबा ऑबा.." और जितने मेरी ये ड्क।र दोस्ते न इनके
03:03जो मिट रही है वो शरीर है तो बबाबा तो मैं आपसे इतनी चोड़ी चीज क्यों वांगू जो मिट रही शरीर क्यों मन को आशिवाद दीजे बाबा जो सदा हसता रहे और दूसरों को आसा आता रहे
03:32बाबा मुझे एक आश्रवात दीजिए कि मैं कभी चुपना रहू बोलता रहू बेशुमार बोलू अच्छा बोलू कलती से भी किसी की बुराई नहीं निकले मेरे मुझसे
03:41ऐसा होगा ना बाबा
03:44हुआ हुआ हुआ है
04:02कि अरे तु छोटा क्यों ही उस प्याज को क्यों उसके पीछे पड़ा हुआ है तो रहने देना बाबा मैं तो कब से कह रहा हूं मैं कर लूँगा तू आया क्यों या किछन में आपने कम रहे हुए देखो रगु काका तुम मुझे अपने दिल्ली से निकाल सकते हो लेकिन उस
04:32हम कि मेरी ऐसी तखदीर काँ जो वह दिन देखों को तूमरी पाथ थोड़ी करने लोगा का मैं तो मुन्हा की बात कर रहा हूं हां मैं भी उसी की बात कर रहा हूं और का इस उमर में अपनी शादी करूंगा उसकि शादी को नहीं कर देखा है वो करे तब ना दुका का तु
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