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Jinn Ki Shadi Unki Shadi - Ep 20 - 11 November 25 | Pakistani drama 2025

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Transcript
00:00दिल का है ये बन जारा बन
00:11खुशी? खुशी क्या हो एड तुम ऐसे बुद्पन की क्यों खड़ी वी हो?
00:15तुमें मेरी आवाज आ रही है खुशी?
00:17खुशी मिल गई है
00:18खुशी कैसे मिल सकती है?
00:20वो पर हवेली के पिछले ऐसे में किताब डूने गया
00:22वहाँ पर बिचारी उत्पनी खड़ी हुए यार
00:25इदर आपने तावीज जलाया
00:27उदर हमारे मुवक्कल नई साविली के बारे में
00:31तुम मेरी हो
00:34हमेशा मेरी रहोगी, सारी जिंदगी मेरी रहोगी
00:37तुम क्यों चुपो यार
00:40कुछ दो बोलो
00:41खुशी!
00:42हमें कुछ नकुछ करना पड़ेगा आजर
00:47किसी भी तरह इस हिजार को तोड़ना पड़ेगा
00:49अगर ये लोग काम्याब हो गए
00:51तो हम हर तरह से बरबाद हो जाएंगे
00:54बाबा, आप इतनी सुबा?
01:00बेटा, नौ बज रहे हैं
01:03सुबा कहां से रही?
01:05चाष्टा मुथा दू होने वाला है
01:07मैं चाहता हूं कि जवाल से पहले ये काम खतम कर ले
01:13जी, है जी, आई?
01:18जाई, सब्सक्राइब
01:20जाई, सब्सक्राइब
01:23जाई, सब्सक्राइब
01:27ये तो यही पेकड़ी दिये
01:28वो, बाबाजी आपने जिन भगा दिये?
01:34अब यह हसार किया है
01:36वो अब यहां दाखिल नहीं हो सकते
01:39बाबाजी, ये मेरा भाई है, अली
01:45और अली ये बाबा बदुर इसलाम है
01:48वोई जिनका तावीज समीरा लेकर आई थी
01:53ओ, मैं बहुत अच्छा किया बाबाजी, यहां आगए
01:56आई मैं आपको हवेली दिखाता हूं सारी
01:58और वो जगा पर दिखाता हूं जहां पर जिनका बसे रहा है
02:00बेटा कल हम हवेली देख चुके हैं
02:04कल?
02:08कल आप आए थे?
02:09हाँ आए थे, किसी टाइम पर तुम थे नहीं यहां पर, बातरूम में थे इसलिए
02:14भी मैं बातरूम में इथा, मैं बातरूम में सो नहीं रहता या
02:17ओहो अली, क्या हो गया तुम्हें
02:20अब बाबाजी आगे हैं आप सारे मसालों का हल कर देंगे
02:22हाँ, मिल्गू ठीक कर देंगे
02:24आज हली को लेकर आए, कल बता नहीं क्या करने हैं थे
02:28बाबाजी प्लीज बताए ना, हमारे मसाइल का क्या हल है
02:32बेटा, हल हमारे पास नहीं
02:35हल तो तुम्हारे पास है
02:38हमारे पास?
02:42कैसे?
02:44लूँ
02:44खुशी?
03:01यह अब क्या किया रहे हैं बाबाजी?
03:03खुशी हमारे मसलों का हल है
03:04हाँ
03:05यह जीनजादियद तुम्हे तुम्हे तुम्हारे मसाइल से शुटकरा दिलाएगी
03:11सबसे पहले इसे आजाद करना होगा
03:15और हमें अमल करने के लिए कुछ चीजे दरकार हैं
03:19क्यों?
03:22मतलब के नहीं नहीं
03:24मेरा मतलब यह है कि
03:26यह कैसे हो सकता है आप तो यहां पर जिन अजाद करने के लिए आए ना
03:29मतलब भगाने के लिए आए तो इसको क्यों अजाद कर रहें और इसका क्यों इलाज कर रहें
03:33क्यों इलाज कर रहें?
03:34इस जिनजादी का आजाद होना भी इस सिलसली के कड़ी है
03:40लेकिन बाबाजी एक आग से बनी हुई मखलूक है
03:43और अभी मुझसमा बनके बिल्कुल साकित खड़ी है
03:46इसमें दुबारा से हरकत लाना ये क्या ही सही होगा?
