00:00। आवाजों में एक लए, एक स्वर, एक भाव, एक जैसा रोमांच, एक जैसा प्रभाव,
00:16एक जैसा तार्तम्या, ऐसी तरंग, इस उर्जा ने रदय को स्पंदित कर दिया है।
00:34भावनाओं से भरे इसी माहोल में, मैं अपनी बात को आगे बढ़ा रहा।
00:44मन्च पर उपस्तित, केमिनेट के मेरे सहयोगी, गजेंदर सीखावत, दिल्ली के उपराजपाल, वीके सक्षेना, मुखमंत्री रेखा गुपताजी, अन्य सभी महानुभाव, भाई और बहनों।
01:12आज हमारे साथ देश के सभी कोने से लाखों लोग जुड़े हुए हैं, मैं उनको भी मेरी तरफ से बंदे मात्रम से शुब कामनाई देता हूँ।
01:30आज साथ नमबर का दीन बहुत अइतिहासिक है।
01:40आज हम बंदे मात्रम के एक सो पचासवे वर्स का महा उत्सव मना रहे हैं।
01:55ये पुन्य अवसर हमें नई प्रेरणा देगा।
02:06कोटी कोटी देश वाच्यों को नई उर्जा से भर देगा।
02:16इस दिन को इतिहास की तारिख में अंकित करने के लिए
02:26आज बंदे मात्रम पर एक विशेस कोईन और डाक टिकड़ भी जारी किये गए है।
02:38मैं देश के लक्षावदी महापुर्शों को माभारती के संतानों को
02:50बंदे मात्रम इस बंद्र के लिए जीवन खपाने के लिए
02:54आज स्रद्धा पुर्वक नमन करता हूँ और देश वाच्यों को इस अवसर पर बहुत बहुत बधाई देता हूँ
03:06मैं सभी देश वाच्यों को बंदे मात्रम के एक सो पचास वर्ष पूरे होने पर
03:20बहुत बहुत सुपकामनाई भी देता हूँ
03:25साथियों हर गीत हर कावय का अपना एक मूल भाव होता है
03:38उसका अपना एक मूल संदेश होता है
03:45बंदे मात्रम का मूल भाव क्या है
03:50बंदे मात्रम का मूल भाव है भारत मा भारती
03:59भारत की शास्वत संकल्पना
04:06वो संकल्पना जिसने मानोता के प्रधम पहर से
04:15खुद को घड़ना शुरू कर दिया
04:20जिसने यूगों यूगों को
04:25एक एक अध्याय के रुप में पड़ा
04:30अलग अलग दौन में
04:34अलग अलग राष्टों का निर्माण
04:39अलग अलग ताकतों का उदाएफ
04:42नई सभ्यताओं का विकास
04:48सुन्य से सिखर तक उनकी यात्रा
04:52और सिखर से पुना
04:58सुन्य में उनका विलय
05:01बनता बिगडता इतिहास
05:05दुनिया का बदलता भुगोल
05:09भारत ने ये सब कुछ देखा है
05:16इंसान की इस अनन्त यात्रा से हमने सिखा
05:22और समय समय पर नए निस्कर्स निकाले
05:29हमने उनके आधार पर
05:33अपनी सभ्यता के मुल्यों
05:38और आदर्शों को तरासा
05:41उसे घड़ा
05:44हमने
05:46हमारे पुर्वजों ने
05:48हमारे रूश्यों ने
05:50मुनियों ने
05:51हमारे आचार्यों ने
05:54भगवन्तों ने
05:55हमारे देश वास्यों ने
05:59अपनी एक
06:01सांस्कुरुतिक पहचान बनाई
06:03हमने
06:06ताकत
06:09और नैतिकता के
06:11संतुलन को बराबर समझा
06:15और तब जाकर
06:18भारत एक राष्ट के रूप में
06:22वो कुंदन बनकर गुभरा
06:26जो अतीत की हर चोट
06:30सहता भी रहा
06:33और सहकर भी
06:35अमरत्व को प्राप्त कर गया
06:39भाईयों बहनों
06:43भारत की ये संकल्पना
06:46उसके पीछे की वैचारिक शक्ती है
06:51उठती गिर्ती दुनिया से अलग
06:56अपना स्वतंत्रास्तित्वबोद
07:01जे उपलब्धी
07:05और लैबद
07:08लिपिबद होना
07:13लैबद होना
07:15और तब जाकर के
07:19रुदे की गहराई से
07:22अनुभवों के निचोड से
07:26संबेदनावनी की
07:29असीमता को प्रात्त करकर के
07:32बंदे मात्रम जैसी
