00:00ने ने पपाजी शागित नी बनना मैंने है तो आद की शक्ति देखकर आद की झालों की धूल मांगी थी
00:04वन्न हम क्या कच्रा ना अपनी रख्षा कर सकते हैं ना अपनी पैन पराहा है
00:08पविती हो या, कौन तरी माँ पेन उस्तांदा है।
00:11पापा जी, कुछ लोग है इस महल्ले में, जो खाम का फिक्रे कसते रहते हैं।
00:14मेरी भावी, निनी, मतलल मेरा मेरी हुने वाली भावी का घर आना जाना मुश्किल होग्या।
00:17वो जीतिया मैं हुने आना, चल खाम खाँ, कौन फिकर एक कसता है, वो दीते मैं, जाब पापा जी
00:24अधर लगाया, क्या लगाया
00:26पापा जी, वो रहे, अने की नहीं, पहले मुझे जाने भीजे, अबर श्रू होती आपा
00:35पापा जी, जल्दी आना, ताइम पर आना कहीं मरी चक्नीरा बन जाए
00:43वो यह तो यह दाटा जुलाद कौन डर्या, जाओ, जाओ
00:46जाओ, जाओ जाओ जाओ, जाओ वे, अले फिर आगया
00:50जई हजरत, किससे मुकालाद करने आए, हमसे यह अपनी उस लैला से
00:56जाओ जाओ, जाओ, जाओ, जाओ, जाओ, जाओ
01:09फो झासल कर लिए, तो अंडर आसानी होगी, जाओ, जाओ, जाओ, जाओ
01:15किसको क्या करते हैं तेन पाइप पेंग अधर गंदी नाली अधर सुन यह पैना तो तो मैं गंदी नाली यह भैंगा अधर
01:37पापाजी तुरा जवाब नी तुसी चागयों पापाजी तुसी साक्षाद धीम सैन हो जीते रहो बेटा कुछ कच्छ
01:48देवा माचा आनन्दा तला बरका मी तुझा कड़े भीक मागते भीक मागते भीक मागते
01:56सुमान क्या है यह लो तुम यह बैटकर भगवान से गप्पलर आ रही हो मैंने सारा घर चान मारा यह मिठाई के सब्सक्राइब
02:12अच्छ वगए वड़ी सकत बिमारी यह तो शुकर करो कि मैंने सिंट्रों पैचान लिये और दवा को ढूंदना शूर कर दिया लेकिन इससे पहले कि मैं दवा को ढूंद सका दवा ने खुद मरीज को डूंद लिया मेरी कुछ समझ में नहीं आरा भया किसने ढूंद लिया
02:42देखो ना दिन रात तुम लोग घूंगते हो तुम्हें नहीं पता चला मैंने खबर कर लिए तुम्हें किसी की फिकर नहीं है बगवान से अपने लिए नहीं कभी-कभी दूसरों के लिए भी कुछ मांगना चाहिए
02:50लेकिन आज आज तो मैं यह सर्फ अपने ले मांग रही है क्या है भूलना क्या मांग रही थे
03:03खिलाने मिलाने ले आओं अरे मामा मामा को मजाग थोड़ी है ने तो भांजा क्या कएगा हाँ या बांजा या भांजी लो शर्मा कि अरे बोलना क्या मांगा बोलना
03:21अपने भाई की जिंदगी मांग रही थी
03:23वह उस रासकर ने सब बता दिया सुमन सुमन तेख मेरी तरफ मेरी तरफ तेर चीची मेरी बहनों कर रोड़ी इतनी कमजोर रोज वगवान के परात्ना करती यह शक्ति दियो उसने अच्छा भगली मैं कब तुझे छोड़के चला जाओंगा उस डर से रोरी है
03:52अज आज तरे सामे तरफ भाई खड़ा इसे देख कर खुश नहीं हो सकती हस नहीं सकती है
04:05करें
04:12करें
