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Watch Baray Bhaiya Episode 52, where tensions rise and unexpected twists unfold! In this episode, secrets are revealed, alliances shift, and the characters face challenges that will change the course of their lives forever. Tune in for an action-packed, emotionally charged episode full of drama, suspense, and powerful performances. Don't miss out on this latest chapter of the Baray Bhaiya saga!
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Transcript
00:00तुम्हारा इतना एक्सपोजर है, दुनिया घूमी हुई हो
00:03I'm really disappointed अगर तुम ऐसा सोचती हूँ
00:07इतनी तंग नजरी की उमीद नहीं थी तुमसे में से
00:09इसे इंसेन, क्या पता नहीं कि रहा
00:15तुम आद में बात करते हैं, भी मामों मिला रहे
00:19शायद अलमीद ठीक है, पानिया बाबी तो ऐसे भी जाहे
00:30अगर, अब मामों की बुला रहे
00:36कैसे समझाऊंगा में बेटा
00:38जब खांदान अकठे रहते हैं, तो एक दुसरे से जोड़े रहते हैं
00:45किसी भी बुरे वक्त में एक दुसरे का हाथ थाम सकते हैं
00:48अकेला बनवा तन्हा मकाबला नहीं कर सकता कुछ चीजों का
00:56तुमारे मामों बलकुल ठीक कह रहे हैं बिटा
01:02जो बंद मूठी की पावर है ना, वो एक अकेली उंगली में नहीं हो सकती
01:12मामी मैं ये बात समझता हूँ लेकिन मिशी नहीं समझें
01:18और देखें मुझे इस वक्त अपनी शादी शुदा जिंदेगी बचानी है
01:25मिशी किसी सूरत तयार नहीं यहां रुकने के लिए
01:33उसको प्रब्लम क्या है यहां रहने से
01:39इस घर का महौल मामू उसने कभी ऐसा महौल नहीं देखा
01:46भाईया की पावंदिया और ये सकती इससे घुटन होती है उसका
01:53बिला वज़ा की रोक्टोग उससे बरदाश नहीं है
02:00अब बेटा ये तो तुम गलत बात कर रहे हो बिला वज़ा की रोक्टोग
02:06देखो हर घर के कुछ असूल होते हैं
02:14उस घर के सरबरा को उस घर को अच्छे तरीके से चलाने के लिए मुनजम तरीके से चलाने के लिए कुछ उसूल लागू करने पड़ते हैं
02:26और कभी बहुत मुहबबब से इस घर को चला रहे हैं
02:34बहुत मुहबबब से
02:36अल्मीर देखो मेरी बास
02:37तुम वानिया के मिज़ाज को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं
02:44बहर वक यही डिंड़ोरा पिटती रहती हैं उससे
02:48कि मज़े अलग घर चाहिए मज़े अलग घर चाहिए लेकि मैं उसकी बात नहीं मानूँ अगर उसकी मैं सारी बाते मानने लगूं तो ऐससे कैसे चलेगा
03:01मैंने उसे दो टोक मना कर दिया
03:03कि मैं यह घर छोड़के नहीं जाओं
03:09मैं उसकी सौ बाते मानने था लेकिन यह बात मैं उसकी सारी जिंदगी नहीं मानूँगा और यह आप्शन ही नहीं उसके पास
03:19समीर भाई वानिया वाबी और मिशी में बहुत फर्क है
03:25मिशी चूटे है घर से में सारी जिंदगी हॉस्टल्स में रही है
03:34क्या मतलब तूटा हुआ गया तलाक शिदा है
03:42मैंने पहले बताना मुनासिब नहीं समझा
03:46बहुत छोटी थी तो इसके माबाब की तलाक हो गयी
03:49तुम्हे इतनी वज़ाहते देने की न जरूरत नहीं है
04:04हम लोग मैरीड है और मैचोर भी है अपने जिंदगी के फैसले बहतर कर सकते हैं
04:15प्लीज
04:16यह सारी बहुत सिरुफ इसलिए हो रहे हैं न कि भाईया प्रॉपर्टी में से हिस्सा नी देना चाहते
