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  • 1 year ago
सागर में 2000 साल से ज्यादा पुरानी दुर्गा प्रतिमा हरी सिंह गौर पुरातत्व संग्रहालय में रखी हैं. इस दुर्गा प्रतिमा के 20 भुजा हैं. वहीं उनके साथ 2 सिंह हैं. जानकार इसे दुर्गा का सर्वोच्च शक्तिमान स्वरूप कहते हैं. देवताओं द्वारा दुर्गा को अस्त्र-शस्त्र और सिंह प्रदान किया गया था. असीम शक्तियां दी गई थीं. ताकि वह दैत्यों और दानवों का विनाश कर सकें. उस समय महिषासुर दैत्य से सृष्टि परेशान हो गई थी और मां दुर्गा ने उसका संहार किया था. ऐसा कहा गया है कि इसका पद्म पुराण में उल्लेख मिलता है. ब्रिटिश काल में ये मूर्ति सागर छावनी में रखी थी. जिसको बाद में संग्रहालय में लाया गया. 

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Transcript
00:002000
00:04साल से ज़्यादा पुरानी 20 भुजाओं वाली दुरलभ दुरुगा की प्रतिमा
00:08मद्यप्रदेश की सागर युनिवस्टी के हरिसिंग गोर प्रातत्तु संग्रैले में रखी है
00:12इस प्रतिमा में दुरुगा के सर्व शक्ती रूप के दर्शन होते हैं
00:16इसमें दो शेर हैं
00:17ग्यारवी शादाब्दी की स्प्राचीन प्रतिमा का वर्णन पदम पुरान में मिलता है
00:32ये कल्चोरी काल की अद्बुत कला का नमूना है
00:34इसमें देवी त्रिशाखा पर ललितासन मुद्रा में विराजमान है
00:46ब्रिटिश काल में ये मूर्ती सागर चावनी में रखी थी
00:52जिसके बाद इसे संगरहल्य में लाया गया
00:54और विदिवत इसको यहां स्थापित किया गया
00:57ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत

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