04:13कि अब गरें रेनुजी आये बैटिए बैटिए बैटिए तो यहां एक पहरवान दोस्त नहिंद सिखा बहुत ही शक्ति दायत बोलिए वह पो सिंदेगा तो जल्कल्प कवाब हो जाएगा लो शैतान का नाम दिया हाज़िर हो कि अरे तुम कमैं नो नो बहु पे जाओ बाप
04:43जलकर खांक उग एक पफिक कोई है अगर को यहां का जी कह रही होँ अगर मुरारी लावाल करेंद्र को यह का अधारीवाडी बैडाली शायान की तरह
05:10पहिचाना ने बूल गए बच्चु कुछ तो मिनार पर भीयर पिला कर आउट कर दिया था
05:17अरे जेचन तुम हद हो गई यार दो थोड़ी यार चार थे लगी शर्प भाईया पैक तो दो ही थे लेकिन डबल चलो दबल हो जाए नहीं यार मैंने पीना छोड़ दिया तुमने नहीं मिया छुटती कहां है यह काफिर मुह से लगी हुई यह इदर लो इदर लो अचा या
05:47मैं उसे कैंसल कर देता हूँ लगता है बड़ी है अच्छा यह बताओ तुमारे उस गर्ड़्वेंट का क्या वाव वो तो मीडियम साइज की थी
05:57मैं तुम से कहा था ना एक ना एक दिन हमारा मुरारिलाल जरूर मिल जाएगा मिल गया यह है डॉक्टर भासकर बैनर जी मैंनी कहा रहता हूं नमस्ते मैं और जैचन बच्पन में एक ही साथ पड़ा करते थे जबी से इतना शैतान है कि मत पूछी इनका नाम जैचन नहीं �
06:27आपका नम तो भासकरी है ना अरे गुरुदे कहां चले मुझे तुम्हारी तलाशती मान गई गुरु इसी बात पर एक इसमेला चाय होते हैं नहीं चले मुझे रिखल बेजाना है यहां अपनी नाटा कंपणी है ड्रामा करते हो तो गुरुदे मुझे एक रॉल देजिए
06:57तो मैं चलू जा वाकर यह आनन से मिलने आई थी हाँ अनन जी से भी मिल आई थी अनन से तु मिल लेकिन भी से कहां मिली
07:09चलो ना थोईदे भी के पास भी रहा जाओ आपको काम पर नहीं जाना है आदे यंडिया काम है किसी वक्ति कराऊंगा नहीं पहले काम कराईए मैं यहीं पेंटे से करूंगे
07:21अधर अधर शुरू करएं यहां मगर ऐसे मूड नहीं बनता पंडित जी जड़ा और अरुदु का ड्रामा है लिवास सभी हम कराईए दर्दक निध्यों से बजाएंगे
07:47कर दो कि वाले है कर दो कर दो कर दो दो जाए जाए जाए जाए बड़े जाए जाए है
08:17झाल झाल झाल झाल झाल
08:47हम बचा सकते हैं लेकिन तुम्हेरा जाने की इडादत नहीं दे सकते इसलिए कि महां हम समझ गए अब्बा हुदू हम शर्मिंदा है कि हमने तुम्हेरे ऐसे बेटे को जनम दिया अपनी गल्ती पर शर्मिंदा होना हर आदमी का फर्द है
09:15अगर आप गालेंगे तो जिन्दा नहीं रख सकेंगे बहुदू तो प्रजा होते हैं क्यों ना मर गया जिन्दगी और मौत ऊपर वाले के हाथ है जहां पना उसे ना आप बदल सकते हैं और ना मैं
09:30हम सब रंग मंच की कट पुपलिया है जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंदी है कब कौन कैसे उठेगा कोई नहीं बता सकता हाँ
09:42क्या बात है क्या बात है क्या बात है क्या बात है मान गए अचा चलो अब दस मीट के लिए चाप आले की छुद्धी
09:51क्यों जैचन कहती लगी बहुत खुब्सूरत है कौन कौन तुम्दिगे
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