04:24नो वरिस मैं अलमीर को लेके युएस से चली जाओंगी
04:36अब मेरे मॉम डैड हम डोनों को सपोर्ट कर लेंगी किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं है
04:47ठालमीर को इसका हिस्सा देने के लिए तयार हो
04:58भया तुम लोगों को अजादी चाहिए ना
05:05मेरे असूनों से दम घुटता है तुम लोगों का तो ठीक है बता
05:13कितना हिस्सा चाहिए मेरी जैदाद में क्या डिमांड है तुम्हारी
05:20मारे मतलब तो यह है ना कि तुम्हें एक सेपरेट लाइफ शाहिए
05:26यह मतलब नहीं था यह तो बताओ बताओ क्या चाहिए
05:36भाईया यह कैसी बात है करने में यह सब कुछ जो है यह हमारे वालत साब
05:51वर्से में छोड़ के गए यह आपने अपनी महनस से अपनी लगन से हमारे लिए
05:57बनाया
05:59भहिया इस पर हमारा कोई हख नहीं है यह सब कुछ आपका ए अलमीर यह सब कुछ भाया का है हम अधिए
06:05थीक औरा यह अजय कर दाशिजंगे तो इसको वह चैंड हो गयए
06:15प्रॉपर्टी बेशक भाईया के नाम है लेकिन उसे बनाने में सब भाईयों ने मिनत की है
06:25और वो जिसे चाहे मालिक बना सकते हैं तुम हद्से बढ़ रही हो अब ये हमारा आपस का मामला है आप बीच में नहीं बोले तो अच्छा है
06:37ओ यू शट आप
06:45मुमानी और मामू इस घर के बड़े है आइंदा इस लेचे में इन दोनों से बात करने की हिम्मत मत करना
07:02फिर आप साफ साफ बता दें कि आप हमें हमारा हक देंगे के नहीं दूंगा जरूर दूंगा
07:10लेकिन तुम्हारी बनाई हुए रिवायत की कभी इबतिदा नहीं होने दूंगा इस घर में
07:19ऐसा नहीं हो सकता कि जब जिसका दिल चाहे घर की डिमांड करें घर ले और यहां से चला जाए
07:28अच्छा तो फिर क्या देंगे आप मैं अलमीर को अलग से आफिस खोल कर दूंगा
07:35उसे फाइनेंस भी करूंगा बिजनिस के लिए
07:42फिर वो मां मेहनत करें कमाएं जैसा घर लेना चाहता है वैसा अपना घर ले और जाए
07:52पर कबीर बेटा यह आज नहीं मामू बात करने दे मुझे से
08:01बताव अलमीर मुझोर है तुम्हें
08:08मैं तुमसे कुछ पूछ रहा हूँ अलमीर
08:27अलमीर
08:42ठीक है तो फिर आप जितना जल्दी हो सके यह काम कर दें ताके हम अपनी लाइफ में सेटल हो सके
08:48सेटल हो सके
09:06मामू
09:08रिकाल मेरे गर्में
09:38कभी रेटे
09:48वट नॉंसेंस यह हमारा राइथ था लेकिन वो तो शर्तों पर देंगे
09:55खुद को हमारा मालिक समझते है
09:59कह रहे हैं कि घर में कोई हिस्ता नहीं है बिस्निस फाइनेंस कर देंगे
10:03वाव, हीस दूइँ अफेवर
10:05ठीक तो कह रही है मिशेट
10:24भाईया ने में बताये वगएर सब कुछ महविश के नाम पिरती है
10:27तो कहा से अफ़बार होगी
10:29मेहनत हम भाईयों लेकिये हैं बराबर की
10:32यह तुम क्यों इतने चुप हो गए
10:39ख्या सोच रहे हो
10:41वहाँ भी तुम्हारी जबान से कुछ निकला नहीं और अब यहाँ भी चुप हो
10:46तुम्हारी इसी खामुशी की वज़े से ना वो तुम्हारा फाइदा उठारे अल्वी
10:51अगर तुम खुशी से इस तरह से अपना हक उने दे दोगे तो तुम्हारे साथ तो ज्याती होती रहेगी ना
11:00पॉनिशली दया की प्रॉपिटी में कोई हिस्सा नहीं है मेरा मैंने बिजनेस में इता कॉंट्रिब्यूट किया है कि उनसे कुछ निबानो करके
11:12तुमने प्रेशराइस किया तभी बात किया नहीं करता
11:16फॉर गॉड सेक्स की फजूल लॉजिक मुझे मत दो
