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  • 10 months ago
GauriShankar is a 2025 Indian Marathi-language action drama film directed by Harekrishna Gowda and produced by MovieRoot Productions and Orange Productions. It stars Harekrishna Gowda, Dakshina Rathod, and Rahul Jagtap in pivotal roles, marking their debut. The story revolves around the love between Gauri and Shankar and the challenges they face in their relationship.
The film was released on 28 February 2025.
Transcript
00:00गौरी शंकर दो हजार पच्चीज की एक भारतिय मराथी भाषा की एक्शन द्रामा फिल्म है, जिसे हरेकृष्ण गौडा द्वारा निर्देशत किया गया है और मुवी रूट प्रोडक्शन्स तथा औरेंज प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनाई गई है.
00:14यह फिल्म हरेकृष्ण गौडा, दक्षिना राठोड और राहुल जगताप की महत्वपूर्ण भूमिकाओं के साथ उनकी डेब्यू फिल्म भी है.
00:25फिल्म की कहानी गौरी और शंकर के प्रेम और उनके रिष्टे में आने वाली चुनोतियों के इर्दगिर घूमती है.
00:32इस फिल्म को 28 फरवरी 2025 को रिलीज किया गया था.
00:39फिल्म आधुनिक युग में प्रेम सम्मान और परंपराओं के बीच के संधर्ष को दर्शाती है.
00:44यह साबित करती है कि सक्चा प्यार किसी भी बाधा को पार कर सकता है, लेकिन उसके लिए संधर्ष और बलिदान की आवश्शक्ता होती है.
00:56कहानी की शुरुवात महाराष्ट्र के एक छोटे से गाव से होती है, जहां शंकर हरे कृष्ण गौरा रहता है.
01:04शंकर एक साधारण, महनती और इमानदार युवक है.
01:11वह अपने बूढे माता-पिता का इकलौता बेटा है और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालता है.
01:18शंकर का स्वभाव बहुत शांत है और वह गाव के सभी लोगों का चहिता है.
01:24वह एक छोटी सी दुकान चलाता है और अपने परिवार को पालता है.
01:32वही दूसरी और गौरी दक्षिना राठोड है.
01:36गौरी एक शहरी उच्चशिट्शित और आधुनिक सोच वाली लड़की है.
01:41वह एक धनी परिवार से तालुक रखती है और अपने माता-पिता की इकलौती संतान है.
01:50उसके पिता एक सफल बिल्डर है और उनकी इच्चा है कि गौरी उनके बिजनिस को संभाले.
01:56गौरी जीवन में आगे बढ़ने की चाहत रखती है और वह स्वतंत्र रहना पसंद करती है.
02:04एक बार गौरी अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने शंकर के गावाती है.
02:11वहां उसकी मुलाकात शंकर से होती है.
02:13शुरुवात में गौरी को शंकर की साधारन जिंदगी और उसकी सरलता समझ नहीं आती.
02:22लेकिन एक घटना उनके रिष्टे की दिशा बदल देती है.
02:27गौरी के एक दोस्त की तबियत अचानक बिगड जाती है और गाव में कुई डॉक्टर नहीं होता.
02:34शंकर बिना किसी देडी के उसे अपनी पीठ पर लाद कर पास के शहर के होस्पिटल तक ले जाता है.
02:42इस दोरान वह गौरी के दोस्त की जान बचाने में काम्याब हो जाता है.
02:46शंकर की इस सरल्ता, बहादुरी और परोपकारी स्वभाव से गौरी बहुत प्रभावित होती है.
02:55धीरे धीरे दोनों के बीच मुलाकाते बढ़ने लगती है.
02:59शंकर गौरी को गाव की सैर कराता है, उसे पेड़ पौधो, नदियों और प्रकृती की सुन्दर्ता से रूब्रु कराता है.
03:09गौरी को शंकर की दुनिया पसंद आने लगती है.
