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  • 5 weeks ago

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00:00Na sada sinno sada sit tada nivna sitra jo no vyo ma paroyat
00:07Kima varivaha kuhakasya sharmannam bah
00:11Kima sit gahanam gaviram srişti se pahle sat nahi tha
00:18Asat bhi nahi, antariksh bhi nahi, akash bhi nahi
00:29Chipa tha kya, kaha kisne dhkatha, uspal ko agam atal chalvi kaha tha
00:59Kishni ka korn hai karta?
01:06Kishni ka korn hai karta?
01:12Kishni ka korn hai karta?
01:25Karta hai vaha karta?
01:30Kutung ce akashera nahi, kanina ri.
01:37Kada ahí yash bana raeta, kamali voilà
01:43L Clywa t своих j transitions may jaantha ya nai hihi jhana à
01:46There is no one knows, no one knows, no one knows
02:16Aurengzayb کے راجے کے آخری دنوں میں مغل سلطنت کے الگ الگ حصوں میں جن آندولن شروع ہونے لگے
02:28سرحد کے پتھان قبیلوں، مطورہ کے جاٹ کسانوں، غریب ستنامیوں اور Aurengzayb کی سختی کے قارن سکھوں نے بغاوت کی
02:38یہ ساری بغاوتیں ایک فضیحت تو تھی مگر مغل سلطنت کو اصلی خطرہ مراتھوں کی بڑھتی شکتی سے تھا
02:48شاہ جہاں کے زمانے میں ہی شاہ جی بھونسلے نام کے مراتھا سردار نے صرف اٹھایا تھا
02:54لیکن مراتھوں کا گورو اور مغل سلطنت کی آفت اگر کوئی بنا تو وہ تھا اس کا بیٹا شیواجی
03:03جو سولہ سو تیس میں پیدا ہوا تھا
03:05شیواجی انیس برس کہی تھا جب اس نے پشچمی گھاٹیوں میں رہنے والوں کا ایک ایسا زبردست گروہ تیار کیا
03:14جو اس پر مر مٹنے کو تیار تھے
03:16تا دیوال اگنام سو دینن تا دیو
03:19تارا بلن چندر بلن تا دیو
03:22vitیا بلن دایو بلن تا دیو
03:26لکشنی پته تیندری و گم سمرآمی
03:29شبہ وانگرہ سار دار
03:32آرے بجاو رے بجاو
03:40Thank you very much.
04:10we can't leave the camp
04:12but we have to leave the camp in 1818
04:17in 1818
04:20now we have 1883
04:2365 years
04:25probably not yet
04:28we can't leave the camp
04:30we can leave the camp
04:33first of all our father was
04:37we have to leave the camp
04:42we have to leave the camp
04:44where we have been
04:47for now
04:48only after we have been here
04:51we are here
04:53now our son will leave the camp
04:57and we will have to stay here
04:59so what are you saying
05:04Yes, it's right to say that the Marathir Ryaasat has gone through.
05:11Shivaji Maharaj has gone through 200 years.
05:16But today, Maharaj is still here and here.
05:22That's right.
05:25There was only 80-90 years after that.
05:31Ah, Shrivallab.
05:33He also said that Maharaj had not spoken to him.
05:36He said that...
06:08He said that the Marathir Ryaasat has gone through.
06:15He said that the Marathir Ryaasat has gone through.
06:30But he said that the Marathir Ryaasat has gone through.
06:33The Marathir Ryaasat has gone through.
06:36The Marathir Ryaasat has gone through.
06:39The Marathir Ryaasat has gone through.
06:41The Marathir Ryaasat has gone through.
06:43The Marathir Ryaasat has gone through.
06:44The Marathir Ryaasat has gone through.
06:46The Marathir Ryaasat has gone through.
06:47The Marathir Ryaasat has gone through.
06:49The Marathir Ryaasat has gone through.
06:51oh
06:54oh
06:56yes
06:59oh
07:02oh
07:05oh
07:10oh
07:12oh
07:17oh
07:19ओ, मदुरतम थी उसकी बानी, बहेजों जरने का पानी
07:28शिवाजी राजा खुलभूशन, जरा भी मिले नहीं दूशन
07:39क्या कहे जोतिवा खुले शब्द ना मिले
07:42आप शिवाजी को किसानुं का राजा कैसे कह सकते हैं?