11:20मेरा हिस्सा है और मैं भी हगदार हूं हक मांगने से मिलता है अलमीर
11:31मुना पूरी जिन्दगी ना लोग इसी तरह से घुलाम बनाके रखते हैं
11:37जैसे तुम्हारे भाईया ने तुम्हें बनाया हुए मैं नहीं सब कुछ बरदाश्ट कर सकती हैं
11:43अगर तुम यही चाते हो तो रहो फिर इस घर में खुशी से मैं तो नहीं रह सकता है
11:48सिर्फ यह समझाने के कोशिश कर रहूंगे समीर भाईया उखत अर्से से काम करना है उनके साथ और उन्होंने कभी को मतालबाने किये
11:56अलमीर समीर भाई में यह अबिलिटी नहीं है
12:00यह देजन्ट है वट यू है तुमने एजुकेशन हासल किये बाहर से उनके पास यह सब कुछ नहीं था
12:08तुम्हारे उपर यह कंपनी डिपेंग करती है
12:12यह काम यह रहं हम भ heav ट्यू साथ खो यह राधा
12:24क्यून
12:42झाल झाल
13:12जो हो गया उसे बदला तो नहीं गया सकता कबीर
13:30क्या पता इस फैसले में आप के लिए और अलमेर के लिए कोई बेतरी चुपे हो
13:42अल्ला ताला के हर फैसले में हर काम में कोई ना कोई मसले है जरूरी होती है
13:45ठीक कह रहे हैं
13:48खिर मुझे अफसोस इस बात कर नहीं है कि उसनों मुझे से अपना हक मागा
13:55एक घर छोड़ने का फैसला किया
14:00जो बात मुझे अंदर ये अंदर खाया रही है वो यह है कि उसने अपने भाई की महबत पर शक किया
14:08वालदायन की वफात के बाद मेरे लिए सबसे इंपॉर्टन यही था कि मैं इन सबको अच्छी जिंदगी दे सका
14:17ये दौलर की आसाइश हैं इसने मैंने अपने लिए तो नहीं बनाई
14:21इसलिए बनाई थी कि इन सबको किसी चीज़ की कमी ना हो
14:26मैं जानती हैं कबेर
14:38आप देखिएगा एक दिन चाहे वो फरी हो या अलमेर एक दिन ये मिसंडिस्टैंडिंग्स और ये बग गुमानिया जो हैंना वो खत्म होंगी
14:57और ये घर एक दफ़ा फिर खुशनीं सबर जाएगा
15:03असना हो सकता है बिलकुल हो सकता है
15:08बिलकुल हो सकता है आप यकीन रखे
15:12आपके महबद बहुत हानिस्ट है बहुत सच्छी है
15:19और सच्छी महबद हमेशा अपना असर दिखाते है
15:34मुस्कराते हमों में जिन्दगी को देखा है
15:39खाब से हकीकत तक खरखुशी को देखा है
15:45आरजू अदूरी सी रह गई है जो दिल में
15:51तब यहां जमाने ने इस कमी को देखा है
15:57ढूडते हैं जाने क्या ये ने ना बावरे
16:03कतरा कतरा ये आशू बहते हैं
16:09तूपे दिखरे हम अंगर से रहते हैं
16:15कतरा कतरा ये आशू बहते हैं
16:21तूपे दिखरे हम अंदर से रहते हैं
16:27दिल के सारे रिशों को दिलने से जोड़ा है
16:44सांस तूट जाए पर ये घबी न तूटेंगे
16:50तूम लोगों को अजादी चाहिए ने
16:52मेरे असूलों से दम घुटता है तूम लोगों का
16:56तो ठीक है बताओ
16:58कितना हिस्सा चाहिए मेरी जैदान में
17:00क्या डिमांड है तुम्हारे
17:02मारे मतलब तो यह है ना कि तुम्हें
17:06एक सेपरेट लाइफ शाहिए
17:08क्या मैंने ठीक किया
17:16भाईया बहुत दुकी लग देते हैं वो
17:22मुझे खुद से अलग नहीं करना चाहते हैं
17:26लेकिन आखिर हम कब तक साथ रह सकती हैं
17:34हमारी अलग अलग फैमिलीज हैं प्राइरिटीज अलग हैं
17:40सबकी अलग अलग सोच है भाईया को समझना चाहिए ना
17:44हमेशी ठीक कहती हैं मेरे आने से कंपनी की साथ में साफा हुआ है तो
18:09मेरा हिस्सा तो होना चाहिए
18:14मैंने कुछ खलोप ने किया
18:16कुछ नसीबिया अपनी अपनों के ही दम से है
18:22रूठ जाएगी किसमत ये अगर जो रूठेंगे
