00:00ठकान शरीर की होती है, हिम्मत दिल की, और दिल अगर मजबूत हो तो जीत तैह है, हार का डर छोड़ो, हिम्मत की रहा पकड़ो, क्योंकि जो जीतने निकले हैं, उन्हें रुखना नहीं चाहिए, इतना जुनून रखो की हार खुद तुमसे माफी मागने को मजबूर हो जा�
00:30हो हुआती है, हम्मत की है।