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  • 9 months ago

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00:00अब फिकर ना करें, मेरे होते हुए, वो हथियार आपके इलावा किसी और के हाथ नहीं रगेगा आसर भाई
00:20जो कुछ भी ना दिया अपने पास रखो, ओके
00:22तीसरे डपे से मिनने वाली चाबी मेरे पास है ली
00:25क्या? क्या बात कर रही है बाभी, आगरी पहेली इससे नहीं तो सॉल्फ करनी है
00:30इसके बगएर ये काम नामुम्किन है
00:33इस तावीस के बगएर आजर भाई और चमकी बाजी मुझे देख लेंगे
00:37अलके जब तक हत्यार नहीं मल जाता, मुझे इस हवेली से दूर रहना होगा
00:41काउन है वो इंसान सादा?
00:44उन लोगा ने पहले हमारी हवेली पर कबजा किया
00:47और फिर खुशी का दिल माभूस कर लिया
00:51अरे तो मुझे हवेली से बाहर के लेके आगे हो
00:53मतलब हुमें किताबों पर भी काम करना था»
00:56तीरा भाबी और असाद भाइने देखे ही एक क्या सोचे में?
01:00अरे तो सोचने दो जो सोचते हैं मुझे तो सूचना है
01:04तुमें देखने है
01:05तो ये काम तूम हवेली के अंदर भी तो कैठ सकने देना
01:08नादो, कितना बोरेंगे सब वहाँ पर, यहाँ देखो, सब कितना अच्छा है, सुकून है, आजादी है, अजादी है, ग्रीनरी है, और मौसम कितना अच्छा है, और पता एक बात, मैं बहुत होशी हूं कि तुम्हा वेली वापस आ गई है, प्रॉमिस.
01:20प्रॉमिस.
01:30अलीव, अरिव,
01:31और मेरा वापस आने का, जब देखो यहां है, कि कि देखों हमेरे दिल मेरे यह जगा लीहां है, ने आदो, मेरे दिल मेरे यह जगा ऐ, यहां ह।
01:37तुम तो जिन्जादी से शादी करना चाहते हो ना, मुझसे शादी करने का तुम सोच भी नहीं सकते हो
01:42मैं सिर्फ तुम से शादी करना चाहते हूं, समझी तू
01:46मगर तुम्हे उस दिन जो
01:51Ali, बाहर क्यों खड़े हो, अंदर आ जो ना, आया भाई
01:57बेभी, भाई बुला रहे हैं फिर हम बापने बात करते हैं, ओके, आज़ो
02:05आज़ो, रियान से, रियान से
02:09पहले जाजिम अली को गतल करेगा, उसके बातकुशी को जला कर भसन करनेगा
02:27जासिम को कभी रहम करते नहीं देखा मैंने
02:30हम मुकद्दसाग को मानने वाले हैं चमकी, बरुसर खोस बे, उसके पास हमें इस मुश्किल से निकालने की कुद्रत है
02:41मेरा बाहिट साहरा है वो, तेर सो साल उसको पाला है मैंने, हतेही का च्छाला बना कर रिक्का है
02:50सबसे पहला लबस उतने चमकी बोलना सीखा था
02:54चोटी सी थी तो, तस-दस किलोमेट ही खा लेती थी
02:59करने से लगा कर उसे डिकार दिलाती थी
03:02क्या-क्या याद करूँ
03:04कुछी देर मेरे मेरे बेहन चलकर बस वह रहाली
03:08होश में तो हो तुम लोग
03:24क्या होगया संता?
03:28वो इन्सान जादा किसी इन्सान जादी से
03:33मुहपपत करता है
03:34और उसे से करना जाता है
03:37वो ही तो सर्दार
03:39वो खुशी को बेवकूफ बना रहा है
03:41हमने उसको समझाने की
03:43बहुत कोशिश की
03:45लेकिन वो हमारी कोई बात सुनने को तैयारी
03:46हम उस इंचान्जादे का तावीज जान चुके हैं, वो ताकतवर जरूर है, मगर हमसे ज्यादा ताकतवर नहीं, बस, बस दो चार चिले खेंचने होंगे मुझे और उसके बाद, और उसके बाद उस तावीज की हैसियत, एक कमजोर ढागे के सिवा, हर कुछ नहीं।
04:12काश ऐसा हो सके सर्दार, आप से ज्यादा अच्छा रिष्टा खुशी को नहीं मिल सकता, उन बदबगतों ने अमारी हवैली पे कबजा कर लिया, महरबानी करके हमें उन खबीसों से नचाते माइए, खुशी को और इस घर को उनके तसल्ट से आजाद करा दीजिए, फिर सब
04:42हो सकता इस हवैली में ही हो, अगर यकीन कीजिए हमारी आँकों सरो जल है वो
05:12इदनी भी क्या खुद सरी खुशी बेदम, कि आपने अपने मजभी तबदील कर लिया
05:42मुकदस आग के सच्चे रास्ते से गुम रहा हो गई आप, हम?