18:28चाहतेगी कम ना हो बस यही तो चाहा था
18:34कम से आख नमना हो बस यही तो चाहा था
18:40जिन्दगी की राहों में दूर तक कहीं भी है
18:46दूरियों के घम ना हो बसे ही तो मुझा था
18:52वे बसी का लंग है दिल भी क्या करें
18:57कतरा कतरा ये आंसू बहते हैं
19:03तूटे पिखरे हम अंदर से रहते हैं
19:08कतरा कतरा ये आंसू बहते हैं
19:14तूटे पिखरे हम अंदर से रहते हैं
19:20कर दो किसी और को क्या इजाम देना कभी कभी इतनी कुछ फेहमी इंसान को कहीं का नहीं रहने देती
19:44दम गुपका ए तुमारा तो मैं अप्टाना चाहता हूँ हा मेशा के लिए ठीक है तलाक ते दे शपा भी
20:00वना के तमशा जो हसते रहे
20:06उन्हे अब तमशा बनाया जाएगा
20:10बना के तमशा जो हसते रहे
20:13आफस के लिए देरनी होठी समीर
20:24असे देर नहीं होठी समीर
20:29ते से
20:30अल्मीर से मुझे यह अमीद नहीं थी। किस तरीके सभया से बातें कर रहता है।
20:37रिवाबत हो समीर वैसर।
20:41हमारे अल्मीर में इतना दिमाग नहीं है।
20:45इसके पीछे मिशाल का ही दिमाग है।
20:50शुरू से ही उसको रहना नहीं था इस घर में।
20:56अल्मीर को भी चला दिया।
21:00असकर दो वानिया।
21:03बल तु चीजों में अपने दुमाग मत उलजाया करो।
21:06क्योंकि तुम नहीं उलजा रहे।
21:08तुमें दिल जाना पड़ रहे।
21:10अल्मीर को देखो।
21:14अभी छे माँ होई नहीं है शादी को।
21:16और अपनी बीबी की प्रिवेसी का कितना ख्याल है।
21:20भाईया के सामने कैस ड्रक्र खड़ा हो गया।
21:23और एक तुम हो।
21:25वह ऐसे नजर तक नहीं मिलाते है।
21:27तो क्या करूं।
21:29बड़े गई है कि सामने खड़ा हो जा।
21:31उनसे बत्तमीजी करूं।
21:34जैसा अल्मीन ने की है।
21:36वह हग दिमान करूं।
21:39जिस पे मेरा कोई हग नहीं है।
21:41क्यों? क्यों हग नहीं है?
21:43हमेशे तुम बढ़या के साथ खड़े रहे हो।
21:47शाना मशान उनके साथ चले हो।
21:49अच्छे बनी मैं उनका साथ दिया।
21:51वोच नीच में उनके साथ हमेशा उनका हिम्मत सहारा बनके खड़े रहे।
21:55क्यों? प्रॉफट में क्यों नहीं है तुमारा हग?
21:57लेकिन तुम मैं मांगना नहीं आता न।
21:59वानिया, बेकार की बातों में दिमाग को मत उलजाओ।
22:04जन चीजों का तुम्हें नहीं पता।
22:06मत पूछो।
22:08हमेशा मैं तुमसे यही सुनती।
22:10तुम आई समझ में नहीं आएगा।
22:14अपना दिमाग मत लड़ाओ।
22:15चड़ाओ।
22:16हमेशा मुझे अकल का जो है न तुम एक काईदा पढ़ा रहे होते हो।
22:18तो आज तो मुझे समझाई दो ना क्या है।
22:20तुम सवर्सारों पर तुम चुरू बताओ क्या बात है।
22:24तुम्हें बता।
22:26जो मुझे नया यूनिट फैक्टरी में बनवाके दिया था भाईया ने।
22:29उसकी इंवेस्टमेंट सारी भाईया ने की दे।
22:36जितना भी प्रॉफिट मैंने बनाया ना उसमेंसे एक रुपिया भाईया ने वापस नहीं लिया।
22:40नहीं लिया इन फैक्ट जितना आज तक मुझे नुकसान हुआ
22:43सारा भाईया ने अपनी जेब से बरा
22:45ताजने जबाद का? नहीं, I'm sure not
22:50मेरे तुमारे शेईर के जितने भी खरचे हैं ना
22:54सारे खराजात भाईया उठाते हैं
22:56यह तुमारे लैविश लाइस्टाइल है ना
22:58इसके वैसे भी भाईया ही देते हैं
23:00क्या करूँ? उनके सामने कड़ा हो जाके
23:05बोलू मुझे मेरा हक चाहिए, मुझे मेरा हिस्सा चाहिए
23:08किस मुझे मांगू?