03:12वहीं शंकर गौरी की ज्यान की प्यास और उसकी आधुनिक सोच से प्रभावित होता है.
03:20दोनों के बीच दोस्ती पनपने लगती है, जो जल्द ही गहरे प्यार में बदल जाती है.
03:26गौरी और शंकर का प्यार जब गहरा होता है, तो उन्हें एहसास होता है, कि उनकी दुनियाएं बिल्कुल अलग है.
03:36शंकर एक गरीब परिवार से है, जबकि गौरी एक अमीर घराने से.
03:41यह सामाजिक और आर्थिक अंतर उनके रिष्टे की पहली बड़ी बाधा बनकर सामने आता है.
03:49गौरी जब अपने माता पिता को शंकर के बारे में बताती है, तो उसके पिता रगुनाथ राहुल जकताप को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आती.
03:58रगुनाथ एक महत्वाकांख्शी व्यक्ति हैं और वह चाहते हैं कि उनकी बेटी की शादी एक उच्छ और संपन्न परिवार में हो.
04:08वह शंकर को एक साधारन गाव का लड़का समझ कर उसका अपमान करते हैं और गौरी को उससे दूर रहने का आदेश देते हैं.
04:17वहीं शंकर के माता-पिता भी इस रिष्टे से डरे हुए हैं.
04:24उन्हें लगता है कि अमीर घर की बहु उनके साधारन घर में खुश नहीं रह पाएगी.
04:30इस तरह दोनों तरफ से इस रिष्टे का विरोध शुरू हो जाता है.
04:34गौरी और शंकर इस विरोध के आगे घुटने टेकने को तयार नहीं हैं.
04:42वे दोनों मिलकर हर चुनौती का सामना करने का फैसला करते हैं.
04:47गौरी अपने पिता को समझाने की कोशिश करती है कि प्यार जाती धर्म या अमीर गरीब नहीं देखता.
04:54वहीं शंकर गौरी के पिता के सामने यह वादा करता है कि वह गौरी को कभी दुखी नहीं रखेगा और उसके सपनों को पूरा करने में उसका साथ देगा.
05:06लेकिन प्रगुनाथ अपनी बात पर अड़े रहते हैं.
05:10वह गौरी को जबर्गस्ती एक अमीर परिवार के लड़के से शादी के लिए राजी करने की कोशिश करते हैं.
05:19जब गौरी इसका विरोध करती है तो रगुनाथ उसे घर में नजर्बंद कर देते हैं.
05:26गौरी के नजर्बंद होने के बाद शंकर तूट सा जाता है.
05:30लेकिन वह हार मानने वाला नहीं है.
05:35वह गौरी से मिलने का रास्ता ढूंडता है और अंट में एक दिन रात के अंधेरे में चुपचाप गौरी से मिलने उसके घर पहुँच जाता है.
05:44इस मुलाकात में गौरी और शंकर फैसला करते हैं कि वे समाज और परिवार के डर से अपना प्यार नहीं त्यागेंगे.
05:54वे एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते.
05:57लेकिन यह मुलाकात रगुनात के गुंडों द्वारा पकड़ी जाती है.
06:01वे शंकर को पीटते हैं और उसे गाव छोड़ने की चेताबनी देते हैं.
06:09शंकर को बुरी तरह घायल छोड़ दिया जाता है.
06:13इस घटना से शंकर में एक नया जोश भर जाता है.
06:17वह समझता है कि अब केवल प्यार ही काफी नहीं है, बल्कि ताकतवर बनने की जरूरत है.
06:26शंकर फैसला करता है कि वह अब साधारन जिन्दगी नहीं जिएगा.
06:32उसे गौरी को पाने के लिए खुद को मजबूत बनाना होगा.
06:35वह गाव छोड़कर शहर आता है और वहां कड़ी महंट करना शुरू करता है.
06:43वह दिन में मजदूरी करता है और रात में पढ़ाई करता है.
06:48धीरे धीरे वह एक सफल व्यवसाई बनने की ओर अग्रसर होता है.