07:56इसलिए कि वो हम किसानों कुन्बियों का नेता था
07:59लेकिन तुम्हारे समझ में ये बात नहीं आएगी
08:02श्रीदरपंत लगता है आज महाराज की पूरी कहानी सुनानी पड़ेगी
08:07और पोते की ब्याहा के दिन महाराज की कहानी सुनाने का सवभाग्य मुझे मिला है
08:12सत्रेवी सदी के शुरुवात में ये जो पूरा इलाका तुम देख रहे हो
08:18और उससे भी परे बारह मावल का प्रदेश है
08:21एकदम बंजर था
08:23मौत का उसे श्राप मिला हुआ था
08:37अंदेरा जड़ता का डस्ता
08:40दलिजर था सब को दलता
08:42मौत का नंगा नाच चलता
08:45तब जिये तो कैसे जिये समझना पड़ता जी जी जी जी जी
08:50अईसे मावल प्रदेश में शहाजी राजे भूसले ने
09:00राजा शिवाजी को उनकी माताश जिजाब आई
09:03और अपने विश्वास पातर सेवग दादुजी कोंदेव के साथ तुने भीज दिया
09:33राजे क्या थक गए नहीं दो
09:40शिवाजी राजे शाजी महाराज की आउलाद है राणी साहिबा इतनी जल्दी क्या थकने वाले हैं
09:47राजे क्या थक गए नहीं दो शिवाजी राजे शाजी महाराज की आउलाद है राणी साहिबा इतनी जल्दी क्या थकने वाले हैं
09:59इनकी आभा साहिब गोडे पर बैठ आधी की तरह दोड़ते थे दुश्मन चक्रा कर रह जाते हैं
10:05कितनी बार आभा साहिब की कहानिया आपसे सुने हैं यह पंत
10:08कहानिया भरवन कर रहे गई हैं राजी
10:11माहुले की शिकस्त के बाद शाजी महाराज बिलकुल बदल गए हैं
10:17हम उनकी उदासी की वज़य जानते हैं
10:20मुगलों से हार मानकर उन्हें निजाम शाही के वारस
10:25अबोध बालक मूर्तजा को मुगलों को सौफना पड़ा
10:29निजाम शाही को तहस नहस होते देखा
10:32पर इसका ये तो मतलब नहीं कि सब कुछ भूलकर रंगरलियों में दिन रात गुजारें
10:37और क्या करते बेचारें इतनी कड़ी शर्तें जो माननी पड़ी
10:41उन शर्तों का तो भारड हो रहे हैं आज तक
10:45निजाम शाही की चाकरी छोड़कर उन्हें अदिल शाह की खिदमत करनी पड़ी
10:50उनके अधिकार में एक भी किला न रहा
10:53अपनी जागिर में रहना मना
10:56मुगलों की इलाके के करीब रहने पर पाबन दी
11:00जाकर बंगलूर में बसना पड़ा
11:02अधिल शाह के लिए पूरा करनाटक जीत लिया वो भी एक अफसाना बनकर रह गया
11:08मासाहिबा यहां तो एक खेट भी दिखाई नहीं देता
11:12क्यों यह लाकाई बदकस्मत है राजे
11:16पहले तो महाराज साहिब को लड़ाईयों से इतनी फुरसत नहीं मिली
11:20कि अपने जागीर की देख भाल करें
11:22यह देखकर देशपांड और देशमुखों ने मनमानी शुरू कर दी
11:27उपर से मुगलों ने लूट मचाई
11:30किसान लुट बिटकर भाग गये
11:33उपजाव धरती जंगल बन गया
11:36अब यहां बाग और फेडियों का राज है
11:40यह सब नहीं चलेगा दादो जी पन्त
11:44इसलिए महराज ने मुझे आपके साथ फिजा है
11:47मैं उनका मतालिक के नहीं
11:50आदिल्शाई का सूबेदार भी हूँ
11:52लेकिन किसानों को कैसे वापस बुलाएंगे पन्त
11:55अगर उने सुरक्षा मिलेगी तो वो जरूर अपने आप वापस आजाएंगे
12:08चलो
12:25क्या बात है
12:30कौन है यह लोग
12:32हम तुम्हारी परजा हैं बाल राजे
12:34उसलों के रहियत
12:35बर्सोबाद मालिका परवेश हो रहा है
12:38सो मुझ्रा करने आए है
12:40राजे
12:41महराज साहब तो यहां आए ही नहीं
12:46हम तो अनात हो गए
12:48महराज साहब तो यहां आए ही नहीं
12:50हम तो अनात हो गए
12:51जागिर में कोई काईदा कानून है ही नहीं
12:53बस जिसकी लाटी उसकी भैंस
12:56महराज साहब ने जागिर
12:58शिवा जी राजे को सौंप दी है
13:00अब वो खुद तुमारी देखबाल करेंगे
13:02मैं का मतालिक हो
13:04आप लोगों को शिकायत का मौकाना मिलेगा
13:06हमें राणी सर्कार के दर्शन की जाज़त मिले
13:09राजे
13:11राणी साहबा से पूछिये
