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  • 3 months ago

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Transcript
00:00अब विपुल और अराध्य एक दूसरे को प्यार का इजहार करते हैं
00:02मगर उनकी शादी के बीच सबसे बड़ी कठिनाई
00:04उन दोनों के पिता हैं जो एक दूसरे के जानी दुश्मन है
00:07क्योंकि अराध्या के पिता पुने के सबसे बड़े गुरु सखाराम महाराज है
00:10और विपुल के पिता इंडिया के सबसे बड़े नास्तिक
00:12एक टीवी डिबेट शो में सखाराम महाराज कहते हैं कि
00:15मगर लेनिन सत्यम कहते हैं कि ये सब अंध विश्वास है
00:20जिसके बाद दोनों की जमकर बहस होती है
00:22विपुल और अराध्या काफी मशक्कत के बाद
00:24अपने पिताओ को मिलाने लिए लाते हैं
00:26जहां सखाराम उनसे कहते हैं कि शादी से पहले में
00:28दोनों की कुंडली चेक करूँगा
00:29सत्यम कहता है वो इन सब में नहीं मानता
00:31तभी उसकी पत्नी उन्हें कुंडली देने लगती है
00:32पर सत्यम उसे फाड़ देता है
00:34पर फिर वो उन्हें दूसरी कुंडली निकाल कर देती है
00:36कुंडली देखकर सखाराम जी कहते हैं कि
00:37दोनों की कुंडली में नाडी दोश है
00:39यदि इनकी शादी हुई तो इनका जीवन आसान नहीं होगा
00:41दुख और संतान प्राप्ति की समस्या और घर में कलेश ही कलेश होगे
00:44जिसके समाधान के लिए पुत्र और पिता को एक साथ नाड़ी निवारन हवन करना होगा
00:48मगर सत्यम कहता है वो इस शादी की इजासत कभी नहीं देगा
00:51विपुल और अराध्या अपने घर वालों से कहते हैं कि हम एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते
00:55और आप मानो या ना मानी
00:56हम कल शादी कर रहे हैं जिसके बाद दोनों के पिता उन्हें घर से निकाल देते हैं
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