07:36रचना मिलती है
07:37और इसलिए
07:41गुलामी के उस कालखन में
07:46बंदे मात्रम
07:48इस संकल्प का
07:51उद्गोश मन गया था
07:53और वो उद्गोश था
07:57भारत की आजादी का
08:01मा भारती के हाथों से
08:06गुलामी की बेडिया तूटेगी
08:10और उसकी संताने
08:14स्वयम
08:15अपने भाग्य की
08:18भाग्य विधाता बनेगी
08:21साथ क्यों
08:24गुरुदेव रमिंदरनाथ ठाकूर ने
08:27एक बार कहा था
08:30बंकिम चंदर की आनन्दमठ
08:34केवल
08:36उपन्यास नहीं है
08:39ये
08:42स्वाधीन भारत का
08:45एक स्वप्न है
08:48आप देखिए
08:50आनन्द मठ में
08:53बंदे मात्रम का प्रसंग
08:57बंदे मात्रम की एक एक पंक्ति के
09:02बंकिम बाबू के एक एक शब्द के
09:10उसके हर भाव के
09:15अपने गहरे नहीतार्थ थे
09:22नहीतार्थ है
09:25ये गीत
09:28गुलामी के कालखन में
09:31रतना तो जुरूर हो गई उस समय
09:34लेकिन उसके शब्द
09:37कुछ वर्षों की गुलामी के साए में
09:42कभी भी
09:44कैद नहीं रहे
09:46वो गुलामी की इस मुलतियों से आज़ाद रहे
09:53इसलिए
09:55बंदे मातरम हर दौर में
09:58हर कालखन में
10:01प्रासंगीक है
10:04इसने अमर्ता को प्राप्त किया है
10:07बंदे मातरम की पहली पंक्ती है
10:12सुजलाम सुफलाम
10:16मलय जशितलाम
10:19सच्य शामलाम मातरम
10:22अर्थात
10:24प्रकृती के दिव्य वर्दान से शुशोवित
10:28हम अमारी सुजलाम सुफलाम मातर भुमी को नमन
10:34साथियों
10:37यही तो भारत की
10:39हजारों साल पुरानी पहचान रही है
10:43यहां की नदिया, यहां के पहाड, यहां के वन, बृक्ष, और यहां की उपजाव मिट्टी
10:57यह धर्ती हमेशा सोना उगलने की ताकत रखती है
11:05सदियों तक दुनिया भारत की सम्रुद्धी की कहानिया सुनती रही थी
11:17कुछ ही शतापदी पहले तक, ग्लोबल जीडीपी का करीब एक चौथाई हिस्सा भारत के पास था
11:31लेकिन भाईयो भेनो, जब बंकिम बाबु ने बंदे मात्रम की रचना की थी
11:40तब भारत अपने उस स्वनिम दोर से बहर दूर जा चुका था
11:49विदेशी आक्रमनकारियों ने उनके हमले, लुटफाट, अंग्रेजों के शोशनकारी नीतियां
12:03उस समय हमारा देश गरीबी और भूख मरी के चंगूल में करा रहा था
12:15तब भी बंकिम बाबु ने उस बूरे हालात के सित्यों में भी चारों तरफ दर्द था, विनास्ता, शोख था
12:31सब कुछ डूपता हुआ नजर आ रहा था
12:36ऐसे समय बंकिम बाबु ने समर्द भारत का आवान किया
12:45क्योंकि उन्हें विश्वास था कि मुश्किलें कितनी भी क्यों नहों
12:54भारत अपने स्वनिम दौर को पुनर जिवित कर सकता है
13:02और इसलिए उन्होंने आवान किया बंदे मात्रम
13:10साथियों गुलामी के उसकालखन में भारत को नीचा और पिछडा बताकर
13:20जिस तरह अंग्रेज अपनी हकुमत को जस्टिफाई करते थे
13:27इस प्रथम पंग्ति ने उस दुष्प्रचार को पूरी तरह से द्वस्त करने का काम किया
13:36इसलिए बंदे मात्रम केवल आज़ादी का गान ही नहीं बना बलकि आज़ाद भारत कैसा होगा
13:49बंदे मात्रम ने वो सुझलाम सुफलाम सपना भी करोणों देश वाच्यों के सामने प्रसूत किया
14:00साथियों आजे दिन हमें बंदे मात्रम की और साधारन यात्रा और उतके प्रभाव को जानने का अउसर भी देता है
14:15जब सन 1875 में बंकिम बाबु ने बंग दर्शन में बंदे मात्रम प्रकाशित किया था