03:49भाई खुशी बिल्कुल भी ऐसी नहीं
03:51वो बहुत अच्छी साफ दिल की लड़की है
03:53मुझसे महबत करते ही हम दोनों की दूसरे से शादी करना चाते है
03:56अली यहां पर किसी खांदानी बड़ी लड़की की बात नहीं हो रही है
04:00एक भूतनी की बात हो रही है
04:02जिसा तुम्हारे किसी बंदरी से शादी नहीं हो सकती ना
04:06उसी तरह एक जिन की बच्ची से भी शादी नहीं हो सकती
04:09पाबाजी आप बताएं
04:10क्या एक इनसान और एक जिन की शादी नहीं हो सकती
04:16हमें गुलाब के फूल
04:18अगर बतियां
04:20कोईला और लुबान
04:23और एक बरतन में पानी दिये लाजी जी अगर आप लोग इस हवेली और अपने जिन्दियों के मसाइल हल करना चाहते हैं तो आपको मुझ पर पूरा भरुसा करना होगा
04:36बाबा सरदार बाबा सरदार सरदार आजर और उनकी अहले मेमान खाने में मौझ नहीं हैं हमुझसे एजालत लेकर गये हैं
04:56बाबा सरदार अगर आपकी इजालत हो तो मैं खुछी की खईयो मनुम करके आ जिए हूँ
05:01तुमारे दिमाग खराऊ है, घर मेमानों से बढ़ा हुआ है
05:06पापा सरदार, खुशी मेरी होने हुआ है
05:08ने ने कहा नहीं
05:31अब आप लोग सब मेरे साथ बैठ जाए हम अमल शीरू करेंगे
05:41बिसम इल्लाह रहरमा दूसे
05:47या या लाहिए ल्लाह मेर अल्लाह के बीच कुछ भी हो जाए
05:59आपने ये हसार नहीं तोड़ना
06:01इस से बाहर नहीं जाना
06:04तोरान अमल
06:05आप लोग अपनी आँखें बंद रखेंगे
06:08तो बेहतर है
06:10क्योंकि
06:12अमल में खलल पड़ सकता है
06:14जब ऐसे अमलियात किये जाते हैं
06:18तो हवाई मखलूक
06:20अमल करने वाले उन तबंद दोस्तों को
06:23डरानी की कोशिश करते हैं
06:26लेकिन आप लोग महफोज हैं
06:29इसलिए आप लोगों को
06:30डरनी की जरूरत नहीं
06:33बिसम लाह रहुआ अपना अपना अपना अपना
06:50अपना अपना इसजर अपना है
07:16कि अपटकर रहा है अपने देखा हैं अप्टर कैसी गुटन हो रही थैं हाज़र यह है कौन यह तो बहुत थाकतपर आमिल लगता है जाता है
07:36टासर
07:36ईए तासर
07:38बहुत सारी बाते मेरी समाझ बेनायरी
07:41वसी उद्दीन की ये नसल तो अम्हारी जान का अजाब बनती जा रही है
07:44अमेली के बाओर इस हार लगावा है
07:46हम अंदर नहीं जा सकते है
07:47अंदर पातरी क्या हुर है
07:49अब अधरी, हमल किस मुकसद के लरे किया जा रहा है?
07:51मुझे तो खुशी की फिकर खाय जा रही है
07:53पताह��ी मेरी बेहन की साल में हो गी आज़र?
07:57कई अभा उसका सकता खतलने के लिए तो नही आ जा रहा है
08:01पताहकी आज़र
08:03तक इस अमल के बार में नहीं जान लेते
08:05कोई अत्मी राय काइम नहीं कर सकते
08:08हमारा तो अपने घर में ही रहना अजाब हो गया
08:12पहले उन्होंने अगले सिवर कबजा किया
08:14अब अगभी इस सिवर भी असरात दरा रहे
08:16यह लोग हमें यहां से बेत्खल करके इदम लेंगे
08:19लेकिन अपना घर छोड़ के जाएंगे कहा अजर
08:21वो पर से कुशी के शादी सर पर है
08:23अगर जासिम के घरवालों ने यह सब देख लिया
08:26तो हमना कितना मजाग हुरेगा
08:28चुमकी
08:31मेरे ख्याल है अब हमें जासिम को बता देना चालिए
08:35वो और खल्फान बहुत ताकत्वर है
08:36वो बहुत असानी से इन इंसानजादों को अपने जाय कर सकते
08:40और इस हमेली पर से उनका कब से भी छुड़वा सकते
08:42अगर जासिम को सब बता दिया
08:44तो मेरी बेहन की जान को भी खत्रा है
08:46वो उसे माल डालेगा
08:48क्या हो गया?
08:58महा से क्यों टाया है हम?
09:01वो बाबाजी अमल कर रहे है
09:02अगर उनका अमल मुकमल हो गया
09:05तो खुशी अजाद हो जाएगी
09:06और फिर क्या होगा? वाली से शादी कर लेगी
09:08तो ममा हमारे यहां आने से क्या होगा?