05:51नहीं होशी बेगम नहीं, आपको कमस कम, हमसे तो खौफजदा नहीं होने चाहिए
05:58आपको यह उस तरह अचानक सामने देखकर हम घबरा जरूर गया हैं
06:17लेकिन खौफजदा बिलकुल नहीं
06:22इसलाम कुबूल करने के बाद दर और खौफ की जगा नहीं बच्चती दिल में
06:30ला इलाह इल्लाह का कल्मा दुनिया के हर खौफ से आजाद कर देता है
06:35अगर किस के लिए?
06:38उसके लिए जो आपको दोका दे रहे हैं
06:41आपकी घर मौजूदगी में एक इनसानजादी के साथ शादी के एहतों पहमा कर रहा है
06:48चूट है, फरेब है
06:52फौका दे रहे हैं आपको
06:55आपकी पीट में छुरा कुंग रहे है
07:00छूट बोलना हम जिर्नात का शेवा है
07:04फौका देना हम आसेप का वतीरा रहा है, सर्दार जाजूदगी
07:08हम जानते थे
07:15हम जान देते हैं खुशी बेगम कि आप हमारी किसी बात का यकिन नहीं करेंगी
07:20वर आप से एक गुजारश है
07:22कि ज़रा खुद को पुशीदा करके हमारे साथ चली और
07:26अपनी आंखों से देख लीजिए कि
07:29इंसान जाद किस कदर मकार
07:32मौका परस्त
07:34और खुद्खर्स मखलूग का
07:36आई
07:40कोई ना कोई क्लू तो है और नहीं किताबों में
07:52कोई ऐसा क्लू जो सीता हमेह त्यार तक ले जाएगा
07:55हाँ मगर इस सारी किताबें पढ़ने में तो बहुत वक्त लग जाएगा
08:00किसम से यार मेरा अभी बिलकुर दिलन कर रहा किताबें पढ़ने का
08:05मैं तो कर रहा है बस तुमसे बाते करों
08:09और तुम्हें देखतार हो
08:11हरे यह कितना खुबसूरत कंगन है
08:15इसने तो तुम्हारी खुबसूरती को चार चार लगा दिया यार
08:21चोड़ो ना तुम तुम बताओ ना तुम महार क्या कह रहे थे
08:26कि तुम उसे शादी करने के लिए कुछ भी करोगे
08:29आ ना तुम महारे बगहर जिन्दगी गुजारने का पसोच भी नहीं सकता हुआ
08:35मगर वो जिन्दगी अरे यार सारा मूड आफ कर दिया मैं
08:44सुना नहीं तुमने क्या कहते हैं
08:46जरूरत के वक्त गदे को भी बाब बनाना पड़ता है
08:50एचुली प्लान है मेरा उस जिन्दगी के दिल पर कप्जा करके
08:55मैं इस सावेली पर कप्जा करना चाहता हूँ
09:05रोने से कुछ फासिल नहीं होगा खुशी बेगम
09:22वेल्गे आपको तो खुश होना चाहिए
09:26कि सही वक्त पर एक छूटे और धोके बास चक्स का अस्नी चेहरा आपके सामने आगे है
09:35आप तो मुझे बच्पन से जानती है कुशी बेगम
09:37कि मुझे इंसानों से किस कदर नफरत है
09:42और फिर किसी चिन का किसी इंसान के साथ मुहबत कर बैठना
09:47ये तो मेरे लिए नाकाबल तलाफी जर्म है
09:51मैं आपसे बिल्कल भी नाराज नहीं हूँ
09:56कि मैं आपसे बेपना मुहबत करता हूँ
10:09और आपसे नाराज होने का कभी सोच भी नहीं सकता
10:13अर भी ये भी जानता हूँ कि आपसे ये गलती नादानी में हुई
10:19जिन्दगी के हर चीज से भरोसा उट गया है सरदार जाजम
10:25क्याद अब हम जिन्दगी में किसी पर कभी भरोसा ना कर सके
10:31नहीं खुशे नहीं नहीं याद करो आज से सत्तर हजार साल पहले हम उबरबाने क्या का था
10:42उन्होंने कहा था कि जिब जिन्दगी की सारी उमीदे दम तो दें तो जिन्दगी की शुरुवात वहीं से होती है
