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भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान गंभीर चोट लग गई है। मैच के दौरान एक तेज़ गेंद उनके पसलियों (ribs) के पास जा लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाया गया और सिडनी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्हें आईसीयू (Intensive Care Unit) में शिफ्ट किया है। मेडिकल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि श्रेयस अय्यर की आंतरिक पसलियों के आसपास रक्तस्राव (Internal Bleeding) हुआ है, जिसके चलते लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि श्रेयस को “muscle tear और rib contusion” जैसी इंजरी हुई है — जो गहरी चोट के कारण हुई है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें कुछ दिनों तक सख्त आराम की सलाह दी गई है।

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~HT.408~

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00:00भारत की वंडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अयर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वंडे मैच के दौरान पसलियों में लगी छोट के बाद सिद्नी के एस्पताल में भड़ती कराया गया
00:11फिलाल श्रेयस को आईसीउ में रखा गया है क्योंकि जौच में आंतरिक रक्त्स्त्राव पाया गया है
00:18ऐसे में फैंस खिलाडी के जल्दी स्वस्त होने की कामना कर रहे है
00:41उस रेंज के बियॉंड होती तो ब्रेक हो जाती है जब वो ब्रेक हो जाती है
00:46सिंपल अगर ब्रेकेज है और अंदर के सॉफ्ट इशू यानि प्लूरा या लंग में इंजरी नहीं है
00:52तो उसकी प्रोग्नोसिस एक्सिलेंट है
00:54सभी रिकवर कर जाते हैं
00:56डेड़ भहिने में सब कुछ ही लो जाता है और पूरी नॉर्मल सी आ जाती है
01:00थ्री वीक्स तक पेन रहता है जो ग्रेजूली डेवन से लेके थ्री वीक तक धीरी धीरे कम होता जाता है
01:06अगर रिफ्रेक्चर हुआ और उसने अंदर के सौफट इशू के वल प्लूरा को डेमेज किया
01:13प्लूरा मतलब कि लंग के उपर एक लाइनिंग होती है जो एक सेफ्टी गवर का काम करती है
01:19अगर सिर्फ फ्लूरा में डेमेज हुआ और वो डेमेज भी ऐसा है कि ब्लड जो फ्लूरा कैविटी में गया वो पचास हमिल से कम है तो भी वो अपने आप ठीक हो जाता है
01:29सिर्फ रेस्ट करना पड़ता है अगर उससे ज्यादा होता है तो हमें कभी-कभी उसके इंदर ट्यूब डालनी पड़ती है वो सब ब्लेड निकालना पड़ता है वो एक डिफरेंट प्रसीजर है
01:39और थर्ड चीज़ की इंजरी ऐसी होई कि लंग को प्रैक्टर कर दे तो वो सबसे सीवियर होती है लेकिन टोटली रिकवरी इस ऑल्मॉस 95-97% सभी केसिस में किस ग्रेड की इंजरी है इसके ओपर रिकवरी डिपेंड करती है जैसा आप लोगों से ही बता चल रहा है कि उन
02:09इंजरी थोड़ा बहुत ब्लड आया होगा CT स्कैन में आया होगा तो मैं यह कहना जाता हूं कि फुली रिकवरबल इंजरी है कुछ घबराने की बात नहीं है थ्री वीक्स के बाद वो पेंफ्री हो जाएंगे और शिक्स वीक के बाद वो दुबारा मैधान में जाने के लि
02:39का में रोल यह है कि उनका लंग का एक्स्पेंशन प्रॉपर बना रहे है उनका पेंट कंट्रोल हो और वह जो ब्लीडिंग अगर है चूंकि मेरे पास पीपर नहीं डॉक्कमेंट नहीं तो आइम जस आइप अपने आप रिकवरी हो जाएगी किसी को घबरानी ज़ुरत नह
03:09पर खोल देखने हैं अगर आपको बहुत धिकल रॉक्ष करना पड़ता रहे हैं यह पूरा आपका लंक आड़ को सेडुव हैstore
03:31यह जो बीच-बीच में स्ट्रिप्स जैसा दिख रहा है यह आपको रिप्स कहते हैं
03:35और इसी रिप्स में कहीं इंजरी हुई है शायद उनको
03:38लेफ्ट यह राइट डॉन नो और यह इंजरी बहुत ही
03:42सीरियस से लेकर के बहुत ही संप्ल हो सकती है
03:46अगर रिब इंजरी अंदर सॉफ्ट इशू, हार्ड तक जा रही है, लंग तक जा रही है, तो वो सिग्निफिकन सीडियस है, और अगर कि वाद सुपरफीशियल है, तो बहुत इसम्पिल इंजरी है, जो सिर्फ रेस्ट एंड पेन कंदों से ठीप हो चाहिए।
03:58अगर इंजरी होती है, तो नॉर्मल रूप से रिकवरी कितने दिने में हो जाती है।
04:28ग्राउंड में आने में करीब डेड़ से दो महीने का समय लगेगा। इसमें होता यह है कि जो रिप केज होता है, यानि बोन की जो फ्लेक्सिबिल रिप्स होती है, उसमें रप्चर ब्रेक होई और ब्रेक होकर को शायद प्लूरा में इंजर किया है या लंग में, आइड �
04:58किवल पेन कंट्रोल करने के जरूरत है और उनका ऑक्सिजन मॉनिटर करने के जरूरत है, उनका स्पी ओटू कितना है वो देखने के जरूरत है, अगर सब कुस ठीक है और ग्रेजुली पेन काम हो रहा है, तो मुझे लगता है कि वो एक हफ़ते में डिस्चार्ज हो रहा है
05:28अच्छी तरह से प्रैक्टिस करने के लिए फ्री हो जाएंगे.
05:30डिपेंड करता है कि कितनी डीप इंजरी है, उसके एकॉर्डिंग डेर्ड महीने से तीर महीने के बीच वीच में वो इंटरनेशनल गेम खेलने के लिए फिट होंगे.
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