00:00पंजाब में इस बार दिवाली की रात पराली तो कम जली लेकिन पट्टाखों के धुए से हवा ज़ा
00:30जहरीली हो गई और एर क्वालीटी इंडेक्स यानी एक्क्यूआई का स्तर खतरनाक स्थिती में पहुंच गया
00:37अम्रुत सर और जालंधर एक्क्यूआई का स्तर पांच सोतक रहा
00:45जहरीली हवा के बीच सांस लेना मुश्किल हो गया
00:50राज्य में मंगलवार को भी कूछ स्थानों पर दिवाली व बंदी छोड दिवस मनाया गया
00:59एसे में 38 बाजी से क्यूआई का स्तर और बिगड सकता है
01:06पूरे राज्य में दिवाली के दिन पराली जलाने के केवल 45 केस सामने आये
01:15जो पिछले बर्स के मुकावले 90 प्रतिशत कम है
01:21बर्स 2024 में 31 अक्टूबर को दिवाली वाले दिन राज्य में पराली जलाने के 484 केस आये थे
01:35अब तक राज्य में पराली जलाने के लिए 303 मामले सामने आज चुके हैं
01:43तरन तरन में सबसे ज्यादा अब तक 125 अर अम्रुत सार में 112 मामले सामने आये हैं
01:54एक दिन पहले राज्य में पराली जलाने के 68 केस थे लेकिन सभी सहरों में QI 200 से निचे था
02:07रात 11 से 4 बजे तक सबसे ज्यादा हुआ प्रद्यूशन डिवाली पर देर रात तक पट्टाखे चलाए गए
02:18प्रद्यूशन का ज्यादा असर रात 11 से सुबह 4 बजे के बीच पड़ा
02:25अमृत सर और जालंधर में रात गारा बजे के बाद ही QI का स्तर 500 के खतरनाक आंकडे को छुग गया था
02:39बाढ के कारण भी कम जल रही पराली विशेशग्यों के अनुशार सक्ति के साथ साथ इस बार माझा इला का बाढ की चपेट में आने से बड़े स्तर पर फसल तवा हो गई
02:58सीजन की शुरुआत में माझा क्षेत्र में ही फसल की कटाई पहले होती है ऐसे में माझा क्षेत्र में फसल तवा हो होने के कारण पराली जलाने के मामलों में बड़ी कमी आई है
03:16हाला की मालू आक्षेत्र में फसल की कटाई शुरू होने के साथ ही अगले दिनों में पराली जलाने के मामलों के बढ़ने की संभावना है
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