23:10तुम अपना ना दिमाग ठीक करो
23:11अजया जोगोच है ना तुमारे पास यह सब चिन जाए
23:14चिन जाए चिन जाए चिन जाए
23:19चिने ना चिने इसके कहने के लाइसे ज़रूँ चिन जाएगा मुझे
23:23अरवाव कैसी हो?
23:34आहां मुझे याद है
23:36पता नहीं भाईया इस बार अमल की फीज जमा कराएंगे या नहीं
23:57लंबा खर्चा है
23:59एनुल चार्जे और उग्जैमिनेशन फीस मिला कि कोई भाकबे देने हूंगे
24:06दोदन का टाइम है अरेंज करना होगा
24:10पहिया से खिलाफ करने में तो मेरा नुक्सान ही नुक्सान है
24:21शुएब
24:22क्या बात है आप परिशान लग रहे हैं
24:24नहीं कोई बात नहीं
24:28आप खुदी तो कहते हैं
24:33कि मैं आपके दुख सुक के साथ थी हूँ
24:35फिर आप मुझे से शेयर नहीं करेंगे क्या
24:39ऐसे कोई बात नहीं है
24:44जहन है तुमारा
24:46चलें ठीक है
24:50अगर आप मुझे नहीं बताना चाहते हैं
24:53तो कोई बात नहीं
24:54लेकिन मैं जानती हूँ
24:58जरूर कोई परिशानी है जो आपको परिशान कर रही है
25:02वो असल में
25:06अवल के स्कूल से
25:11फी वाचर आया है तो
25:13इस परवाउंट खासा बड़ा है
25:16अनुल चार्जिस और एक्जामिनिशन फीस वखेरा
25:22लेकिन फीस तो भाईया देते हैं तो आप क्यों परिशान हो रहे हैं
25:28अगर फरी भाईया से तो
25:30कितनी अमाउंट है
25:34लाग से जादा है
25:40लेकि तो फिकर ना करो
25:44मैं हैंडल कर लूँगा
25:47भाईया तो हर बागैर कहें काउंट में ट्रांसफर कर देते हैं
25:57अचर तो उनके पास भी आता होगा
25:59अगर इस बार
26:03चलिए कोई बात नहीं मेरे अकाउंट में पैसे हैं वह आपको दे दूंगे
26:27आपको दे दूंगे
26:30अफीस भर दीजेगा
26:32अमल हमारी बीटी है
26:34हमारी भी तो कुछ जिम्हदारी बनती है
26:36नहीं फरी यह मेरी जिम्हदारी है और यह जिम्हदारी मैं ही उठाऊंगा
26:40तुम अपने अकाउंट से कुछ नहीं निकालोगी
26:47और वो पैसे मैंने तुम्हारे जाती अख्रागार के लिए दूए
26:50हाँ मैंने अडवास पेमेंट कर दिये है
27:20तुम बस जाकर देख लो जरा बेसिक फरनीचर वगएरा ओडर कर दो
27:24कल मैं हो तुम साथ चलेंगे सेटिंग वगएरा भी करवा देंगे और पाइनल पेमेंट करके फाइल भी उठालेंगे
27:30ठीक है? ओके बाफिस
27:33क्या हुआ अज ओफिस नहीं जाना?
27:35जाओंगा जरा देर से
27:38और ये किसकी सेटिंग हो रही है? अलमीर के ओफिस की
27:42बाद अच्छा ओफिस मिल गया है बेसमेट में वेराउस वगएरा भी है लेकिन कभी रितनी जल्दी?