10:49दिल बुज क्या है अब जीने का होसला नहीं है
10:56आपने अपनी मर्जी करते देखी ना अब एक मौका हमें दीजी हमारी नजरों से इस दुनिया को देखिए
11:05उसे एक तफ़ा एक तफ़ा खुशी के आप अपने मुस्तक्बिल को हमारी खुश्यों के साथ नहीं जोड सकती
11:14मैं आपसे बादा करता हूँ कि जिन्देगी बर कभी आपकी आँखों में आंसोनी आने दूँगा
11:23आपको जिन्देगी की हर खुशी दूँगा आपसे अतनी महाबबत करूँगा कि लोग चीवा और शन्नाली को बुल जाएंगे
11:32जिन्देगी जिन्देगी तारीख में महबबत की एक असीम दास्दान रुकम की उसे एक दफ़ा एक दफ़ा अपने बेदाम गुलाम को उसकी देरीना महबबत के सिले में अपना लीजिए खुशी अपना लीजिए
12:02कॉश्पटाजर लाएंगे
12:30कॉश्पटाजला
12:31सरदार जाजिम कभी यह वाबस नहीं पहुंचे
12:35उन्होंने अरगमास का चिला खेंचा हुए
12:38इसलिए मेरी आंकों से वो चले
12:39दोसी तरफ खुशी ने भी सुलिमानी हिसार खेंच रखा है
12:43पता नहीं जाजिम ने मेरी बेहन का क्या हशर किया होगा
12:48मुझे उसके घुस्टे से बहुत डर लगता है
12:51खुशी? मेरी बेहन?
13:09आपकी बेहन दिल शिकस्ता है चमकी मेडम
13:12इने समभालिए
13:14आप तो उनों को साथ देखकर बहुत खुशी हो रही है सरतार
13:19हमारी खुशी राजी हो गई
13:22मुकदसाग की महरबानी से हकीकत खुशी पर खुशी पर खु़ गई
13:26और हम लोग मजीद नुकसाम से बच गई है
13:29आपने उन्हें इनसान जादों का काम तमाम कर दिया
13:32अभी नहीं ये काम हम अपनी शादी के बाद करेंगे
13:40हमने सोचा है कि शादी के बाद हम इस हवेली में आएंगे और
13:45इस हवेली को इनसान जादों से आजाद करवा कर आपको तुफ़े में दे देगी
13:52हमारी और खुशी की तरफ से आपके लिए शादी का तुफ़ा
13:58मैं जानता था सर्दार
14:03इंगुस बैठी इनसान जादों का खात्मा आप ही क्या हतो होना है
14:07मैं तो अक्सर चमकी से कहता था इस सलसले में हमें आपकी मदद लेनी चाहिए
14:11फिलहाला आप सब हमारे साथ चेलिए
14:14हवेली के तमाम मसाईल
14:16शादी के बाद ही देखे जाएंगे
14:19लिकिन सर्दार
14:22मैंने आपको पुशीदा हत्यार के बारे में बताया था
14:27वो बहुत ताकतवर अत्यार है
14:30मैं नहीं चाहता हमारी गहर मौजूद्गी में वो इनसान जातों के हाथ लग जाए
14:34अगर ऐसा हो गया तो आपकी ताकत भी हमें यह वेली वापस नहीं दिलवा सकती
14:39उसकी फिकर करने की जरूरत नहीं है
14:41उसपर मैं वहां से भी नज़र रख सकती हूँ
14:44मैंने इंतजाम कर रखा है
14:47ना दो
14:54ना दो
15:11भाई
15:13जी जी
15:15नादिया यहां तो नहीं आई भाबी
15:21अच्छा
15:24अब ये वक्त भी आ गया के तू नादिया को ढूंड रहे हो
15:27भाई नादिया पूरी हवेली में कहीं नहीं है
15:30अच्छा तो फिर हवेली का सारा कीमती साजो सामान चेक कर लो भाई
15:34क्या हो गया असद, नाधिया चोर नहीं है!
15:38नहीं अली, हमने नहीं देखा नाधिया को, हो सकते हैं, अभेली से बाहर गई हूँ?
15:43अब तुम उसको इस हवेली में लेकर आ गया ना अली, तो वग्जाया ना करो!