09:12बाबा तो बाहर अमल कर रहे है
09:13इन एनी केस खुशी ठीक हो जाएगी
09:15हम बिला वज़ा बुरे बन जाएगे
09:17ना तो यह सोचो सरा
09:18अगर बाबाजी का अमल मुकमल ना हो
09:22और खुशी ठीक ना हो
09:24तो फिर
09:26यह कैसे होगा?
09:31वाई यू पीप सोचली
09:32कभी आज तक ऐसा हुआ है
09:34कि तुमने कोई खायश की और मैंने तुमाई खायश पूरी ना कियो
09:36नहीं ममा
09:39इस दी तो अतनी तकलीफ हो रही है मुझे
09:43पिटा पे तुमने कैसे सोच लिया
09:46कि मैं तुमाई यह खायश पूरे नहीं करूंगे
09:48पर ममा वो बाबा बहुत दाकतवर है
09:54आप कैसे रोकेंगे उसका अमल
09:56हम नहीं रोकेंगे
09:58कोई और रोकेगा
10:00कौन?
10:05तुमाई मेरे साथ
10:06आजो
10:16आजो
10:46ऩ जब आपर नवक्या जी दोसे किया हाँ
10:58ज जो जो जो जो जो जो एक दो
11:01नाथ मुझे तो यहाँ पे किसी कि प्र ब्रेज़्स पीलोरी ए
11:07मुझे तो कोई दी नहीं चाहरा
11:12इसे, इसे, इसे.
11:14इहा है पॉइफ नियहा, इहां.
11:16इहां कोई भी निय hé ममा.
11:18मुझे कोई नजर निया ररा.
11:19हाँ Eeकिय?
11:21हाँ
11:22इसरे है
11:24वोई अनमाली है, जिसके शीशक जादू है?
11:28जादू है
11:29हाँ, टूटही नही है
11:34को जोड़ जोड़ प्लीज़ अब तुझे मुझसे कौन बचाएगो जोड़ अपके वाइदे के लिए आया एम तब हाकिर इंसान्थ हम जनों का क्या फाइदा कर सकते हो अाजर पीज चोड़ दो प्लीज चूड़ दो
12:02तुमु अर ली गुशी जिन्हादी करने वाले है?
12:07यह बास कहरें कि लड़की?
12:10खुशी तो सक्ता बंध हुई भी है
12:11अवे ली बापा-जी आए, मैं अभल कर रहे हैं
12:15अभल कर रहे हैं खुशी को अजाद करने के लिए
12:17अक्रम होजाद हो कि तो एली से चादी कर देगी
12:19तुम ये सब हमें क्यों बताने आई हो
12:22वेटी के काले
12:24इसकी चादी नहोगी ये लिजे तो
12:28ये मर जाएगी
12:30तो मैं क्या कर सकता हूँ
12:34उस खबीज बुठे ने हवेली के करद हैसार कहेंच हुआ है
12:37मैं अंदर दाखिल नहीं हो सकता
12:39खुशी को कैसे बचभनो
12:41मैं एसाहर को
12:43तोडने का क्या तरीका है
12:45सर्वेक सूरत मैं
12:49अगर घर का मालिक
12:50य। घर का फर्द मुझे अंदर आने की अजास्थ दे-दे
12:53तो मैं दाखिल हो सकता हूं
12:56अगर मैं अजास्थ
13:01ते लाने का कुई तरी गाने कुला लुट।
13:31आँटी क्या हो गया है आप मुझे हिसार तोड़कर ऐसे बाहर क्यू लाई है
13:51मैं तुमसे सफ एक दफा किनफर्म करना चारी थी कि तुम दिल सच आती हो ना के ली की शादी खुशी से नहीं बल्के मेरी बीटी नादीय से हो
13:58यह कैसी बात है आपको मेरी नियत पर कोई शक है क्या नहीं शक नहीं है लेकिन फिपी कनफर्म करी थी मुझे मालूम है कि तुम नादीय से दिल से प्रार करती हो चाहती हो कि वाकिए वो इस गर का हिस्सा बने
14:08यह कैसी बात है कर रही है आप यह पूछने के लिए आप मुझे बाहर लेकर आई है आए नहीं मैं यह करती है कि जारा तो मुझे भरूसा करती हो ना
14:16अगर करती हो तो वह एक दफा क्या यह कह सकती हो कि रिए अपको अजाजस्त देती हूं कि आप मेरे घर में दाफिवा दाखिल हो चाहे है वो आँटी के आपक अपका अपना घर है
14:23यहाँ दाखिल ओने के लिए इजास्त की कह सी ज़रूर है
14:28लेकिन एक दफ़ा के दो, क्या अज़ है?