27:49जो काम करना है वो तो करना ही है और जब डिसीशन ले ही लिया है तो फिर देर किस बात की? वैसे भी अलमीर का इस घर में वग गजारना बहुत मुश्किल हो गया
28:05और मैं भी उसे जब जब देखूंगा मुझे तकलीफ ही होगी
28:11कबीर हिमत से काम लें
28:16आज तक आपने अपने सारे फराइज बखूबी नभाएं इस चीज़ को भी अपना फर समझ के अदा करें
28:27आपके लिए आपके बेहन भाईों की खुशी हमेशा हम रही है
28:34अगर अलमीर इसी में खुश है तो खुशी खुशी उसको रुखसत करें
28:43मामो और मुमानी आएंगे शाम में वही अलमीर से बात करेंगे आफिस की
28:50मैं तो इस टॉपिक पर बात ही नहीं करना चाहता है
28:56हिमत भी नहीं है मुझ में
28:58पर वहीं हम पुशी घर करेंगे नहीं है
29:16बिटा लाग चाहने के बावजूद, कोशिशों के बावजूद, हम इसे रोक नहीं सकते, वरना कभी में क्या कम कोशिशें की हैं?
29:46मैं जानती हूँ ममी, अलमीर कर अब मिशाल भावी के सिवा किसी की कोई बात कसर नहीं होता, मुझे तो अलमीर पे हैरत हो रही है, इतना सुलजा हुआ समझदार, नरम दिल को हुआ करता था, अब तो उसे किसी की बात समझ भी नहीं आती, ये तो छोड़े हैं मतलब उसे भा
30:16भी किती फर्मावदारी करने लगेंगे, आप जैसे भाई से बत्तमीजी करते में कुसे शर्म नहीं आएगी, पहले भाजी और अब अलमीर, है या तो बुरे तरह टूप जाएंगे, यही तो, मैं और जलाल साब इस बात की वज़त से तने परेशान हैं कि कभी ने सब कैसे
30:46तो बहुत हसास है मेरा बच्चा, चलो अगर उलाद की खुशी की कोई तवक्का होती, तो फिर भी बरदाश कर लेता हूए, यह सब कुशी में चिन गई उससे
31:04अरसलान तुम कुछ सर्च कर रहे थे ना, क्या हुबा कुछ सुराख मिला?
31:09नहीं, अभी तक तो कुछ नहीं मिला, लेकिन मुझे उमीद है कुछ ना कुछ जरूर मिल जाए, ऐसे नहीं छोड़ू मामु अरी अब कुछ पता भी चल जाएगा, तो क्या फाइदा, वक्त थोड़ी लौट कर वापस आएगा
31:22मगर अमी, उस कम जर्फ का पता तो चल जाएगा ना, जिसने ये घटिया हरकत की है
31:26अर्शलान, तुम तुम मुझे घर डॉप कर दो
31:30यह मिनटू को बिटार जोया, मैं भी तुम्हारे साथ चलती है
31:33क्योंकि तुम्हारे मामू जो है, वो तो आफिस से वहीं आ जाए
31:39ठीक है
31:40बलके मैं ऐसा करती हूँ कि खाना लगाती हूँ, पहले हम खाना खाते हैं, फिर हम साथ चले गया
31:48नहीं, ममी, मुझे बिलकल भूख नहीं है, मेरा कुछ भी कहने को दिल नहीं कर रहा
31:53ऐसा कुछ भी नहीं है मुझे यकीन है
31:56तुमने इस सुबह से कुछ नहीं खाया होगा, शाबास उठो, चलो कुछ खा लेता
31:59भेयाने भी कुछ नहीं खाया था मम्मी, सिर्फ जूस पिया था
32:04मैं किसे का लेती
32:08अच्छे चलो, हम ऐसा करते हैं बटा कि वहां जाके न, साथ ही दिनर करेंगे सब
32:16क्योंकि मैं कभीर की पसंद की कोई डिश बनाओंगे
32:20मैं खाना लगा, आजा
32:29बस मामू में भी यही चारा था, सब चीजें जल्दस जल्द हो जाएं
32:57बस देखें, अल्ला ताला ने सुन ली, सब काम हो गए
33:00तो यह दफ्तर कहा लिया है?
33:05बस यह सामने कमर्शे ले रही है, यह जो नया बनाना इसी में है
33:08यह यह तो बहुत उंदाम बात है, अच्छा हो गया है
33:11जी जी बहुत अच्छी जगा है, बेस्मेंट वगएरा भी साथ है
33:14पहले उसने कोई और ओफिस दिखाया था, फिर कहले लगा फरनिश करने में टाइम लगेगा तो
33:19एक फरनिश्ट ओफिस मिल रहा था
33:21प्राइस भी अच्छी थी, मैंने फिर का यही ले लेते हैं
33:24चलो, अच्छा हो गया यह सब
33:27आप चलिएगा ना साथ
33:29पेमेंट करेंगे, फाइल वगएरा लेकर पिर अलमीर को दे देंगे
33:34हाँ, हाँ, बिल्कुल बिल्कुल चलेंगा
33:37स्लाम अलेकुम
33:40अलेकुम स्लावाल, विद्धा, समीर बैठो
33:43भई, आपने बुलाया है मुझे
33:44हाँ, देखो
33:46कल से तुम अलमीर के कमरे में बैठोगे
33:50आया मगद, अलमीर?
