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00:04साल से ज़्यादा पुरानी 20 भुजाओं वाली दुरलभ दुरुगा की प्रतिमा
00:08मद्यप्रदेश की सागर युनिवस्टी के हरिसिंग गोर प्रातत्तु संग्रैले में रखी है
00:12इस प्रतिमा में दुरुगा के सर्व शक्ती रूप के दर्शन होते हैं
00:16इसमें दो शेर हैं
00:17ग्यारवी शादाब्दी की स्प्राचीन प्रतिमा का वर्णन पदम पुरान में मिलता है
00:32ये कल्चोरी काल की अद्बुत कला का नमूना है
00:34इसमें देवी त्रिशाखा पर ललितासन मुद्रा में विराजमान है
00:46ब्रिटिश काल में ये मूर्ती सागर चावनी में रखी थी
00:52जिसके बाद इसे संगरहल्य में लाया गया
00:54और विदिवत इसको यहां स्थापित किया गया
00:57ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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