15:46चल्द असल उस हत्यार तक पहुंचो क्योंकि अगर वो हत्यार आजर के हाथ लगगा
15:51तो हमारे हाथ से यह हमेली निकल जाएगि
15:53जी भाइ
15:54नादिया जल्द ये शूरर करते की
16:06अभ नादिया हमारे घर के मसले हल करेगी
16:09हाँ
16:10वैसे हमारी नादिया है तो बहुत ही जहीन
16:13इसको जहानत में मकारी कहते
16:18हाँ ठीक ही है उनका रवया
16:25मेराल अली पर कंगन का बरपूर असर है
16:28लेकिन जारा अपी और असद भाई
16:32वो तो अली के उज़े से खामोश है
16:34मतलब उसको अकेले में कुछ काओ तो मुझे नहीं पता लेकिन
16:37मेरे सामने तो कुछनी कहता है
16:39और वो चुडेल का है
16:41खुशी
16:42हाँ देखा तो उसको मैंने जब घर में एंटर हुई थी
16:45बैसे सच बताओ
16:46वो बहुत जेलेस है मेरे आने से
16:48मतलब उसकी शकल देखने वाली थी
16:50जब उस तो मुझे घर में एंटर होते वे देखा था ना
16:53उसका चेहरा लटक कर
16:55पुछने तक हो गया था
16:56अली ख्याल रख रहा है तुमारा
16:59हाँ ममा
17:01खेर उससे तो जान चुडाना ही अजाब हो गया
17:04मतलब उसका बसना चले मेरे भेरतो दो के पीखना शुरू करते वो
17:07अच्छा वो हाँ एक ज़रूरी बात बतानी थी आपको
17:11बताओ
17:12अली ने मुझे तावीज पे नानी के कोशिश की थी
17:16नादिया ये लो
17:18ये क्या है
17:32तावीज और क्या है
17:34तावीज और कहां से आया
17:37खोशी से तुरवाए जल्दी से बहन लो ताके तुम आजर और चमके से महफूज रह सको
17:42हाँ मैं
17:48मैं काम करती हूँ चेंज करके बहन होगी ना
17:53अचा बेबी प्लीज थोड़ा जल्दी करना
17:55मैंने बाई-बाबी से काया है वो हमारे साथ तक भी इससी में जाएंगे
17:59आप अपली हमारी खोड़ लें, ओके?
18:01ओके
18:17बहुत अच्छा किया ना दो कि तुमने ताफीज नहीं पहना और नहीं वो चमकी और आजर से हमारा राप्ता खतम हो जाता
18:23वही तू तो है हमारे अमदर्द मां उस अवेली में
18:26सही कह रहे है ममा, अली तो सहर में है
18:30जारा अपी और असद भाई कन्फ्यूजड हैं
18:33मुझे नहीं लगता के चल्दी उनका दिल हमसे साफ होने वाला है
18:36अरी छोड़ो ना दो, मिया बीवी राजी तो क्या करेगा काजी
18:40और जब तक हली तुम्हारे बस में समझो यह वेली तुम्हारी है
18:44आप
18:48आप
18:49कौन आगे बिटा?
18:50ममा वो चमकी भाजी आई है
18:52अच्छ अच्छ अब मेरा सलाम के नाम
18:55हेलो आंटी, कैसी आप?
18:58मैं बिलकुल सीकू चमकी
19:00तुम सुनाओ आजर भाई की क्या हाल है
19:02सब ठीक है
19:04खुशी जाजम से शादी के लिए राजी हो गई है
19:07बहुत जल्द हम जाजम के कबीले जा रहे हैं उन दोनों की शादी करने
19:11क्या?
19:12चमकी भाजी, क्या खुशी की कबर सुनाई आपने
19:15अरे यह तो बहुत खुशी की बात है
19:17बहुत-बहुत मुबारग हो तुम लोगों को तुम्हारी वेन वाफिस पिल गई
19:21अच्छण आदिया, मैं तुम्ही यह बताने आई थी
19:26कि मेरे दूर जाने से कभी-कभी इस कंगन के सिग्नल थोड़े वीक हो सकते हैं
19:30तुमने परेशान नहीं होना
19:32भै चमकी भाजी, इस कंगन में कोई Wi-Fi है क्या?
19:36जो सिग्नल वीक हो जाते हैं?
19:37ऐसा ही समझो, लेकिन कुछ देर के लिए होगा, फिर ठीक हो जाएगा, बस तुमने ये कंगन नहीं उतारना, और जैसे ही तुम्हें वो हत्यार मिलेगा, मुझे इसी कंगन के जिरिये फॉरन पता चल जाएगा, और मैं और आजर उसी वपता आजाएंगे, अच्छा?