13:13दर्शन देंगी
13:19राणी साहबा के सानम दर्शन जाते हैं
13:32क्या कहना चाहते हो
13:46कहो बिनाडरे कहो
13:49राणी सरकार
13:51हम आपकी वफादार परजा हैं
13:53हमने कर देने से कभी इंकार नहीं किया
13:56जितना देना चाहिए दिया
13:59हमारी रच्छा करो राणी सरकार
14:01किसका डर है तुम्हें
14:03जिसका जी चाहे गाउं में घुषता है
14:06तलवार दिखाता है
14:07जिस चीज पर मन आता है
14:09उसको उठा के चलता बनता है
14:11न घर का आस्रा है
14:13न खेत खलिहान का
14:14और ऐसा भी नहीं कि बरस में एक बार आता या दो बर
14:16बस मन कहा घुष जाता है
14:18कभी एक आता है कभी दूसरा आता है
14:20शिकायत किस के पास करे
14:22और तों का जीना मुस्किल है
14:24कभाब्रों लूट जाए
14:26कोई भरोसा नहीं
14:28गाउं के बाद गाउं बेचिराग होता जा रहा है
14:30लोग जान के डर से भाग रहे हैं
14:32कौन है ये लोग जो ऐसा जुल्म ढारे है
14:38बोलो डरो नहीं
14:40एक हो तो बताएं सरकार
14:42जो भी घुटसवारी जानता है
14:44गाउं में घुषता है
14:46अब समझ लो कि
14:48हम बताते हैं बाल राजे
14:50तो देशपंडे जो है वो अपने आपको मालिक मानते है
14:54तुम्हे नयाय में लेगा
14:56जागिर के काम में कोई बदिंतजा में नहीं होगी
15:00तुम निश्चिंत रहो
15:02लगता है यहां भी मुगल फोजोंने काफी लूट मचाई है
15:08कितने लोग मारे गए
15:12लूट के आने तक यहां रुकता काउन की मुगल उन्हें मारते
15:14सो मकान लूट लाटके
15:16जानवर हांक ले गए सिपाही
15:18तो तुम कहां जाके चुपे
15:20इन पहाडियों में
15:22जितना बंजाय सर पर रखके भागते
15:24बाकी तोड़ फोड़ देते
15:26जला देते
15:28लेकिन पहाडियों पर भी सिपाय पकर सकते हैं तुम्हें
15:32पहारियां चड़ जाएं तो हमें कोई नहीं पकर सकता
15:34न मुगल न आदिल शाही
15:36आजे इन पहाडियों को तुम नहीं जानते
15:38आदमी का चड़ना तो मुश्किल
15:40गुरसवार क्या चड़़ेंगे
15:42और हमें सब पकडंडियां मालूम है
15:44गुफायं भी है वहाँ पर और पिने को पानी भी है
15:48इन पहाडियों की छानबीन करनी होगी
15:52चलो हमें अपने पाडियां दिखाओ
15:54हाँ हाँ चलिए
15:56चलिए पेडियों का सफाया तो हो चुका है दादो जी
15:58अब तो हमें अपने पाडियां दिखाओ
16:00हाँ हाँ चलिए
16:06बेडियों का सफाया तो हो चुका है दादो जी
16:08अब तो किसानों को भी लॉटाना चाहिए
16:10राजे बेडियों से जयदा उन्हें दर है
16:12आपके देशमुखों से
16:14आज किसे पकड़ के लाएं आप
16:16तादो जी
16:18ये फैसला भी आप ही कर लीजे
16:20नहीं
16:21जागीर महराज साब ने तुम्हें साउपी है
16:23इसलिए फैसले तुम्हें लेने होंगे
16:25लाओ
16:33शिवाजी राजे के सामने चुक कर मुझरा करो
16:35क्यों करूँ
16:37ये मेरे स्वामी है क्या
16:39जर्जा मुझसे बड़ा है क्या
16:41ये भी मेरी तरह वतंदार है
16:43कौन है ये
16:44भौर का देश्मुक
16:46क्रिश्न जिनायक
16:47बांडल
16:49भौर में अपनी मनमानी चलाता है
16:51माल गुजारी के एक पाई नहीं देता
16:53उपर से अपने नाम के उचे कर
16:55आप इन्हें ये सब पहले बता चुके हैं दादो जी
16:58कई बार लेकिन ये मानने को तयार नहीं है
17:01ठीक है
17:03हम इने एक और बार मौका देते हैं
17:05तुम कौर होते हों मुझ पर हुकम चलाने वाले
17:07शाह जी भोसले होंगे बहुत बड़े सरदार
17:10निजाम शाही और आदिल शाही में
17:12पर यहां हम उन्हें कुछ नहीं मानते
17:14वो एक मामूली पार्टिल हैं
17:17जिनके पूरवज़ों ने
17:19दस गाउं की पार्टिल की मौली थी
17:21और माई यहां का देशमुक्त
17:23यहां हमारा राज है
17:25माल गुजारी अदा करो
17:27और कादे कानून का पालन करो
