00:00गुरु नानक जैन्ती सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देवजी के जन्मदिवस की रोप में मनाते हैं।
00:30गुरु नानक जैन्ती 5 नवंबर को मनाई जाएगी।
01:00गुरु नानक जैन्ती के दिन सभी गुरु नानक जैन्ती के दिन सभी गुरु द्वारों में विशेश कर, कीरतन, धर्बार और प्रवचन आएगी।
01:28इस दन गुरु नानक देवजी के जीवन वचारों सिक्षाव को याद किया जाता है।
01:35लंगर मूल रूप से वैसे फारसे शुद्ध है। ये गुरु नानक जैन्ती का एक एहम हिस्सा है।
01:41लंगरकार थे किसी भी ज़रुत मंद को भोजन कराना। चाहे उसकी जाती, वर्ग, धर्म या लिंग कुछ भी हो। उसका स्वागत अमेशा गुरु के अतिति के रूप में किया जाता है।
01:51कहा जाता है कि जब गुरु नानक छोटे थे तो उनके पिता ने उन्हें कुछ पैसे दिये और बाजार जाकर सच्चा सौधा करने को कहा।
01:59उनके फिता अपने गाउं के एक जाने माने व्यापारी थे और चाहते थे कि नानक सव बारसाई के उम्र से ही व्यापार सीख ले।
02:06सांसारिक सौधेबाजी करने की बजाए गुरु ने उन पैसों से भोजन खरीदा और कई दिनों से भुके संतों के एक बड़े सम्मू को भोजन कराया।
02:14उन्होंने इसे ही सच्चा व्यापार कहा। इसलिए गुरु नानक जैनती पर जुलूस और समारों के बार गुरु द्वारों में लंगर कायोजन आज भी किया जाता है।
02:23पिल्हाल इस वीडियो में इतना ही। वीडियो को लाइक और शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
02:53झाल में झाल में झाल में मुझे शुलूस और समय के बाबर YouTube ।
Comments