19:55जब की प्रीज देख लेना, मेरी बेती कहीं किसी मुश्किल में ना पहस जाएगा, आप बेफिक्र हो जाएंटी, नादिया हमारा मिशन पूरा कर रही है, हम इसे अकेला नहीं छोड़ेंगे, थाइक यू, थाइक यू, थाइक यू, सोबच, नादिया, नादिया, नादिया
20:25नादिया, नादो, नादो, अली, कहां थी रार, मैं कब से तुम्हे रहूं रहूं हूँ, वो मैं, ममा से कॉल बेबात करने हावेली से बाहर चली गए थी, तो बेबी बता के जाया करो नाजान, मैं परिशान हो जाता हूँ, इम सॉरी, वो ममा की याद आ रही थी ना, तो �
20:55तुम कहने में क्या कहाओगी? आज में तुम्हारी पसंदीदा डिश भी हूँगा? हंं? मैं कुछ भी कहा लोगी, चाज आगेज को चाईनीश जच बनानी आती है?
21:17उन्या क्या कर रही हो? वो, वो आरी
21:22एक प्रवार दो
21:24जा दो
21:26क्या खाओगी बेवी?
21:28बताओ ना प्लीज
21:30कुछ भी
21:31मैं कुछ भी खालोंगी
21:33पक्का?
21:35नहीं
21:36जलो और आप पे चलते हैं
21:37नहीं
21:38मेरा मतलब
21:39अभी नहीं
21:40परियू पे भी तो काम करना है
21:42नहीं
21:43तो
21:44इंपोरिंट है
21:45चलो चलो
21:46काम्रे में चलते हैं
21:47अच्छा
21:48चलो
22:09चाचा
22:10आपने कुछी को कहीं देखा है?
22:11मैं पूरे घर में उसको डूट डूट कर थक गई हूँ
22:13वह मुझे कहीं नहीं मिल रही
22:14बीबी
22:15थोड़ी देर पहले मैंने पूरी हवेली की डस्टिंग की है
22:17मुझे किसी कमरे में नजल नहीं आई
22:20हैरत है
22:22यह कहां जा सकती है
22:24कई ऐसा तुनहीं कि उसको नादिया का यान अच्छा नहीं रगा
22:28यह तुनहीं पता
22:30अब
22:31बीबी एक बात करनी है आपसे
22:33हाँ तो कहिए ना
22:36मुझे से बात करने में आपको कैसी जिजग
22:39वो मैं नादिया बीबी के कमरे में गया था चाय देने
22:42तो मैंने देखा उनके गले में तावीज नहीं है
22:45बीबी इस तरह तो वो गहर महफूस हो गई ना
22:47आजर कभी भी अमला कर देगा
22:49नहीं नहीं चाजा अली ने
22:51खुशी से तावीज लेकर नादिया को पहना दिया है
22:53वो सबता कपडों में कहीं चुप गया हो
22:55और आपको दिखाना आओ
22:57और दूसरा ये कि वो अली कह रहा था उसका
22:59चाइनिस खाने का दिल जा रहा है
23:01तो वो ही बना ले है
23:03कबरुस्तान की मंजिल
23:17मा का एहतराम
23:19कबरुस्तान की पहरी रात
23:21सिरहाने रखे खाब
23:23लकड़ी के लोग
23:25चश्मे के पार
23:27पहार नीला फूल
23:29बिसमिल्ला की बरकर
23:31घर मेरा
23:33कुल्शन है
23:35अली ये कैसे नाम रखे तुम्हारे दादा जाने किताबों के
23:39मुझे भी कुछ समझ में नहीं आगा
23:43इसलिए को तुम्हें लिगाए मुद्ट करने के लिए
23:45ते को सचका वली
23:49इन किताबों को पढ़ने में बहुत लग लग जाएगा
23:51तो अच्छा है ना
23:53जितना वक्त इन किताबों को पढ़ने में लगेगा
23:55नहीं जादेर के लिए तुम हवेली में रहोगी
23:57तुम हवेली में रहोगी
23:59मेरे सामने
24:01मेरे साथ
24:03इतनी मुभबत करने लगे हो तो मुझ से
24:07प्रियात
24:09अगर तुम को तो अभी इसी वक्त
24:13इस हवेली की चट से चलांग में बहाता हूँ
24:15काश असा हकीकत में भी होता है
24:19तो हकीकत ही है ना बीबी
24:21जैसे हम चौधी पहली हल करेंगे
24:25मैं भाई भावी से हमारे रिष्टे की बात करूँगा
24:29तुमारा के ख्याले जारा भावी और असद भाई मान जाएंगे
24:32क्यों नहीं मानेंगे
24:33बहुत महबत करते हैं मुझ से मेरी बात नहीं टाल सा
24:37और वो
24:39और वो
24:41जिनजादी खुशी है
24:43पेला मुझा मूड ओफ कर दिया मेरा
24:45मता नहीं कभी कभी तुमारी इंटेलिजन्स को क्या हो जाता
24:47तो मुझ एक बात बताओ
24:49इंसान और जिन की शादी हो सकती है
24:51हो सकती है
24:53नहीं ना सिंपल
24:55मैं पहले भी बताया था भी एक बात फिर कह रहा हूं
24:57उसे मैं सिर्फ अपने मकसद के लिए उस कर रहा हूं
25:19क्या बात है भई
25:21सब खैरियत है
25:23मुझा लगता है कि अली नादिया से शादी करने बाला है
25:28नादिया से?
