00:00राश्ट्र सिर्फ जमीन का एक टुकडा नहीं होता, ये उन लोगों की सांसों से बनता है, जो अपने सपनों से
00:09पहले अपने देश का नाम लेते हैं, राश्ट्र वो ताकत है जहां एक सैनिक अपनी नेंद कुर्बान करता है, एक
00:18किसान अपनी भूख भूल जाता है, और एक
00:22मा अपने बेटे को तिरंगे में लिपता देखकर भी गर्व महसूस करती है, जिस मिट्टी में त्याग, संसकार और बलिदान
00:32की खुश्बू हो, उस मिट्टी को ये दुनिया राश्ट्र कहकर सलाम करती है, एक सलाम मेरे देश के नाम, जय
00:41हिन, जय भारत
Comments