17:29तो माफ कर दिये जाओगे
17:31इसके इलाके की रहियत ने
17:33कुछ दिन पहले इसके जोन के शिकायत की थी
17:36मैंने उसे संदेशा भेजा
17:37तो जवाब में उसने हमारे गोड़ों को लंगड़ा कर दिया
17:39उनकी पूंछे काट डाली
17:41इसे बुलाकर मैंने बहुत समझाया
17:43लेकिने कुछ मानने को तरियाद नहीं
17:45अब आप उसे उचित दंड दें
17:47ठीक है
17:49ले जाओ इसे
17:51और दिन ढ़लने से पहले
17:53इसके हात पाउं काट डालो
17:55तुम्हें जवरा की कीमत चुगानी पड़ेगी
17:57यह सब एक कांड है
17:59तुम हमारी जमीन हमारे वतन को खुद
18:01हाप लेना चाचो
18:03हाप लेना चाचो
18:05हाप लेना चाचो
18:07यह मैंने गलत किया दा तुझी
18:09वापस बला दुम्हें
18:11बिलकुल उचित दंड दिया है
18:13ऐसे ठीट सर्दारों को मिसाल बनाना
18:15बहुत जरूरी है
18:17लेकिन
18:19इस तरह क्या वतनदार सुधर जाएंगे
18:21अगर लगान
18:23मुकर्री सुधरेंगे
18:25तो तेश्मों को सुधर जाएंगे
18:27तो लगान के बारे में
18:29क्या सोचा आपने
18:31पहले साल
18:33एक पाई फीबी का
18:35दूसरे साल एक पैसा
18:37तीसरे साल
18:39आधा आना
18:41चौते साल एक आना
18:43पांचमे साल चार आना
18:45और छटे साल
18:47आठ आना फीबी का
18:49साथमे साल
18:51लगान होगा एक रुप्या
18:53और आठमे साल से लगान वसूली का
18:55वही तरीका होगा जो
18:57दकन के लिए मलिक अंबर
18:59ने अपनाया था
19:01It will grow slowly and slowly, so that you don't have to be able to keep the land on the farm.
19:05Absolutely right.
19:07Lord, if you are the land of the farm, then you will be able to understand.
19:21Lord, what is the situation that you have taken on such a high level?
19:27Thank you very much.
19:57And now they're left with their eyes.
20:02If you become a traitor, when will you become a traitor?
20:06Raja, you're being a traitor.
20:10You think?
20:11I have thought.
20:13You just give yourself an honor.
20:15Do not work so that I can complete my life.
20:20Who are we?
20:22Who are we?
20:26Who are we?
20:29Who are we?
20:32Oh, my God.
21:02Oh, my God.
21:32Oh, my God.
22:02Oh, my God.
22:32Oh, my God.
23:02Oh, my God.
23:32Oh, my God.
24:02Oh, my God.
24:32Oh, my God.
25:02Oh, my God.
25:32Oh, my God.
26:02Oh, my God.
26:32Oh, my God.
27:02Oh, my God.
27:32Oh, my God.
28:02Oh, my God.
28:32Oh, my God.
29:02Oh, my God.
29:32Oh, my God.
30:02Oh, my God.
30:32Oh, my God.
31:02Oh, my God.
31:32Oh, my God.
32:02Oh, my God.
32:32Oh, my God.
33:02Oh, my God.
33:32Oh, my God.
34:02Oh, my God.
34:32Oh, my God.
35:02Oh, my God.
35:32Oh, my God.
36:02Oh, my God.
36:32Oh, my God.
37:02Oh, my God.
37:32Oh, my God.
38:02Oh, my God.
38:32Oh, my God.
39:02Oh, my God.
39:32Oh, my God.
40:02Oh, my God.
40:32Oh, my God.
41:02Oh, my God.
41:32Oh, my God.
42:02Oh, my God.
42:32Oh, my God.
43:02Oh, my God.
43:32Oh, my God.
44:02Oh, my God.
44:32Oh, my God.
45:02Oh, my God.
45:32Oh, my God.
46:02Oh, my God.
46:32Oh, my God.
47:02Oh, my God.
47:32Oh, my God.
48:02Oh, my God.
48:32Oh, my God.
49:02Oh, my God.
49:32Oh, my God.
50:02Oh, my God.
50:32Oh, my God.
51:02Oh, my God.
51:32Oh, my God.
52:02Oh, my God.
52:32Oh, my God.
53:02Oh, my God.
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