25:30इतनी जल्दी तो लोग अपनी कमीज नहीं बदलते
25:34जितनी जल्दी ये लड़का लड़कियां बदल रहा है
25:36मैंने खुद अली को नादिया से बात करते वे सुना है
25:39वो उसे कह रहा था कि वो उससे बहुत मुहबत करता है
25:41उसके लिए हवेली की छट से छलांग भी लगा सकता है
25:44अगर तो ये बात सच है न
25:48तो अली को वाकी हवेली की छट से छलांग लगा देनी चाहिए
25:52बस वो बहुत जल्द हमसे अपनी शादी की बात करने वाला है
25:55वही मुझे बिल्कुल मन्जूर नहीं है ये
25:57इससे बेतर तो वो खुशी है
25:59दौम वाला कीमा भी अच्छे बनाती है ये लड़की से तो कुछ खाना वाना भी नहीं बनता है
26:03खुशिश तो ये बेशारी भी करती है असद ऐसे तो ना कहो
26:07यार अली पागल तो नहीं हो गया
26:10ये फरीदा आंटी और उसकी बेटी ने जो हमारे खिलाफ साज़चे की है उसके बाद भी वो ये सोच रहा है
26:15भई मैं इस तीज की बिलकुल भी अजाज़त नहीं दूँगा
26:17देखो असद मेरी एक बात सुनो और उसको समझने की कोशिश करो
26:21फरीदा आंटी ने जो कुछ भी किया
26:23वो कोई भी मा करेगी अपनी बेटी की खुशी के लिए उन्होंने भी वो ही किया बस
26:27तुम तो सीरियस हो यार
26:32मुझे लगा के मजाग कर रही हूँ
26:34उस औरत ने हमारी अजाज़त के बगएर आजर को इस घर में दाखिल करवाया
26:40बाबा बदर अलिसलाम के अमल को खराब करने की कोशिश की
26:44और तुम ऐसे मकार और फरेभी खांदान में मेरे भाई की शादी करने का सोच रही हो
26:49मैं नहीं सोच रही तुम्हारा भाई सोच रहा है
26:51और वैसे कल तक तो तुम्हें बहुत है तरासता कि तुम्हारा भाई एक जिन से शादी ना कर ले
26:55आज तुम्हें कोई मसला नहीं है कि तुम्हारा भाई सारी जिंदगी एक जिनके कब्से में रहेगा
26:59देखो असद
27:01तुम्हें अबाजान की वसीयत याद है ना
27:25शुकर है जब से बाबाजी ने मेरे हाग गले में तावीज डाला है
27:29मैं आपको छू सकते हूँ
27:30सच कहूं के ये बात मेरे जहन में नहीं रहती के तुम्हें जिनजादी है
27:37आपकी वज़े से मज़े जिनदगी की दो बड़ी खुश्या नसीग हुई है
27:48कौन सी दो बड़ी खुश्या एक दीन एसलाम अपनाने की खुश्य
27:56और दूसरा आपकी सची मुहबबत मुझे हासल हुई
28:00वैसे दूसरी वाली खुश्य तो मुझे भी नसीब हुई है
28:06मज़े की बात ये है कि खुश्य देने वाली का नाम भी खुश्य है
28:18अज़े तो मुझे मिस कर रही थे ना मैं भी तुम्हे मिस कर रही थे
28:47जारा मैं तो तुम्हारे कॉर्मे को भी मिस कर रही थी
28:50मेरे खाब में हा रहा था
28:51तुम्हार कॉर्मा मुझे यहां पर खेच के लेकर आया
28:53वो नादिय का है
28:56अली के साथ चाहती पहली सॉल्फ करने की कुश्श कर रही है
29:00ये तो बहुत अच्छी बात है
29:01देखो जारा
29:03सबसे पहले तो मैं तुमसे स्टोरी कहना चाहूंगे
29:05और ये भी कि तुम लोगों के दिल में
29:08जो भी कदूरते हैं या गिले शिक्वे हैं
29:10प्लीज वो निकाल दो
29:11मैं और नादिया तुम्हों का पुरा कभी चाही नहीं सकते है
