00:00मेरे प्यारे देशवाचियों, अब मन की बात में एक ऐसे विशय की बात, जो हम सब के दिलों के बहत करीब हैं, ये विशय हैं हमारे राष्टगीत का, भारत का राष्टगीत यानी वंदे मात्रम, एक ऐसा गीत जिसका पहला शब्द ही हमारे रदय में भावनाओं का उफान
00:30किसेव में कितने ही भाव हैं कितनी उरजाएं हैं, सहज भाव में ये हमें माभारती के वाद्चल का अनुभव कराता है, यही हमें माभारती की संतानों की रूप में अपने दाईत्वों का बोत कराता है,
00:49अगर कठिनाई का समय होता है तो बंदे मात्रम का उत्गोष 140 करोड भारतियों को एक्ता की उर्जा से भर देता है
01:00साथियो राष्ट भक्ति माभारती से प्रेम ये अगर सब्दों से परेकी भावना है
01:08तो बंदे मात्रम उस अमूर्त भावना को साकार स्वर देने वाला गीत है
01:14इसकी रचना बंकिम चंदरत चट्टोपाधेजी ने सदियों की गुलामी से शिथील हो चुके
01:23भारत में नए प्रान फुकने के लिए की थी
01:27बंदे मात्रम भले ही उन्नीश्वी सताब्दी में लिखा गया था
01:32लेकिन इसकी भावना भारत की हजारों वर्ष पुरानी अमर चेतना से जुड़ी थी
01:39वेदों ने जिस भाव को माता भुमी पुत्रो अहम पुरुथी व्याहा
01:46कहकर भारतिय सभ्यता की नीव रखी थी बंकिम चंद्रजी ने वंदे मात्रम लिखकर मात्रु भुमी और उसकी संतानों के उसी रिष्टे को भाव विश्वस में एक मंत्र के रूप में बांध दिया था
02:06साथियों आप सोच रहे होंगे कि मैं अचानक से बंदे मात्रम की इतनी बाते क्यों कर रहा हूँ
02:15दरसल कुछ ही दिनों बाद साथ नवेंबर को हम बंदे मात्रम के एक सो पचासवे वर्ष के उत्सों में प्रवेश करने वाले हैं
02:28एक सो पचास वर्ष पुर्व बंदे मात्रम की रचना हुई थी और 1896 में गुरुदेव रविजने टेगोर ने पहली बार इसे गाया था
02:43साथियो बंदे मात्रम के गान में करोडो देश वाचियों ने हमेशा राष्ट प्रेम के अपार उफान को महसूस किया है
02:55हमारी पीडियों ने बंदे मात्रम के शब्दों में भारत के एक जिवन्त और भव्य स्वरूप के दर्शन किये हैं
03:05सुजलाम सुफलाम मलय जश्वितलाम सश्च शामलाम मातरम बंदे मातरम हमें ऐसा ही भारत बनाना है
03:17बंदे मातरम हमारे इन प्रयासों में हमेशा हमारी प्रेणा बनेगा
03:24इसलिए हमें बंदे मातरम के एक सो पचासवे वर्ष को भी यादगार बनाना है
03:32आने वाली पीडी के लिए ये समस्कार सरीता को हमें आगे बढ़ाना है
03:40आने वाले समय में बंदे मात्रम से जुड़े कई कारिकम होंगे
03:46देश में कई आयोजन होंगे
03:48मैं चाहूंगा हम सब देशवासी बंदे मात्रम के गवरोगान के लिए
03:55स्वतह स्फूर्थ भावना से भी प्रयास करें
03:58आप मुझे अपने सुझाओ हैश्टेग बंदे मात्रम 150 के साथ जरूर भेजिए
04:07हैश्टेग बंदे मात्रम 150
04:11मुझे आपके सुझाओं का इंतजार रहेगा
04:16और हम सब इस अवसर को एतिहासिक बनाने के लिए काम करेंगे
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