14:30आटी देखे, मुझे ने बता, आप क्या बाती कर रही है, अभी तो आप घर से बाहर आएंगें, दुबारा जाने के लिए अजासद की क्या ज़रूर है?
14:35देखें, अगर असद ने आँख खोल कर देख लिया आना तो वो बहुत खुस्दा करेंगे, चले हमाँ, तो यह तो मैं कह रही हूँ, कि अगर असद ने देख लिए आँखे खोल के तो वो बहुत नाराज होगा, इसे तुम जल्दी से बस कह दो एक दफ़ा, वो, अच्छा �
15:05कि अगर उना तो वो, यह तुम जल्दी लुथे खोली शोची कुछ लिए खोली चाहत है, वो, भी बहुत भी जल्दी ने बसाट ने चटेखने हो, आट सब्टाइब एक जल शे बसाटने हो वो, जाखने हो अीज़, प्र वो, आगर में चाने हो फाज़, प्रभसे ओो जा
15:35नहाहाँ नहाँ।
16:05पाबाची फाटो कहा है
16:07पाणी, पानी
16:10पानी
16:23पेटे ये पानी, दम किया हुआ है
16:27खुशी के लिए
16:29ये
16:32पहले उसको ये तावीस पहता ना
16:35हेर सकी मुपी छिटगान पादी
16:57कुसी?
17:05मुजी
17:07मुजी
17:08वो भाग रो ला गाए
17:09नहीं भागी नहीं है
17:11एक किना CA
17:12दर गई है
17:13आदर गहा Temt
17:13बड़र ल्टा चल रहा है
17:15इंसन जनों से डरता है जिन इंसनों से डरता है
17:18बाबजी आपने तो कहा था वो हमारे मसलों का हाल करेगी, वो तो खुद भाग गई है
17:22अली गया है उसके पीचे, ले आएगा उसको
17:29हाँ, हाँ, अल्लाहुपर
17:38बहुत अकुपर था वो चोंके
17:41क्या खुशी अभी भी वहां सक्ता बन थी
17:43तुम्हे क्या लगता है, खुशी ठीक हो गए तो वो वापस आएगी
17:49पता नहीं आजर, उसने मुझसे वादा तो किया था कि वो अली को भूल जाएगी
17:54लेकिन शायद उसे मालूम हो गया है
17:57कि मैंने उसके साथ धोका किया है
18:00लेकिन नादी और उसके मां का
18:04हमारे साथ दिन हो, हमारे बहुत काम आ सकता है
18:09खुशी का दमाग कोई नहीं बदल सकता
18:12वो नादीया और उसकी मा की बात क्यूं मालेगी?
18:15वो आवे हमसे नहीं बैठेगी
18:18मैंने नादीया की ओंकों में खुशी के लिए नफरत देखिये
18:23और तुम जानती हो, ये दुनियावी औरतें अपनों मुक्सदा सिब करने के लिए किसी भी हाथ तक जा सकते
18:31तुम्हारे दमाग में कोई प्लान है?
18:34वो बड़ा अब ज़्यदा देर गर में नहीं ठीगेगा
18:39वैसे भी मेरे लिए हैसार खत्म हो चुका है
18:44जारा मुझे इजासत दे चुकी है
18:46तो फिर?
18:47बस मुझे किसी ना किसी तरह घर के अंदर दाखिल होना एक बार
18:53ताकि मैं उन पर नज़र रख सकूँ
18:57नादी और फरीदा पाहिली हाल करने में उनकी मदद कर रहे
19:02एक बार अतियाज मेरा हाथ हो जाए
19:05बाजी पलट जाएगी जमकी
19:08बाजी पलट जाएगी
19:10हाँ
19:12और इस तरह तुम खुशी पर भी नज़र रख सकोगे
19:15लेकर खुशी तो मुझे फॉर्म देख लेगी
19:18मैं नज़र आजाओंगा उसे
19:20तो सुलिमानी हिसार क्या सिरफ खुशी कर सकती है
19:24तुम नहीं कर सकते है
19:26खुशी
19:30खुशी
19:34खुश
19:36खुश
19:38खुशी
19:40खुशी तुम वहां से ऐसी क्यों चली आई याँ
19:44ठीके मज़ा लगता है मेरी हवेली में कोई चगा नहीं है
19:48तो क्या कह रही हो तुम
19:50ठीक ही तो कह रही हूं
19:52मज़े दोके देती है
19:54बहनों ही मेरे मच पर हाथ उठाते है