29:14देखो गल्तियां भी अपनों से ही होती है न
29:18हम समझता है कि आपने जो कुछ भी किया वो अपनी बेटी की खुशी के लिए किया
29:23सु इस वाइन
29:24तुम कितनी स्पार्ट हो
29:26तुम सब कुछ खुदी समझ गी
29:28मुझे कुछ एक्स्पेन ही नहीं करना पड़ेगा
29:30इसलिए तुम मैं कहती हूँ कि अगर मेरा कुछ बेटा होता तो मैं तुम्हें आपनी बहु बना
29:34ओ आप भी आगे है असलाम अलेकुम
29:40वालेकुम असलाम असद बेटा
29:42मुझे तो आना ही था अपनों से जादेर कौन दूर रह सकता है
29:45और मुझे नहीं पता अली ने तुम्हें बात बताई है वह के नहीं
29:49लेकिन नादे ने मुझे फोन पे सबकुछ एक्स्टेन कर दिया है
29:52आँ आँची बाते तो होती रहेंगी
29:54आप आई ना बैटे हम नाश्ते के लिए जारे थे आप भी हमें जॉइन करें
29:58हाँ हाँ उसे बहुत भूग लगी हुए है मैंने सुबह नाश्ता नहीं किया ना
30:02चंगीज चाचा को कहना कि मेरे लिए वो चीज ओमलेट मेना दे नमक थोड़ा कम हाँ
30:07और दो पराथे बना दे घी भी थोड़ा हल करके आज मेरे जरा ब्लड प्रेशर का मसला चल रहा है
30:13असित मेरा बैग प्लीज
30:37फबस्ट करें बाइब देज़ा करेंगो चाचा करने सुबहा है
30:40प्लीज प्लीज
30:41प्रुबहा है
30:44क्यां मेरे नमक र्लीज
30:48बंग
30:49अल्ग
30:51प्रतानी आउंटी हमें भी अंदाजा नहीं था अब मकर अली नादिया से शादी के लिए संजीदा है
31:12गारे देखा मुझे मालूम था कि मेरी बेटी की तरफ सची है उसने जिन्दीगी में सबसे ज़्यादा इमानदारी और खुलूस से जो काम किया है वो अली से महबबत है
31:21जी आउंटी आप लोगों ने हमें धोका भी बहुत खुलूस से दिया था
31:27हो असर बिटा क्या हो गया है भी भूल भी जाओ हो जाती है इनसान से गलतियां बरतन भी इकटे पड़े होते हैं तो खड़कते हैं
31:35जी आप से ही कह रही आउंटी हमने भी यही सोचा है कि पुरानी रंचशें भुला कर हमें आगे बढ़ना चाहिए
31:42मैं तो कहती हूँ हम जितनी जल्दी इस पर से सुबक दोश हो जाए उतना चाहिए
31:46चंगेज साचा नाश्ता त्यार है ना जी अगर कुछ मू मीठा करने के लिए है तो वो भी साथ में सर्फ करते हैं
31:55जी और अगर मू मीठा करने के लिए कुछ नही का ना तो चाह ना तो चाय में डेर सारी चीनी मिलादे
32:00400 महमान होंगे हमाई तरफ से 400
32:04भी इतनी पती तो नहीं होगी हमारे पास जारा
32:07वाव
32:08मेरा कियने के मतलब था कि शादी में तकरीबन हमाई तरफ से 400 महमान शरकत करेंगे
32:13अब वो तो ठीक है अंटी लेकिन हम अली से तो बात कर लें और फिर डेट भी टेक्स होई जाएगी
32:18मेरा ख्याल में अब वाक्त आगया कि में जाके अली से बात कर लूँ
32:21हूं करो
32:22एक्सक्यूज मी
32:24तुम नहीं मैं सर्यल और स्लो आदमी से क्यों शादी की थी
32:34मुझे तो लगता है इन किताबों के नामों में कोई खास बात है अली
32:43मुझे तो बस आजकल एक ही नाम खास लगता है
32:49और वो नाम है कादिया
32:52इसके लबा मुझे कोई और नाम सुनाई नहीं देता और भी ना मैं सुनना चाहता हूं
32:58तब अज़्जा दो अली