34:02अलमीर को नए आफिस पर चेस करके दे दिया
34:04कुछ सम्वाने उसका, वो आएगा लेने के लिए
34:10उसके बाद तुमा शिफ्ट हो जाना
34:13भई हाँ, आपने अतनी जल्दी आफिस ले लिया
34:20बस समीर देखो, जो काम जतना जल्दी हो जाए उतना अच्छा है
34:26ताके सब लोग रूटीन में आजाए
34:28अच्छा है
34:30अलमीर को भी आजाद फजा में सास लेने का मौका तो मिले
34:34अच्छा है
35:04हलाके मैं इन लोगों को साफ साफ बता चुकी थी
35:06कि मुझे एक हफ्ता है उससे जादा लगेगा
35:09लेकिन मैविश फिर भी हर एक घंडे के बाद वापस कॉल आती है उनकी
35:13ये पूछने के लिए कि मैं कब वापस आऊ उनकी
35:15इसका मतलब है कि तुम्हारे चाचा अभी तक यही है
35:19लेकिन फिर भी मैं वापस नहीं जा सकती मैं विश यूके मुझे डर है इस बात का कि कहीं वो वापस ना आ जाए
35:31उनका कोई भरोसा नहीं
35:33देखो शीबा
35:34मैं अनिस्ली तुम्हें एक मश्वरा दू
35:36तुम एक ही दफा हिम्मत करके जाओ उनके सामने और इंकार कर दू
35:41चचा हूँ या खालों हूँ कोई भी तुम पे जोर दबरदस्ती नहीं कर सकता
35:46तुम्हें कैडल्ट हो
35:47और जादा मसला होता है तुम्हे साथ लेके चलो मैं बात करूंगे उनसे
35:51कहते हैं तुम बदकुल ठीक रही हो मैं विश और मैंने भी यही फैसला किये कि मैं अब उनसे दो टोक बात करूंगे
35:56कब तक मैं यूँ छुप छुप कर तुम्हारे घर पे रहती रहूंगे
36:00पर मैं नहीं चाहती कि तुम इसमें इन्वाल्व हो
36:04और रड़ी इतने मसले चल रहे हैं तुम्हारे साथ घर पे
36:06कबीर भाई विचारे इतने परिशान है
36:09इस घर को तो पता नहीं किसकी नज़र लग गए
36:15तुम परिशान मैं तो
36:20ये वक्ट भी गुजर जाएगा
36:23बुरा वक्त आजमाईश है
36:25इन्चाला सब ठीक हो जाएगा
36:28यार शीबा मुझे समझ में नहीं आता कि
36:31इस मिशाल को आखर चाहिए क्या
36:33अपनी मर्दी से रहती है
36:37सोती है, खाती है, पीती है, गूंती है, फिरती है
36:39आखर प्राब्लम क्या है
36:41हाँ कबीर कबीर कबीर टोक देते हैं
36:44किसी बात पर तो ठीक है, अतनी सी बात तो मैनेज होई सकती है
36:46और मैविश ये तो हर घर में ही होता है
36:50बड़े, बुजर्ग, बातें कहीं कह देते हैं
36:54यहाँ पर तो कोई है ही नहीं, तो कभी भाई ही बड़े हुए
36:56अगर वो कुछ किया देते हैं तो उसमें बुरा मानने वाली कौन सी बात है तो मैं ओनेश के एक बात बताओं मुझे वानिया भाबी की गदर हो गई है हाँ ठीक है वो बद लिहाज हैं बद जबान हैं बद तमीजी कर जाती है लेकिन घर चौनने की बात उन्होंने भी आज �
37:26झाल्डर सबक्ता बद लिया जबद लिए जिए आज्व जाया जबान हैं जबद 2 सिर्वें जाजिदी आज़ आप टूने की बाता उन्होंने की बाताँ मुझे जबाएं जबाने प्सक्ता है वो बद्सले की आख साज़ कान बद

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