00:00पंचकुला के किसान विरेंद्र बाजबान मश्रूम से लगों का जीवन रोगमुक्त बना रहे हैं।
00:30बाजबान इस गैनोडर्मा से न सिर्फ माला माल हो रहे हैं बलकि देश विदेश में भी नाम कमा रहे हैं।
00:50इसलिए सबसे पहले जो बेस है आपका वो लकडी का बरादा है और यह लकडी का बरादा हाड़ वूड होना चाहिए चोड़े पत्ते का होना चाहिए और उस पेड में दूद और तेल ना हो।
01:00लकडी भी निरोगी होनी चाहिए जी तो सबसे पहले हम लकडी का बरादा लेते हैं उसके बाद हम वीट बरादा लेते हैं चोकर और एक यह कंपोजिशन है इसमें आपका चुनना है जिफसम है बीट वैलो है बीवन है इस्ट है पैप्टोन है गलुकोज है तो उसका यह �
01:30उसका पैंने सोलन के मश्रूम अनुसंदान निदिशाले से प्रशिक्षण लिया
01:554. Challencing Haryana Krishivish Vidyaalai Hissar के Startup Program सफल योजना का फाइदा उठाया
02:02यहां से प्राप्त 15 लाग की प्रोसाहन राशी से इस खेती की शुरुवात की
02:06लगातार प्रियोग और रिसर्च किये
02:09और गैनोडर्मा मश्रूम से बने कई उत्पादों को बाजार में उतारा
02:13गैनोडर्मा मश्रूम में कई फैटी एसीड मौजूद होते हैं
02:17जो शरीर को रोगमुक्त रखने में मदद करते हैं
02:20साथ ही यह बिटामिन A, C, D, B से भरपूर होता है
02:25इसमें potassium, phosphorus, calcium और magnesium भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है
02:30विरेंद्र बाजवा ने अपनी farming के दम पर कई राश्रिय और राजस्तरिय पुरस्कार जीते
02:36उनकी पत्नी और engineer बेटी इस खेटी में मदद करती हैं
02:41जिसके चलते लोग इने मश्रूम family के नाम से बुलाने लगे हैं
02:44हर्याना सरकार ने विरेंद्र बाजवान को
03:08मश्रूम प्रमोशन कमिटी का गैर सरकारी सदसे निक्त किया है
03:12साथ ही इने हर्याना के 190 ITI के चात्रों को ट्रेनिंग देने की जम्यदारी दी है
03:17इन्होंने एक लाग से ज़्यादा किसानों और चात्रों को ट्रेनिंग देकर आत्म निर्भर बनने में मदद की है
03:23Bureau Report, ETV भारत
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