19:56और आपके घरवाले मच से नफरत करते है
20:00पावेली में तो मेरी कोई जगा नहीं हुई ना
20:03तुम्हारी जगा मेरे दिल में है
20:05तुमसे भाई भावी ने कुछ खाय है ना
20:07लेकिन तुम तो
20:09अभी तक उनसे ठीक करना से मिली भी नहीं हो
20:11तुमने उन्हें बाते करते सुना है
20:15जब मैं सत्ता बन थी
20:17ना बोल सकती थी
20:21ना देख सकती थी
20:23सिर्फ सुन सकती थी
20:25मैंने जारा भावी और असर्द भाई के लिए जब में अपने लिए नफरत महसूस किया अली
20:31उनको मैं अच्छी नहीं लगती
20:34वो इसलिए खुशी किए वो अभी तक तुम से मिले ही नहीं है
20:37वो तुम्हें जानते ही नहीं
20:39उन्हें ये पता ही नहीं है कि तुम सिर्फ शकल की नहीं
20:42दिल्की भी बहुत प्यारी हो
20:43लिकिन मुझे जाने बगहर उन्होंने मेरे बारे में राय क्यों काइम करी
20:47ये तो ज्यात्ती है ना
20:49खुशी एक इनसानी कमजोरी है
20:52हम लोग ऐसे ही होते हैं
20:55किसी से भी मिले बगहर उसके बारे में जाने बगहर उसके बारे में एक राय काइम कर लिते हैं
21:00और कभी-कभी तो उससे मिलने के बाद भी सिर्फ अपनी जिद में अपनी राय चेंज नहीं करते हैं
21:06ये हम लोगों की एक कमजोरी है
21:09कर उनके साथ रहने के बाद भी वो नहीं माने पे?
21:13तुम्हें कोई भी छोड़े ये तुम्हें कोई भी अपनाए
21:16मैं तुम्हारा साथ सारी जिन्दगी नहीं छोड़ूँगा, I promise
21:20इतनी महबबत करते हैं मुझ से
21:23मैंने नहीं सोचा था कि मैं एक जिन को अपनी महबबत का यगीन दिलाओंगा
21:29दुनिया की कोई भी मखलू को औरत को महबबत का यगीन दिलाना पड़ता है
21:35कि एपनाध आदो क्या हो गया पिटा क्यो हिंबत आर्यों क्यों जारी हो यहां से जाने से क्या होगा
21:55कैसी इंद ममा तो मुझे सिल्ट मैसोच है यहां पर रहते हो ही तो में जन से डर गयो
22:02कब नियो नहीं सोचा भी नहीं था तुमारे बारे में कि तुम इतनी डर्टपोक निकलोगी
22:05मा मैं अखोशी से डर्ती नहीं हूँ
22:09जो तो अदीके बढ़ता हो से जड़ लगता है
22:12वह अश्रमिंदगी होती है मुझे
22:16वह ए उख देशनी क всегда बार कोई मुझे रजेक्ट कर �ां
22:21और मुझे रजेक्शन नहीं हची लिए
22:25लगती है
22:27लाओ लाओ पुर्णक Зटोंड़ शवाए
22:31ऩल्लाघ बछ्चा उच्चा सब ठीक कर दढ़ीगगा
22:35शचे सब ठीक कर दे selbstदेगा
22:38मैय उसी गुना है
22:41आला ताला नारास हो जाते हैं, आला है है ना, रास्ता निकलाएगा।
22:46माँ बाबी भी यही कह रही है।
22:49क्या रास्ता निकलेगा।
22:51अरी खुशी से नफ़त करके फिर से मुझसे प्यार करने लगेगा।
22:54हाँ, इस दुनिया में कोई भी चीज ना मुंके नहीं है।
22:56और मैटब मैंने कहा है ना, आर्टिस का कोई आल होता है।
23:00इस तरह आप मैदान छोड़के नहीं भागते।
23:02तुम्हारा बाप मैदान छोड़के गया था।
23:04तुम्हें बाप जैसा बनना है अपने।
23:08अमार डाट तो कभी मैदान में थे ही नहीं।
23:11मुझे नहीं लगता कि नहीं अपसे कभी मुहपत किया।
23:15मुझे तो लगता सिर्फ नहीं आपके साथ टाइंक पास किया।
23:19दुनियादारी निभाई है।
23:21और कुछ नहीं।
23:22जच चलो।
23:23छोड़ गया ना मेदान।
