00:00जेश्ठा नक्षत्र वैदिक जोतिश का 18 वा नक्षत्र है।
00:05इसका स्वामी बुद्र और इसके देवता इंद्रदेव हैं।
00:09जो शक्ती, अधिकार और प्रभुत्व के प्रतीक है।
00:13इसका प्रतीक एक गोल कान की बाली, कुंडल है।
00:17जो सुरक्षा, मान-सम्मान और श्रेष्ट ताको दर्शाता है।
00:23इस नक्षत्र के जातक तेज दिमाग वाले, रहस्य में, कुशल संचारक और द्रिड इच्छा शक्ती वाले होते हैं।
00:31करियर में ये जातक प्रशासन, सेना, राजनीती, प्रबंधन, मीडिया और खुफिया विभाग जैसे क्षेत्रों में सफल होते हैं।
00:41शारीरिक रूप से यह नक्षत रहात हुजाएं, और रक्ष संचार तंत्र को प्रभावित करता है।
00:49प्रिष्टों में ये जातक बचन के पक्के और परोवकारी होते हैं।
00:54पर अधिकार प्रिय या कठोर बोलने वाले स्वभाव से कठिनाई आ सकती है।
01:00संतुलन के लिए इंद्र देव की उपासना, बुध मंतरजब, बड़ों का सम्मान और अहंकार से बचना शुब माना जाता है।
01:08अधिकार प्रिय जाता है।
01:09अधिकार प्रिय जाता है।
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