14:29तो कुछ लोगों को लगता था कि यह तो केवल एक घीत है लेकिन देखते ही देखते बंदे मात्रम
14:39भारत के स्वतंतरता संगराम का कोटी-कोटी जनों का स्वर बन गया
14:48एक ऐसा स्वर जो हर क्रांतिकारी की जबान पर था
14:55एक ऐसा स्वर जो हर भारतिय की भावनाव को व्यक्त कर रहा था
15:01foreign
15:03I
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15:07can
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15:211896
15:25Gurudev Ramirna Thakur
15:28Kolkata
15:30Adivation
15:31Bandemaatram
15:33Gaya
15:341905
15:36Bangal
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16:17Bangal
16:18Bangal
16:19Bangal
16:20Bangal
16:21that was the mantra, that was the word that was the man.
16:25After all, the people who have been working with the people who have been working with the people who have been working with the man,
16:34when they were together, they had been the man who had been the man.
16:43KITNAH HIKRANTIKARI J政治
16:52KITNAH KITNAH KITNAH KITNAH TEARIG
17:02IALG ALG PRAANTH OR RILAHKET
17:05ALG ALG PHONE STAH BOLNAYetes LONG
17:08UNKA ANDOLAN
17:10LECIN
17:12कि जो नारा जो संकल पर जो गीत हर जबान पर था जो गीत हर स्वर में था वो था वंदे बात्रम कि इसलिए भाई वे नो
17:271927
17:30Maatma Gandhi
17:33Nei kaha tha
17:33Bande maatram
17:36Hemare saamne
17:38Sampoorn bharat ka
17:41Aisasa
17:42Chitra upastit kar deta hai
17:45Jho akhand hai
17:47Shri Aurobindu
17:49Ne
17:49Bande maatram ko
17:52Eek geet se bhi aagye
17:54Usse eek
17:56Mantra kaha tha
17:57Unhau nne kaha
17:59Eek aisa mantra hai
18:02Jho atma bal
18:05Jagaata hai
18:06Vika ji kama
18:08Nne bharat ka
18:10Jho dvaj tajar karvaaya tha
18:12Usme bishme bhi
18:14Likha tha
18:15Bande maatram
18:17Sathiyo
18:18Hemara rastra dvaj
18:21Samae ke saath
18:23Kai badlaavon se gujra
18:24Lekin
18:26Tep se lekar
18:27Aaj tak
18:27Hemare tira nghe
18:29Tak
18:30Desh ka jhanda
18:32Jib bhi pharata hai
18:35Tau humare
18:36Tau humare mhun se
18:37Anayas nikalta hai
18:39Bharat maatah ki jai
18:42Bande maatram
18:44Isaliyye
18:46Aaj jab hum
18:48Us raastra gheet
18:51Ke 150
18:52Vars
18:52Muna raha hai
18:53Tau ee desh ke mahan
18:56Nayakon ke prati
18:57Hemari sraddhanjali hai
19:00Or ya un laakho
19:03Bhalidaniyong ko bhi
19:04Sraddha purwag
19:06Naman hai
19:06Jho bande maatram
19:09Ka ahuan
19:09Karte huye
19:10Phanxi ke
19:11Takt pere
19:12Julte huye
19:13Jho bande maatram
19:15Bolte huye
19:16Kodun ki
19:18Maar
19:18Saitte rhe
19:19Jho bande maatram
19:21Ka mantra
19:22Japte huye
19:23Barf ki siliyong pere
19:25Ađig rhe
19:26Sathiyo
19:28Aaj hum
19:29140 karo r desh waashi
19:33Aishe sabhi
19:35Nām
19:37Anaam
19:38Gumnaam
19:39Raastra ke liye
19:42Jine marnay walo ko
