00:00एक दिन निली जैनब अपने बाग में खेल रही थी, अचानक उसे मिटी में एक छोटा सा बीच मिला, जैनब ने सूचा, ये तो हाम बीच है, लेकिन क्यों ना मैं उसे लगा दो, उसने बीच को मिटी में दबाया, रोज उसको पानी दिया, और दा की, ऐ अल्ला, इस बीच स
00:30सबसे हैरान किन बात ये थी, कि वो पूदा हर सुबह चमकता था, जैसे उसमें रोशनी भरी हो, जैनब ने सीखा, कि महबत, महनत और दा से छोटी चीज़ें भी बड़ी खुशियां बन सकती हैं, हमें किसी चीज़ को छोटा नहीं समझना चाहिए, अगर हम महनत करें और �
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