23:25लेकिन मै तो मेदान में डटी रही ना।
23:27पाला ना मैंने तुम्हें सिंगल एंड़िड ली।
23:30इसलिए हम भागने वालों में से नहीं है।
23:32ठीक है।
23:34जो भी है।
23:36आप किसी को किसी के साथ जबरदस्ती नहीं बान सकते।
23:40बात खत्म।
23:42बेटा, हर मखलूक में अच्छे और बुरे दोनों किसम के लोग होते हैं।
23:58पता है नहीं बाबा, मैंने तो जब भी किसे सुनें जिनों के बारे में वो बुरे ही है।
24:03और अब तो देख भी लिए है।
24:07आप भूल रहे हैं मिया।
24:10जिननात को ऐसे भी कवीले थे
24:13जिनोंने हुजूर सललल्लाई वालिह वसल्म के दस्त मुबारग पर इसलाम कबूल किया था।
24:26सुन रही हैं आप, आप करेंगी इसलाम कबूल।
24:29जी असद भाई, मैं करूंगे इसलाम कबूल।
24:35बेटा किसी फर्द की मुभबत में पुतला होकर, अकर उसकी दीन को अपना ले, तो ये दीन के साथ नाइंसाफी है।
24:47नहीं बाबा जी, इसलाम कबूल करने की वज़ा अली नहीं है, बिलके मैं तो बहुत पहले से इस दीन से मतासिर हूँ।
24:58अच्छा, ये तो बहुत अच्छी बात है।
25:01जी हाँ, ये मेरे दिल का फैसला है।
25:05तो आओ बेठा, बैठो, आजाओ, हम तुम्हें कनमा पढ़ाते हैं।
25:20जी हाँ, बात है।
25:50पिटा यू आफ टू ट्रस्ट पी
25:58उदास नहीं होना हाँ
26:00मुझ पर भरोसा करना है
26:02देखो पिटा
26:04ये जो अली और खुशी का रिष्टा है ना
26:07ये गहर फित्री है
26:08अली पर सर्फ और सर्फ तुम्हारा आके
26:10ये रिष्टा जादा दिर नहीं चलेगा
26:13किसी इनसान की
26:15जिन के साथ शादी हो ही नहीं सकती है
26:17देखो तुम इसको ऐसे समझो
26:20कि जैसे किसी इनसान के उपर
26:23किसी जिन ने कब्सा किया वाए
26:24और आगर
26:27किसी इनसान पर कोई जिन कब्सा कर ले
26:29तो क्या हम उस इनसान को छोड़ देते
26:30नहीं
26:33मैंने तो फिल्मों में यही देखा है कि आमिर इंसान को जिनके कब्से से छुड़वाते है
26:39ना ना दो तो पिर पिटा आमिर भी यही करना है अली के लिए बहुत बढ़ी नेकी होगी
26:44लेकिंगे, इक इसा हमिल ठाके लिया यहाँ, अली को जिनके कब्से से छुड़वाने के बज़ए वो खुशी की मतद कर रहे है, उसका हिलाज कर रहे है वो
26:53यहाँ, यहाँ, यहाँ, यहाँ, यहाँ, मैं तो खुद कन्फ्यूज़ हूँ, मुझे क्या बताता है कि बाबा उल्टा, उनकी मदद करना शुरू करतेगा, लेकिन इसने सारी जिन्दगी तो इस घर में नहीं रहना ना, जैसे ही बाबाजी जाएंगे, हम अपना प्लैन बन
27:23बैके चमकी की बहन है, और तुमने देखा था ना, चमकी अपनी बहन के लिए कितनी परेशान होती है, चमकी और आजन नहीं चाते कि अली और खुशी की शादी हो, जारा और असद नहीं चाते कि अली और खुशी की शादी हो, तो जब इतने सारे लोग मिलके नहीं चाते क
27:53हाँ हर्ट प्राब्लम की सिलूशन होती है
27:56मैं ढूलोंगी इसका भी हल
27:58इंदे पैसान नहीं हो न
27:59मैं हैरान इस बात पर हूँ
28:05कि आजर हविली के बाहर का हसार तोड़कर अंदर कैसे आ गया
28:10वो बगैर घरवालों की इजाज़ते अंदर नहीं आ सकता
28:14न वो अंदर आता और नए अहलात पेशाते
28:20पाबजी एक सवाल है पूछो
28:23पूछो बेटा
28:25दीन इसलाम के बारे में मुझे मालूमात तो है