33:00कल से अब तक एबी क्लू तलाश नहीं कर पाए हैं हम
33:04क्या करूं बेबी
33:06जब भी तुम्हें देखता हूं क्लूलाश हो जाता हूं
33:10ओफ अल्लाश
33:14ऐसे हम चौती पहली नहीं सॉल्फ कर पाएं गया ली
33:17जान
33:21सजाती कर लो ना
33:24अगले दिन मिलके सारी पहलीं सॉल्फ कर लेंगे प्रॉमिस
33:36हम हुआ है तुम तुम है मेरे कमने में क्या कर रहे हूं और वो अली वो
33:49वो मैं जातो तो कब ओगिया मेरे शादी हम्हा
34:00अली के अडिव यव अली जल्दी आजो अ चीचान पुला अजाए हैं तुम्हां अरे बेवी मेरे शादी।
34:06बेबी मेरी होने वाली सावसुमा आई है, लेट्स को.
34:10ममा यहां कैसे आई है?
34:12साहरी बात यार, गाड़ी पे आई हो मीना, पैदल तु नहीं आ सकती हैं बेशारी, चलो, जल्दी करवा जो.
34:19अचा तुम जाओ, मैं किताबे सेट करके आती हो.
34:36आजर, शादी के गहमा गहमी छोड़कर यहां, अकेले क्यों खड़े हो?
34:58हवेनी का जाज़ा लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बेसुद.
35:02छोड़ो ना, वैसे भी अब तो जाजिन ने जिम्मेदारी ले लिया है हवेली की.
35:06हम बस कुशी के शादी एंजॉय करते हैं.
35:08आजर, इतनी हसीन लग रही थी मेरी बेहन, बिल्कुल चुड़ेलों की एश्वरिया राय लग रही थी.
35:16अपनी बेहन की खुबसूरती की मिसाल देने के लिए, किसी इंसानजादी का नाम लेना जरूरी था.
35:21तुम शहजादी तिबलेश की विसाल भी दे सकती थी.
35:24हुसन तो हुसन है, इंसानों का हो या जिनों का.
35:27खेर छोड़ो, पिंडाल में मजजनात का नाच शुरू होने वाला है.
35:31चलो ना अजर.
35:31तुम जाओ, मैं आदा हूँ.
35:43मनूम सरदार, अब?
35:46वो सरदार कहलाने का हकदार नहीं है.
35:50जो अपने ही भाईउं को सरदार खालफान की बर्बियत से ना बचा सका.
35:57तुम तो वहाँ पर मौजूद थे, आजर.
35:59तुम ने अपनी आगों से नहीं देखा?
36:04जी सरदार, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था.
36:09आप जानते हैं सरदार खलफान और उसका कबीला, इनसानजादों से कितनी नफरत करता है.
36:15शानूम को इतनी सी बात पर जला कर बसम कर दिया,
36:18कि उसने इनसानजादी से माबद की थी?
36:22और हानूम जब अपने भाई का मुकद्मा लेकर सरदार खलफान के पास गया,
36:28तो जाजम ने उसकी गर्दन पलट भी?
36:30मैं क्या कह सकता हूँ सरदार?
36:37सरदार खलफान के सामने आज तक कोई ने टिक सका.
36:40मैं बेबस था.
36:44तुम कितने बेबस हो आजर?
36:48अपने बाप के कातल के बेटें के साथ अपनी बेहन कर रिष्टा करने चले हो?
36:55इस बात का मतलब?
36:56कबीले के सारे जिन्नाद जानते हैं.
37:01सरदार खलफान ने तुमारे बाप की जान ली थी.
37:06वो तब ही मौत नहीं मरा था.
37:09तुमारी गलत फहमी है.
37:16इसका कोई सुबूत?
37:19है सुबूत.
37:20दनुश बाबा जिसके सीने में सत्तर हजार साल पुरानी जिन्नाद की तारीख महफूज है.
37:30पूछ लो जाकर उससे.
37:33आ जाएगा यकीन.
37:34दिल का है ये बन जारा बन.
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