00:00सेक्स एजुकेशन नवी के बजाए और पहले से बच्चों को दी जाने जाहिए संबंधित अधिकारी इस मामले पर ध्यान दें और ऐसे कदम उठाएं ताकि बच्चों को प्यूवर्टी से शरीर में होने वाले वदलाबों के बारे में बताया जा सके
00:14कोट ने ये बात एक 15 साल के बच्चे को बेल देते हुए कही दरसल बच्चे पर सेक्शन 306 यानि रेब सेक्शन 506 यानि क्रिमिनल इंटिमिडेशन सेक्शन 6 और पॉसको के चार्जिस लगे थे
00:27कोट ने देश में लगातार बढ़ते दुशकमों के मामलों को रोकने के लिए ये एहम टिपनी की
00:32दरसल हाल ही में सुप्रीम कोट बच्ची के साथ रेब के आरोपी की जमानत याची कबर सुनवाई कर रही थी
00:38इस दरान सुप्रीम कोट ने बच्चों की सेक्स एजुकीशन पर समवेदंशील और महतोपून टिपने की
00:44नयामूर्थी संजेकुमार एवं नयामूर्थी आलोक राथिकी पीट ने कहा कि यौन शिक्षा केबल नवी कक्षा से शुरू नहीं होनी चाहिए
00:52बल्कि इसे छोटी उम्र से ही शुरू करना चाहिए
00:55कोट ने ये भी न्रिडेश डिये कि विद्यालियों में उच्च थर मादे मिक स्थर से यौन्ज शिक्षा को पाठेक्रम में शामिल कیआ जाना चाहिए
01:02ताकि चोटी उम्र से ही बच्चों को खिशोरावस्ता में होने वाले हार्मोनल वदलावों की जानकारी रहे।
01:09इसके अलाबा बच्चों को शादिदिक देखवाल और सावधानियों से भी समय रहते रूबरू करवाया जा सके।
01:15वहीं बात अगर NCRV की आंकडों की करें तो NCRV की साल 2022 की रिपोर्ट बताती है कि देशभर में बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीडन के 64,479 मामलों में से 38,444 मामले सिर्फ बच्चियों से यौन उत्पीडन के थे।
01:30यानि हर घंटे 4 और हर 15 मिनट में एक बच्ची यौन उत्पीडन का शिकार हुई।
02:00कि स्थिती शायद कुछ अलग हो सकती है क्योंकि भारत में आज भी ज्यादतर लोग लाज की चलते ऐसे मामलों को दवा लेते हैं।
02:07ऐसे में जरूरी बच्चों को सेक्स एजुकेशन का ग्यान नवी कक्षा से पहले देना चाहिए।
02:13दरसल किशोरावस्ता से पहले ही बच्चों में हर्मोनल चेंज होने लगते हैं और किशोरावस्ता में पहुशने तक ये बदलाब नजर आने लगते हैं।
02:21इसलिए किशोरावस्ता से पहले बच्चों को सुरक्षित सेक्स और गर्वनिरोदकों के बारे में बताया जाना चाहिए।
02:43सेक्स्टिंग यानि सेक्शुल टेक्स्ट मैसेज सहित इंटरनेट सुरक्षा के बारे में भी बताना चाहिए वहीं आपका इस पर क्या सोचना है कमेंट बॉक्स पर प्रप्ति राइज जरूर दे इस वीडियो में फिलहाल इतना ही खबरों से जुड़े ताज अपडेट के �
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