28:28जैसे नमास पढ़नी हैं रोजे रखने हैं
28:33लेकिन ये सब कुछ करना कैसे है इसकी मालूमात नहीं है
28:36बेटा इस सिलसले में तो पिर हमें
28:40जारा से दर्खास करनी पड़ेगी
28:42कि वो आपको नमास पढ़ना सिखाएगी
28:45बस फिर तो इनको सिर्फ ईद की नमासों के बारे में ये पता चलेगा
28:49नहीं मेरा मतलब है कि हमें बड़ी खुशी है
28:57इन्होंने इसलाम कबूल कर लिया है बड़ी अच्छी बात है
29:00लेकिन ये हमारी समयदारी तो नहीं है
29:02ये देख लें जारा से क्यों सीखेंगी
29:06कोई भी सिखा देगा है न
29:07भाई ये आप कैसी बाते कर रहे है यारा आपको पता भी है कि
29:10कुशी मेरी जिन्तगी है
29:11मैं उससे शादी करने बाला हूँ
29:13अली
29:15इननाफ अप तिस नॉनसेंस
29:18मैं अभी तक ना तुम्हारा बच्पना समझता रहा हूँ
29:21इन सब चीजों को
29:21अर तुम्हें पता है ना हम यहां किसी मकसद से आये हुए है
29:24अबाजान की वसीयत याद है तुमे
29:26वसीयत में शादी भी है
29:28लेकिन किस से शादी करनी है इस बारे में कोई जिकर नी कि
29:31अबाजान चाते थे कि तुम्हारी शादी हो
29:33ताकि हमारी नसले आगे बढ़े
29:35वो चाहते थे कि इस हवेली में रहने वाले जिन कमजोर पड़े
29:38इसलिए नहीं कि तुम दुश्मनों से ही रिस्ता जोड लो
29:41दुश्य हमारे दुश्मन नहीं है भाई
29:42भूल गयो तुम
29:45इसके भाई ने हमारे बाबा का कतल किये
29:49चचा चंगेज ने खुद बताया है
29:51कि किसी अंदे की कुवत ने अबाजान को सीड़ियों से धका मारा था
29:55तो हमारे बाब के कातलों में शादी करना चाते हैं
29:57तो इसमें इसका क्या खसूर है या
29:59अपने घरवालों के अमाल की ससा ये क्यूं बुकते
30:02भाई
30:04यार प्रीज आप इसके साथ कुछ
30:07आप उसको जानकर तो देखें
30:11वहाँ अच्छी लड़की है
30:13नहीं यारे
30:15पच्चपन से लेके आज तक मैंने तुमारी हर बात मानी है ना
30:19हमेशा तुम्हें सपोर्ट की जब अबाजान हयात भी थे
30:22तुम्हारे हर फैसले में तुम्हारे साथ मैं खड़ा रहा हूँ
30:24लेकिन अब नहीं यार
30:25तुम मेरे भाई हो मैं तुम्हें ये खुदकुशी करने नहीं दूँगा
30:28प्लीज यार मेरी जिन्दगी की आखरी खुशी मुझे दे दे
30:32प्लीज
30:33अरली इसका सिर्फ नाम खुशी है
30:35ये हमारी जिन्दगी में आगी तो सबाए घम के और कुछ भी नहीं होगा यार
30:39ठीक है भाईजान
30:41अगर आपका ये फैसला तो मेरा फैसला भी सुनने
30:46मैं सारी जिन्दगी खुशी का साथ दूँगा उसे कभी भी नहीं चुड़ूँगा
30:51क्या मतलब है तुम्हारा
30:57अगर तुम्हें मुझ में और इसमें से किसी को चूस करना हो
31:00तो तुम किसका साथ दूँगा
31:02मैं हग का साथ दूँगा भाई
31:04ये अच्छी नियत और महबत के साथ इस खांदान में शामिल होना चाहती है
31:16और मैं इसको इस घर में दाखिल होने नहीं दूँगा
31:19ये मेरा आखरी फैसला है
31:22ये आपका फैसला है
31:23और मेरा फैसला ये है
31:25कि मैं खुशी को नहीं चोड़ूँगा
31:29जारहूरा हो ये करद चोड़ के
31:33चलो खुशी
31:36अली?
31:37अली?
31:39असनद खुशी
31:40असनद
31:42उसको रूको व least जारा है
31:44असदली जारा है
31:46असनद
31:48अली?