19:43Sraddhanjali dhe te
19:45Jho bande maatram
19:48Kehate huye
19:48Desh ke liye
19:50Balidhan ho gay
19:51Jine ke naam
19:54Ithyaas ke
19:54Pannu me
19:55Kabhi
19:55Dرجi
19:56Nahi
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19:56Pahe
19:56Sathiyo
19:58Hemare
20:00Vyedho
20:00Nne
20:01Hame
20:01Sikhaya
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20:02Matan
20:04Bhumi
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20:08Arthat
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20:18Hai
20:18Bharat
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20:21Lohgou
20:21Nne
20:21Vyedhik
20:23Kaan
20:23Rastri
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20:53maa hao sakta hai
20:55lekiin bharat alag hai
20:58bharat mém
21:00maa jannani bhi hai
21:03aur maa
21:06palanharini bhi hai
21:08agar santaan
21:10par sankta jay
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21:20aabla kenmaaya tabale
21:23બહબરધારણી નમામી તારણી રીપદરણી વંતરમ વંદે માતરમ વંદે માતરમ અર્થાત
21:33આપાર શક્તિ ધારણ કરણી વારતમાં સંક્તે પાર ભી કરાણે વાલી ઔર શત્રોં કરાણે વાલી કરાણે વાલ
22:03પૂરુ સબી સબકી ભાગિદારી કા સંક્તે પીર એસે ભારત કા સપ્ણા દેખ પાએ જિતે મહીલા શક્તી રાષ્
22:33પીતે પીતે પીતે મૂલ ઘીતી પંક્તીયાં હીતે તમહી દૂરગા કીતે પીતેતે વાણી વાણી વાણી વિદ્ય�
23:03આર્તે ભારદમાતે વિદ્યા દાئینી સર્તેં ભીતે ભીતે ભીતેતે ભીતે ભીતે ભીતે ભીતેતે ભીતેતે ભી�
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24:01in the film,
24:02we have been
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24:29and Vimla's presence is known as a ten-prarana-dharani-durgaani-manna-jainta-hay
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24:55की भावना ने पूरे राष को प्रकाशित किया था लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में बंदे मात्रम के महत्पपुन पदों को उसकी आत्मा के एक हिस्से को अलग कर दिया गया था
25:17बंदे मात्रम को तोड़ दिया गया था उसके टुकड़े किये गए थे बंदे मात्रम के इस विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बो दिये थे
25:36राष्ट निर्मान का ये महा मंत्र इसके साथ ये अन्या क्यों हुआ ये आज की पीडी को भी जानना जरूरी है
25:50क्योंकि वही विभाजन का रिसोच देश के लिए आज भी चुनावती बनी हुई है
26:01साथियों हमें इस सदी को भारत की सदी बनाना है
26:09ये सामर्त भारत में है ये सामर्त भारत के 140 करोड लोगों में है
26:18हमें इसके लिए खुद पर विश्वास करना होगा
26:24इस संकल पर यात्रा में हमें पत्ब्रमित करने वाले भी मिलेंगे
26:30नकारात्मक सोच वाले लोग हमारे मन में संकाज संदे पैदा करने का प्रयाद भी करेंगे
26:40तब हमें आनन्द मठ का वो प्रसंग याद करना है
26:48By the way, when he was born in the monastery, he was told in another word that the man doesn't
27:00ask him what would he do to?
