00:00शत्भिशा नक्षत्र वैदिक जोतिश का 24 वा नक्षत्र है।
00:04इसका स्वामी राहू और इसके देवता वरुण है।
00:08जो रहस्य, चिकित्सा और गहन आध्यात्निक शक्ती के प्रतीक है।
00:14इसका प्रतीक है सौ और शधियों का घेरा, कीलिंग सरकल, जो चिकित्सा,
00:19खोज और गहराई में सत्य को समझने की शक्ती को दर्शाता है।
00:25इस नक्षत्र के जातक गहन विटारशील, रहस्य प्रिय, शोध परक और आध्यात्मिक धुकाव वाले होते हैं।
00:33करियर में ये जातक चिकित्सा, शोध, जोतिश, मनो विज्ञान, विज्ञान, तकनीक, रहस्यवाद और सामाजिक सुधार के क्षेत्रों में सफलता प्राप करते हैं।
00:46यह नक्षत्र तंत्रिका तंत्र, रोग प्रतिरोधक शम्ता और मानसिक स्वास्थ को प्रभाव करता है।
00:54प्रिष्टों में ये जातक वफादार होते हैं, लेकिन इनकी एकांत प्रियप्रकृती और अत्यधिक आलोचनात्मक्स वभाव कभी-कभी इन्हें दूसरों से दूर कर सकता है।
01:06संतुलन के लिए राहु शांती उपाय, वरुण देव की उबासना, ध्यान साधना, जल से जुड़े कर्म और नीले काले रंग का उप्योग अत्यंत शुब माना जाता है।
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