31:52अली तो चला गया
31:54पर दुश्या चला ये जला जला जो
31:56कुछ देसको जा ब्लाइल datos
31:58माइ गॉड ओ माइ गॉड अमा अब क्या होगा अली तो घर शोड़ कर चला किया
32:05वक्ती गुष्सा असका आ जाएगा भी वापस
32:09अगर उनोंने अहर जा कर कोट मेरेज कर ली तो
32:14यह से कर लेंगे कोट मेरेज इतना असान काम नहीं होता
32:17बहुत जादा पेपर वर्क होता है और यह आजर और चमकी होने देंगे यह उन दुनों की कोट मेरेज
32:21तो मेरे हम फॉरण से आजर बाई और चमकी बाजी को बता देते हैं ना कि वो लोग घर चोड़कर चले गए हैं
32:27यह सही बात है उनको बताना चाहिए
32:30नेगे एक मसला है ना दो अली ने तो गले में तावीस पेना वै और वो बद्रुल इसलाम बाबाजी ने
32:36उसको खुशी को भी दे दिया है तो ममा अपको क्या लगता है अब वो दोनों आजर की हाथों से महफूस हो गए होंगे
32:42मुझे ही क्या पता मुझसे क्यो पूछी हूँ मैं एक्सपर्ट दूड़ी हूँ यह बाते तो मैं आजर से पूछनी है ना
32:47मैं आजर मैं तो मैं ऑ्के लिदो मिच्छना एंजरी मिच्छनास्न
32:52इया हूँ
32:53अरि million, यसक्त creativity
32:54आister ने फंजरे मैं
32:55आजरे मैं
32:55आजरे मैं आजरे बाखूँ
32:57एंपोऊण रीच्ने अयुत ए राखूँ
33:09कर्तने कास्वित
33:10js Осम JUST
33:12कर्तो है
33:14जब ये तीन साल का था ना तो इसको स्मॉल बॉक्स हुआ था, चीचक
33:27अम्मी का इंतकाल हो गया था, अब बाजान शहर में नहीं थे, बिसनस के सिलसले में गई वे थे
33:35पूरी कमर पे, पूरी जिसम के उपर इसके फोड़े निकले वे थे, फिंसिया निकले वे थी, पूरी रात रो रहा था यह और पूरी रात बैठ कर, मैं ठंडे पानी से टकोर कर रहा था इसकी
33:45मेट्रिक मेट्चे नमबर लिये तक तो मैंने अपनी हैवी बाइक दी थी इसको
33:51जितनी इसकी शराद दें जो जू भी हरकते करता रहा है बच्पन से
33:55मैंने सब अपने उपर ली ताकि अबाजान की मार सभी बचा रहा है
33:58सुद मैं
34:04मैं जानती हूं कि आप हली से बहुत मुहबत करते हैं
34:08अपने हमेशा बाप बन कर उसको पाला है
34:11अबाजान की जिन्दगी में भी उससे ज्यादा उसका ख्याल रखा है
34:17मुराज ये सलह दिये उसमें मेरी महबत करा
34:19एक चिन्नी के लिए
34:21जो के इनसान भी नहीं है, शेतानी मखलुक है
34:24इसने अपने भाई को छोड़ दिया
34:28अपने खून को छोड़ दिया, अपनी फैमिली से घड़ारी किया रहा है
34:32यह नहीं असाद, वो बेवकूफ है
34:35बच्चा है
34:37तोड़े से वक्त में उसको अकल आजाएगी
34:40बच्चा नहीं है वो
34:41खुदगर्ज है
34:43मफाद परस्त है
34:45ठीक है?
34:50उसको मेरी मुखबत की परवाँ नहीं है तो मुझे भी परवाँ नहीं है उसकी
34:53उसका नफ़ाओ यो नुकसान मुझे कोई फर्ख नहीं बढ़ता
34:56अली और खुशी हवेली छोड़कर जा चुके हैं
35:07वो फिर भी मुझे नजर नहीं आ रहे हाला कि वो हिसार से बाहर है
35:12कहीं खुशी ने अपने हर्द करद सुलमानी चादर को नहीं कहेंच ली
35:17वो प्रॉबिबली इसले क्योंकि वो जो बाबा बद्रूल इसलाम है उन्होंने खुशी को एक तावीज दिया है
35:25वो उसने अपने गले में पहना है
35:26शायद उसकी वज़ा से नहीं नजर आ रहे है
35:28अब सोचना ये है कि करना क्या है
35:31हल तो है मेरे पास
35:34लेकिन मुझे तुम लोगों की मदद के जरूर पड़ेगी
35:38मैं अपनी बेटी के लिए कुछ बिखरने के लिए तयार हूँ
35:46आप लोग बस हुक्म करें
35:50पहलिया हल करो
35:54अब अली नहीं है
35:55तो असत को उकसाओ के वो पहलिया हल करे
35:58एक बार वो हत्यार मुझे मिल गया सब ठीक हो जाएगा
36:03वो हत्यार मुझे इतना ताकतवर बना देगा
36:07कि मैं गले से पकड़ कर खुशी को वापस यहां ले आऊँगा
36:10फिर किसी बाबे का कोई तावीज मुझे पे असर नहीं करेगा
36:15असर दिया
36:25आविली से बाहर आएं फोन उताएं
36:29तावीज के बगएर कैसे जाएगा ताविली के अंदर चकेस
36:34या लाह कैसे आगा करो इस अत्मिया को
36:55दिल का है ये बन जादा पंद
37:12झाल
37:16झाल
37:19झाल
37:21झाल
37:22क्टर
37:22झाल
37:25झाल
37:27झाल

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