00:00कहे ओरी इछ पति सुनु हनु माना
00:08काचुकु साधी रहे उबलवाना
00:16पावन तनय बल पावन समाना
00:23बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना
00:31स्री जामुवंद जी श्री हनवान जी से बोले आप जाएंगे न उस पार
00:35हनवान जी आख बंद करके
00:37जामन जी बोले हरमान जी
00:54कवन सुकाजिक ठिन जग माही
01:01जो नहीं होई तात तुम पाही
01:05जामन जी स्मर्ण दिलाते है
01:11रामकाज लगिताव अवतारा सुनत ही भय उपर वताकारा
01:19जैसे जामन जी ने कहा हरमान जी रामकाज लगिताव अवतारा
01:31आपका अवतार ही रामकारी के लिए हुआ है
01:36शिरमान जी सुने सुनत ही भय उपर वताकारा
01:42ए फिशान लोग धारम कर लिया रमान जी सिंग नाद करिबार ही बारा
01:49लेला ही नाघाओ जलनी दिखारा
01:57सहित सहाय राम नहीं बारे
02:03आनोई हाथ कोडव पारे जामवन्त मैं पूछाँ तो ही
02:14हरमान जी करदने लगे
02:20जामवन जी बुले पहले नीचे आईए
02:23पहले बराबरी में आईए
02:25आप न रावन को मारिएगा न सेना को मारिएगा न लंका लाईएगा
02:31इतना कर हुँ ता ता तुम जाए
02:36एत्मना करहूता को मगाए
02:43सीत तहीं देखी कहाँ सो दिखाए
03:01जैया जैया स्री सीता
03:05प्राइब कर दो
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