27:05ुह्य मेह विए व्य में वोग्ति हुचु दूनगे व्य की.
27:22ूव्य माता अवला काइसे हो सकती है कि आ ज़तो भारत माता की
27:32144 KROUND SENTAN है उसके 280 KROUND BHAJAYE हैं इन मेंसे 60% से भी ज्यादा तो नव जबान है
27:49दुनिया का सबसे बड़ा डेमोग्राफी एडवांटेज हमारे पास है ये सामर्थ इस देश का है ये सामर्थ माभारती का है
28:05ऐसा क्या है जो आज हमारे लिए असंबभ हो है ऐसा क्या है जो हमें वंदे मात्रम के मूल सपने को पूरा करने से रोक सकता है
28:19साथियों आज आत्मन निर्भर भारत के विजन की सबलता
28:24मेकिन इंडिया का संकल्प और 2047 में विक्षित भारत के लश्की और बढ़ते हमारे कदम
28:36देश जब ऐसे अभूत्पुर्वत समय में नई उपलब्दियां हासिल करता है
28:44तो हर देश वाची के मूँ से निकलता है बंदे बात्रम
28:49आज जब भारत चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुचने वाला पहला देश बनता है
28:56जब नए भारत की आहट अंतरीक्षे सुदूर कौने तक सुणाई देती है
29:02तो हर देश वाची के उठता है बंदे बात्रम
29:06आज जब हम हमारी बेटियों को स्पेस टेक्नोलोजी से लेकर
29:12स्पोर्ट तक मैं शीखर पर पहुचते देखते हैं
29:15आज जब हम बेटियों को फाइटर जेट उडाते देखते हैं
29:20तो गवरों से भरा हर भारतियक का नारा होता है बंदे मात्रम
29:25साथियों आज ही हमारे फोज के जवानों के लिए
29:32बन रैंक बन पैंशन लागू होने के ग्यारा वर्ष हुए हैं
29:38जब हमारी सेनाए दुश्मन के नापांग इरादों को कुचल देती हैं
29:45जब आतंगवान, नक्सलवाद, माववादी आतंग की कमर तोड़ी जाती है
29:49तो हमारे सुरक्षाबल एक ही मंत्र से प्रेडित होते हैं
29:55और वो मंत्र है बंदे मात्रम
29:57साथियों माभारती के बंदन की यही स्पिरीठ हमें
30:06विक्सित भारत के लग्तकर ले जाएगी
30:09मुझे विश्वात है बंदे मात्रम का मंत्र
30:13हमारी इस अमरत यात्रा में
30:17माभारती की कोटी कोटी संतानों को
30:21निरंतर शक्ति देगा पिरणा देगा
30:25मैं एक बार फिर सभी देश वासियों को
30:30बंदे मात्रम के 150 वर्थ पूरे होने पर
30:38रजय से बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ
30:42और देश भर से मेरे साथ जुड़े हुए
30:46आप सबसे बहुत बहुत धन्यवाद करते हुए
30:50मेरे साथ खड़े हो करके
30:53पूरी ताकत से हाथ उपर करके बोलिए
30:57One day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one day, one
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