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  • 3 months ago

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Transcript
00:00विपुल कश्मीर की हसीन वादियों का लुद्फ उठाने के लिए अपनी पोस्टिंग कश्मीर में करवा लेता है
00:04मगर कश्मीर पहुंचते ही वो देखता है कि यहां तो आए दिन बमधमाके और आतंकवादी हमले होते रहते हैं
00:08और खाने को भी बस सेव ही मिलते हैं
00:10सुबह जब वो हलका होने जाता है तो टॉयलेट बहुत गंदा होता है
00:13इसलिए वो ठंड में काँपते हुए पत्थरों के पीछे ही हलका होने लगता है
00:15मगर धोने के लिए वो जो पानी लाया था वो जम कर कुल्फी बन जाता था
00:19एक दिन वो नाव पर लेटे हुए अपना ट्रांसफर कहीं और करवाने का सोच रहा था
00:22कि तभी उसकी नजर दूसरी नाव पर बैठी एक लड़की पर पढ़ती है
00:25जिस पर वो लट्टू हो जाता है
00:27उसका पीछा करते हुए वो कहता है कि मैं आ रहा हूँ बेगम
00:29किनारे पर आकर विपुल लड़की से कहता है कि बेगम तुमसे कुछ गुफ्तकू करनी है
00:33उसकी सहेली उससे जूट बोलती है कि हम पकिस्तान से आये हैं
00:36इसके चोटे भाई फिरोज को ढूंडने और इसके बाप दादा सब आतंकवादी है
00:39इसलिए तुमने अगर इसे देखा भी न तो एक 47 से भून देंगे
00:42विपुल कहता है कि मरने से पहले एक बार इश्क तो करी लेंगे
00:45बंटी उससे कहता है कि आतंकवादी से इश्क मत कर वरना तुझे बम से उड़ा देगी
00:49विपुल कहता है कि आतनकवादी भी तो इंसान ही होते है न, उनका भी तो दिल होता है, पर तब भी वो दोनों उसे बाबाजी का ठुलू दिखा के चली जाती है
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