06:54इस बीच गौरी भी हार नहीं मानती.
06:56वह अपने पिता के विरुद्ध जाती है और साबित करती है कि वह सिर्फ एक भोग की वस्तु नहीं बल्कि एक सशक्त इनसान है.
07:08वह अपनी पढ़ाई पूरी करती है और एक सफल करियर वुमन बनती है.
07:14कई साल बीच जाते हैं.
07:16शंकर अब एक सफल और समरिध व्यवसाई बन चुका है.
07:22वह अब वह साधारन गाव का लड़का नहीं रहा बल्कि एक नामी व्यक्ती बन गया है.
07:29उसने अपने माता पिता को भी शहर बुला लिया है और उन्हीं सभी सुक्सुविधाय प्रदान की हैं.
07:36एक व्यापारिक समारोह में शंकर की मुलाकात फिर से गौरी और उसके पिता रगुनाथ से होती है.
07:45रगुनाथ शंकर को पहचान नहीं पाते क्योंकि अब शंकर पहले जैसा नहीं रहा.
07:52वे उससे व्यापारिक सौदा करने की इच्छा रखते हैं.
07:55शंकर खुद को पहचान देता है और रगुनाथ के सामने सारी बात रखता है.
08:03वह बताता है कि कैसे उनकी वजह से उसे गौरी से बिछड़ना पड़ा और कैसे उसने संधर्ष करके खुद को साबित किया.
08:12रगुनाथ को अपनी गल्ती का एहसास होता है.
08:15वे शंकर के सामने जुकते हैं और माफी मांगते हैं.
08:22गौरी और शंकर का मिलन होता है.
08:25रगुनाथ अब उनके रिष्टे को स्वीकार करते हैं और उन्हें आशिरवाद देते हैं.
08:31आखिरकार गौरी और शंकर की शादी होती है, जो दो अलग-अलग दुनियाओं के मेल को दर्शाती है
08:38फिल्म का अंत बहुत ही सुखद और प्रेनादायक होता है
08:45गौरी और शंकर एक साथ रहते हैं और अपने परिवारों के बीच सामन जस्य स्थापित करते हैं
08:51शंकर का गाव अब उनका दूसरा घर बन जाता है, जहां वे समयस्मय पर जाते हैं और वहां के विकास के लिए काम करते हैं
09:01फिल्म का अंतिम द्रिश गौरी और शंकर को उसी गाव में बैठ कर सूरियास्थ देखते हुए दिखाता है जहां उनकी पहली मुलाकात हुई थी
09:11वे हाथों में हाथ डाले एक दूसरे के साथ खुशी-खुशी जीवन बिताने का बादा करते हैं
09:18गौरी शंकर फिल्म एक ऐसी कहानी है जो प्रेम, संधर्ष और सफल्ता की मिसाल पेश करती है
09:26यह फिल्म दर्शाती है कि सच्चा प्यार किसी भी बाधा को पार कर सकता है
09:33बशर्ते की दोनों साथी एक दूसरे पर विश्वास बनाये रखें और संधर्ष करने का होसला रखें
09:39शंकर का चरित्र सिखाता है कि इंसान अपनी मेहंत और लगन से किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है
09:47वहीं गौरी का चरित्र आधुनिक नारी की ताकत को दर्शाता है जो अपने फैसले खुद ले सकती है
09:55हरे क्रिश्न गौरा और दक्षिना राठोर ने अपने अभिने से किर्दारों में जान डाल दी है
10:02राहुल जगताप ने खलनायक की भूमिका को बखुबी निभाया है
10:08फिल्म की कहानी द्रिश्यांकन और समवाद दर्शकों को बांधे रखते हैं
10:15कुल मिलाकर गौरी शंकर एक ऐसी फिल्म है जो दिल को छूजाती है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेयना देती है
10:23यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है बलकि समाज में फैली जातपात और अमीरगरीब की खाई को पाटने का संदेश भी देती है
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