00:00जहारखंड की सोहराई चित्रकला इसे आज भी जिन्दा रखे हुए हैं हजारी बाकी सुगिया देवी
00:12इस कला की जड़े हजारों साल पुरानी हैं इस कला की उत्पत्ती लगभग साथ हजार इसा पुरों के गुफा चित्रों से जुड़ी है
00:21ये चित्रकारी जहारखंड के आदिवासी समुदायों, कुर्मी, संथाल, मुंडा और उराओं जन्जातियों की महिलाओं द्वारा पीडियों से की जा रही है
00:45सोहराई केवल एक कला नहीं बलकि जीवन के उत्सों की अभी व्यक्ती है
00:51फसल कटाई के बाद जब धर्ती हरी भरी हो जाती है
00:55तो महिलाएं अपने घरों की दिवारों को मिटी, गोबर और खनीज रंगों से सजा कर देवी देवताओं और जानवरों के चित्र बनाती है
01:05और जीवन के विभिन रंगों को उकेरती है
01:08राजधानी राची में अस्थापना दिवस की तयारी चल रही है
01:29सहर को सजाया समारा जा रहा है
01:32जिसके लिए सुग्या देवी और उनकी टीम सोहराई पेंटिंग बना रही है
01:372020 में सोहराई खोवर चित्रकला को GI टैग मिल चुका है
01:43ब्यूरो रिपोर्ट ETV भारत
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